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  • 6 months ago
अमेरिका से ट्रेड डील के बाद हैंडीक्राफ्ट उद्योग राहत की सांस ले रहा है. जोधपुर से सालाना 4500 करोड़ का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट होता है.

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00:00पिछले 10 महीनों से टैरिफ का जो अटेक अमेरिका के द्वारा चल रहा था उसे भारत के कई सेक्टर्स प्रभवित थे खल जो बाचीत हुई है उसके अंतरगत भारत पर 50% की जगे 18% की टैरिफ लगाने का प्रावजान अमेरिका सरकार ने किया है भारत और भारत के सभी उ�
00:30करता हूं इस टैरिफ चेंज के अंतरगत जिन प्रमुक उद्योगों को लाग मिलने वाला है उसमें प्रमुक रूप से रेडिमेट गार्मेंट, और्नामेंट्स, रतनाबुशन, ओटोपार्ट्स, लेदर, रसायन, स्टील, सीफूड, मसीनरी, फरनीचर और हैंडिक्राफ
01:00कि अब जो टैरिक्स का प्रावदान किया गया है वो वेतनाम, बंगलादेश, पाकिस्तान से भी कम है, उनकी 20% है और भरत के लिए 18% पस्तावित है, तो इसे निश्चित रूप से हमारे एक्सपोर्टर्स को बहुत बड़ा लाब होने की संभावना है, रोजगार बढ़न
01:30किये गया है, उससे भी इंडिस्ट्री को बुष्ट सब बहुत बड़ा बुष्ट मिलने वाला है, रुपनितिक, सूज-भूज और धैरिय की जीत है, जो वास्तों में आज हमें देखने को मिल रही है, और इससे निश्चित रूप से भारत आत्म निर्वरता की और वर्ड
02:00से गठा कि 18% कर दिया गया है, मैंने अगर पहले अकबार वालों से प्रेस में मेरी जब भी बात हुई TV चैनल से, तो मैंने एक साफ का था कि वक्त पता नहीं कब होगा, लेकिन अगले कुछ महीनों में ये टेरिफ जरूर कब होगा, मेरा ऐसा कि कोई बात नहीं है, भारत स
02:30अगलोजिकली एफेक्ट बनावा था व्यापार के उपर, इस्पेशली अपर राजिस्तान जो तुर्की पर इपक से देखे हैं, तो हेंडिक्राफ्ट और टेक्स्टाइल के व्यापार के उपर जो एक अनिश्चिता का थोड़ा सा महल बनावा था, उसमें बिलकुल अब �
03:00बनावा आएगा, जो अभी एंडिक्राफ्ट और टेक्स्टाइल एक्सपोर्ट मार्केट थोड़ा सा विसम परिस्तिती में था, उनको कापी उमीद की रहा मिल रही है, और यह संकट के बादल तल गए हैं, और इमूद की किरने अभी आ गई है, और निश्चित मेरे तो य
03:30लेकि जिसेज कर टेक्स्टेल और हैंडिक्राफ्ट जोड़पुर का देखो तो हैंडिक्राफ्ट और इंडियावाज देखो तो टेक्स्टेल सेक्टर के अंदर बहुत बड़ा इसमें उठाल आएगा.
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