00:00ट्रॉनल्ड ट्रम्प में वादा किया था कि वो राश्पती बने तो अमेरिका को फिर से महान बनाएंगा
00:18पूरी दुनिया को अमेरिका की ताकत और मर्जी के आगे जुका दे
00:21लेकिन वाइट हाउस में उनकी सत्ता का एक साल पुरा होने के बारे
00:25दोहजरशबिस के इस मोड़ पर जरा स्कोरबोर्ट देखिए और सोचिए आखिर असली जीत किसकी हो रही है
00:31क्या ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट की नीती अमेरिका को वाकई ताकत और शक्तिचाली बना रही है
00:36या फिर उसे दुनिया में अकेला छोड़ रही है
00:38पूटनीती में करेंगे आज इसी मुद्दे की परताल
00:40नमस्कार आपके साथ तुम्हें प्रणे में पाद धार
00:43तस्वीर साफ है
00:45एक तरफ ट्रम्प टैरिफ की धंकियां दे रहे हैं
00:48और अपने ही सहीयोगियों के से जगड़ा करते नजर आ रहे है
00:50वहीं दूसरी तरफ चीन है
00:52जो उनके सहीयोगियों के लिए लाल कालीन विछा रहा है
00:55ब्रिटन, जर्मनी, फ्रांस और यहां तक की कनड़ा
00:58अमेरिका को छोड़कर चीन के करीब जाते नजर आ रहे है
01:02यह तमाम वो देश हैं जो कि अमेरिका के बेहत करीबी साजेदार रहें
01:06अमेरिका पर निर्भर रहें
01:09मगर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बरसुत तक अमेरिका का साथ निभाने वाले
01:12उसके साजेदार रहे यह दोश्त देश अब छिटक रहें
01:16इसका जवाब है ट्रम्प देशों के गडबंधन को भी व्यापारिक सौदों की तरह देख रहा है
01:21इसलिए साफ है कि या तो आप सौदे में खीमच चुकाएं या फिर सजाभगतें
01:28लेकिन गडबंधन तो भरोसे पर चलता है और जब भरोसा तूटता है तो लोग नए और भरोसे मंच साथी ढूनने लग जाते है
01:34चीन इसी कमी का फाइदा उठा कर खुद को एक स्थिर और जिम्मेदार विकल्ब के तौर पर इन तमाम अमेरिका के साचेदारों के सामने पेश करने में चुटा है
01:43मौजूदा राज़ीती में कनड़ा का उधारन सबसे जबाद चौंकाने वाला है
01:47प्रदान मंतरी मार्क कारणी ने चीन के साथ हाथ मिलाया है ताकि कनड़ाई किसानों को राहत मिल सके
01:53जाहर है राशपती डॉनल्ड टरंप इस बात को लेकर बिफरे हुए
01:56गुसे में और गुसे में आकर उन्होंने कनड़ा पर 100% टैरिफ की धंकी दे डाली
02:01लेकि जवाब में कनड़ा ने समरपन नहीं किया बलकि रणनी तिक दूरी बना ली
02:06साथ ही कारणी ने इसाफ कर दिया है कि अमेरिका में अब कुछ भी नॉर्मल नहीं रहा है
02:10लेकि मामला केवल आरोपों और तंज तक सीमित नहीं है
02:14बलकि अमेरिका के लिए उसका सबसे करीबी पड़ोसी मुल्क अगर व्यापार के लिए चीन की तरफ जुतने लगता है
02:20तो समझना चाहिए कि उसकी जमीन खसक रही
02:23आला कि इसके लिए चीन को कुछ खास करने की जरूरत नहीं पड़ी
02:27ट्रम्प की अनिश्यता और अस्थिर्ता वाली राज़नीती के आगे उसे बस केवल अपनी स्थिर्ता का विग्यापन करना था
02:34हाल ही में दावोस के मंच पर जहां अमेरिकी राशपती रॉनल्ड ट्रम्प अपनी टैरिफ नीतियों की तारीफ करते नहीं ठक रहे थे
02:40वहीं चीन बहु पक्षवात यानि मर्टि लाटरलिजम और मुक्त व्यापार की बात पर लगातार जोड देता रहा
02:47रेटिंग के आंकड़ी भी देखें तो साफ नज़र आता है कि यूरपी संग में अब केवल 18 प्रितिशत लोग ही अमेरिका को अपना पक्ता सही होगी मानते हैं
02:55तक्षिन अफ्रीका और व्राजील जैसे देशों में अमेरिका के मकाबले चीन की साख अमेरिका से कहीं ज़ादा मजबूत नज़र आ रही
03:02सबसे बड़ी बेड़मदा तो ये है कि ट्रम्प जो चीन को दुनिया से अलग थलग करने की बात कर रहे थे
03:09लेकिन उन्होंने अमेरिका के आगे जो नीतियां रखी है और जिन नीतियों पर वो अमेरिका को आगे ले जा रहा है
03:15उस ताने बाने ने अमेरिका के लिए एक अलगी चनौती बुन दी है
03:19जिसे बनाने के लिए अमेरिका ने लंबी मेहनत की ती वो साजेदारी अब तार-तार होती नजर आ रहे हैं।
03:26विशलेशक कह रहे हैं कि ट्रम्प अंजाने में चीन के उठ्थान के लिए सबसे बड़े राजनितिक सहियोगी बन रहे हैं।
03:33अंतरराश्टी राजनितिकी बिसाथ पर चीन की रणनिती भी साफ नजर आती है।
03:37एक सिध्धान पर वो लगातार काम कर रहा है।
03:40यानि जब आपका दुश्मन गल्ती करे तो उसे कभी मटोकी है।
03:44बलकि टैरिफ की हर धंकी के आगे चीन में एक नया अफसर हो जा है।
03:48सौदे पूरा नहोने पर जहां टरम्प के बयानों से जुझलाहट और तलकी कई देशों के अंदर नजर आ रही है।
03:54वहीं चीन के नेता उन देशों के साथ हाथ मिला रहे हैं।
03:57उनके साथ सौदे कर रहे हैं।
03:58उन्हें रियायतें दे रहे हैं।
03:59दुनिया देख रही है कि चीन भविश्य की वर्कशॉप बनता चला जा रहा है।
04:03जहां वेश्विक्स अंचालन के लिए मॉडल टेस्ट किये जा रहे हैं।
04:06जबकि अमेरिका एक सख्त कस्टम आफिस की शकल में नजर आ रहा है।
04:11ये पुराना सिध्धान थै कि बड़ी शक्तियां तब उभरती हैं जब उनके प्रतिवन्द भी खुद को कमजोर करने में जुट जाते हैं।
04:18इस दशक में अमेरिका की तरफ से की जा रही रणनितिक लापरवाहियां चीन के लिए एक मौका भी बन रही हैं और विरासती।
04:24ट्रम्प अमेरिकी महानता का शोर जरूर मचा रहे हैं लेकिन दुनिया लगातार ये बात देख रही है कि चीन किस तरीके से इस संकट के बीच अवसर जुटाता चला चा रहा है।
04:34ऐसे में राश्पती डॉनलर्ड ट्रम्प को ये सोचना होगा कि उनका नारा कहीं अमेरिका की बजाए चीन का जंडा तो नहीं बुलंद कर रहा।
04:41पूटनी दिमाज के वले इतना ही बाकी देश दुनिया की हर बड़ी खाबर के लिए आप देखते रही है। आज तर।
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