00:00।
00:30कमी, पुराने ढाचे और टूटे-फूटे हिस्सों की वजह से लोग परिशान है
00:34इस्टेशन पर पेजल की विवस्था लगभग ना के बराबर है
00:40कई बार यात्यों को इस्टेशन से बाहर जाकर पानी लाना पड़ता है
00:44जो बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद कठिन होता है
00:48प्लाटफॉर्म पर परियाप्त छाया या शेड भी नहीं है
00:51जिससे तेज गर्मी में यात्यों को और परिशानी होती है
00:55कि क्लाइग स्टेशन का जो दर्जा है वो हटना चाहिए कुलवर ऐसा स्टेशन है जो तीन जीलों को जोड़ती है
01:04पहला तो भोजपूर दूसरा पठना और तीसरा जो यहां से 25 किलोमेटर दूर छपड़ाजिला सारंजिला है
01:10हाला कि किराया और टिकट से रेलवे को प्रतीमा लाखो रुपए का राजस्व मिलता है
01:27लेकिन इसके बावजूद यात्यों के लिए पानी, शौचाले और प्रतिक्षाले जैसी बुनियादी सुविधाय मौजूद नहीं है
01:34कई लोग शिकायत करते हैं कि ये स्टेशन अपने इतिहास के बावजूद आज भी सुविधाओं से वन्चित है
01:40रोजाना यात्रा करने वाले दीपक गुपता कहते हैं कि हम ट्रेन के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं
01:48यहाँ पीने का पानी नहीं मिलता और शेड की ववस्था नहीं है
01:51दुजुर्ग और महिला यात्रियों के रिए ये स्थिती और भी चुनौती पून है
01:56दीपक कहते हैं कि रिल्वे प्रशासन ततकाल पेजल सोचाले और छाया शेड जैसी बुनियादी सुविधाय महया कराए
02:03ताकि यात्रा और इंतजार करना आसान हो सके
02:26करते हैं बहुत सारी मोटा मोटी यहां स बसका i metले है
02:49dade
02:53बावजूद इसके यहां का जो हाल है वो बहाल है आप अगर कैमेरा चारोट तरप गुमायाकर देखेंगे भी तो देखेंगे के इस्टेशन की बदहाली कीशोर है
03:00कोईलिवर स्टेशन किवल एक रेल्वे स्टेशन नहीं बलकि यात्रू के आवाज है अब इंतजार है किवल बहतर सुविधाओं का इस मामले में दानपुर के CPRO ने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द स्टेशन पर सुविधा बहाल की जाएगी
03:15भोजपुर से इटवी भारत के लिए आलोक भारती की रेपोर्ट
Comments