00:00आपको हमें ऐसा लग रहा है कि मंदिर में गए टीका लगाया थोड़ा रामराम किया हो गई भक्ती थोड़ा उपवास किया हो गई भक्ती नहीं होता वैसे यह कोई भक्ती नहीं है
00:10सिर्फ अपने आपको तुम एक मांटसी कि समधान देने के लिए सारी प्रक्रिया कर रहे है और कुछ नहीं
00:16वकल ऐसा नहीं कि तुम्हारे या फिर तुम्हारे बच्चों को कोई पूछे कि बताओ तुम्हारे पास राम राम के नाम क्या लओ और क्या है
00:24राम तो कालपनिक थे बोल दिया तो बच्चे इंफ्लिएंस होने में कितना समय लगता है बहुत कम समय लगता है लेकिन जब तुम्हें ऐसे ग्यान उनको दोगे
00:33कलाओं का ग्यान और अधन जो चीज़े थी उनका ग्यान तो बच्चे मानेंगे कि हाँ राम थे
00:40हमारी बात को थोड़ा गोर से आप सोचोगे तो आपको समझाएगा नहीं तो अन्यते बाते आपकी दिमाग की भारत वैसे भी चली चाहेंगे
00:48आज विज्ञान का नितरुत्व भारत नहीं करना चाहिए था क्योंकि हमारे पास वेद हैं सब चीज़े हैं लेकिन आज नितरुत्व नहीं कर पा रहा है आज हम किसी के पीछे भाग रहे हैं इसका कारण यही है क्योंकि तुमने सिर्फ हाथ में माला पकड़ना सीखा कभी
01:18अगर ग्यान होता जानक के जैसे अगर विद्वान यहाँ पे होते ग्यानी लोग अगर यहाँ पे होते कौन भारत को जुका सकता है कौन कभजा कर सकता है कोई नहीं लेकिन हमने क्या सोचा नहीं माला पकड़ लेंगे सब हो जाएगा नहीं होता वैसे वो राम का युद्�
01:48चुका है कि हम हाथ में माला लेंगे तो ऐसा हो जाएगा कि हमने बहुत भक्ती कर लिए प्रती दिन हम खुद एकला कराम नाम का जाप करते हैं फिर भी आपको बताएंगे सिर्फ उससे काम नहीं चलेगा ये जो चोटी चोटी चीज़े हम आपको भविश्य में बताएंगे �
02:18पास हमारी इस प्राचिन विद्याओं के पास ग्यान था सिर्फ माला नहीं थी कि कोई राम होंगे कोई कुछ होगा सच में सब चीज़े थी तब तुम साबित कर पाओगे हैं है ना नहीं तो आजकल कितने लोग पड़े हैं पिछे तुम्हें जूटा साबित करने के लिए
02:48राम करो देखो तुम्हारे राम के नाम में कितने ताकत आती है सिर्फ माला लेके कोई राम थे कोई है क्या थे बगवान मेरे सामने प्रकट हो जाए प्रकट हो जाए क्यों तुम्हारे दृष्टी ऐसी नहीं कि तुम चराचर में देख सकते हो तुम्हें ऐसे प्रकट ही स
03:18जादरहन लोग नहीं थे ग्यान था उन में और फिर वो हट करते थे
03:22कि भगवान हमेरे सामने प्रकट हो यह तुम्हारे हमारे जैसे नहीं कि
03:26कोई बुक पड़ी और भक्ति मार्क शुरू हाथ में माला ले ली जाप करना शुरू वैसा नहीं होता था
03:33तुम हो दिस्या देने में सक्षन नहीं क्यों क्यों क्योंकि ग्यान नहीं है
03:37शायदे आपको कोई इतिहास में बोला होगा हम आज पहली बार ये बोल रहे हैं कि भक्ति की नीव ज्यान है
03:45बिना नीव के कब तक तुम टिकोगे हैं इसलिए हम आपको सावधान करना चाहते हैं
03:56आजकल जो समाज में चल रहा है शायद ये दिशा भूल हो सकती है बविश्य में साबित
04:01इस बात को आप थोड़ा गहराई से सोचो अपनी बुद्धी का कभी प्रयोक तो करो सही
04:08तुम्हें बेहुशिका जेवन सिखाया गया कि माला लो और राम राम जबते रहो और कुछ सोचो मत
04:15कुछ की बुद्धी लगाओ मत
04:16कृष्ण भगवान ने फिर वैसे ही करना चाहिए था
04:21महाबारत के सभी उद्धाने बोलना चाहिए था कि ये शस्तर क्यों माला हाथ में लेते हैं भगवान
04:26छोड़ दो
04:27राम भगवान ने भी बोलना चाहिए था क्यों रावन से उद्ध करना
04:31माला हाथ में लेते हैं
04:33तनुष्य छोड़ दो
04:34हनुमान जी जितना बड़ा भक्त इस दुनिया में कोई नहीं हनुमान जी भी बोलते राम जी क्यों गदा किये वशकता क्यों मुझे इतनी शाररिक बल किये वशकता छोड़ दो इसे दर राम राम जबते रहता हूं काम हो जाएगा
04:48कभी हुआ ऐसा दुनिया के सबसे बड़े भक्त मतलब हनुमान वो भक्त सबसे बड़े इसलिए बने क्योंकि उनकी नीव ज्ञान थी
05:04देवता में सबसे ज्ञानी किसको मना जाता है गनपती और हनुमान जी को
05:10झाल
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