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  • 15 hours ago
लोकसभा में तीन बार स्थगन, सियासत गरमाई

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00:00शंक्राव में आज राहूल गांधी के भाशन पर चर्चा करेंगे जिस तरान लोकसभा में आज जोरदार हंगामा देखा गया
00:05राहूल ने पूरव आद्मी चीश जेनरल नर्वने की अनपॉब्लिश किताब का हवाला देते हुए कहा
00:11दोखलाम में चार चीनी टाइंग भारत की सीमा तक महुँच गए थे
00:15राहूल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंती राजनाथ सिंग और फिर ग्रह मंती अमिच शाने उन्हें टोका
00:19इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका
00:23राहूल करीब 46 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश ही करते रह गए
00:27इसके बाद स्पीकर ने लोगसबा की कारवाई 3 बजे तक के लिए स्थागित कर दी
00:31दोपे 3 बजे लोगसबा की कारवाई शुरू होते ही राहूल ने फिर बोलना शुरू किया
00:34लेकिन हंगामे के चलते मेज 9 मिनट बात कारवाई शाम चार बजे तक के लिए फिर से स्थागित कर दी गई
00:40विए रिए अजिएर से सक्षाग्ज कर दी तक कर दी कि युड़ कुड़ा ने स्थाखया थाज, विए स्थाजीं चेट्ते हैं
00:53they were taking a ridge in Dhoklam and the army chief writes and I quote from
01:01an article that is quoting his book the tanks were within a few hundred meters
01:10of Indian positions on the Kailash range no sir no sir no sir no no he is not leading
01:28them to be authentic as a Kiddish so this is 100% authentic
01:37100% authentic, so these are the memoirs of General Narawani.
02:07इस निए कुछ नहीं है, इतना स्पश्टा करें, मेगेजिंटों कुछ भी लिख सकता है.
02:35यह guaranteed authentic है इसमें नरावायने जी ने कहा है कि उनका memoir है उसे सरकार पब्लिश नहीं होने दे रही है इसमें सब निक्ता है
02:46कोई भी किताब प्रकाशीत कोई भी mail पर कोई भी चीज पर चर्चा कैसे हो सक्तिया सदन में
02:51सर शेटनिक वर्सेस बेंड कर दिया इस कॉंग्रेस सरकार ने और उस पर चर्चा नहीं किया
02:573.9 ऐसी पुस्तक समाचा पत्र नहीं पड़ा जाएगा जिसकी सबाकी कारवाय से कोई समन्द ना हो
03:05जी नरवाने जी के किताब है किस पुस्तक पे लिखा है तो मैं पुस्तक देखना चाहता हूं अगर कोई सुझाव ऐसा है देश के हित में तो मैं समझता हूं लीडर ओपरिशन को पढ़ देना चाहिए
03:27प्रतिपश के नेता राश्ट्रपती के अभीभाशन पर अपनी बात को रखेंगे
03:40यहां खुद माने सज़ेशों को बोलना पड़ता है वकिलों को इजाज़ती दिर जाती है
03:45यह कहते हैं कि यह टर्रिस्म से लड़ते हैं और यह एक कोट से ड़ते हैं
03:53इसमें क्या लिखता है जिससे यह इतना घवरा रहे हैं कि मुझे यह पड़े निए आप पढ़ने निए आपसे
04:01इस इस इस फुन्डमेंटल एक्स्ट्राइशन वार रिलेश्टिपी चाहिना नौ
04:07इंसाइड इस इस फुल अंडिस्टैंडिंग पापन ओ इंडो क्लाप नारवाने जी राइट्स
04:17आप चाहते हैं कि मैं इस किताब को इस मैगजीन को कोट ना करूं तो फिर मैं डिस्क्राइब तो कर सकता हूं
04:37नो डिस्क्राइब भी नी कर सकते हैं चाहिना के टैंक सर केलाश पर आ रही थी
04:44यह अपने तक्तियों की बात कर रहे हैं मानिय मंति मोने तक्तियों से अपनी बात को कहा है
04:56there was a border
04:57on the border there was forces of some country yes that were entering that border four tanks
05:07who are entering the kailash ridge the chief of army staff
05:16अब तुमें को बॉली नहीं रहा हूं आप लिखे दिए आप लिखे दिए क्या परना चाहिए
05:25आप एक काम करिए आप मुझे बता दीजिए क्या कहना है मुझे आप एक मिटें आप यह
05:34कि मैं आपका सलाकार नहीं हूं लेकिन एजे स्पीकर के नाते मेरा दाइत बनता है कि सदन नियम परक्रियाओं से चले
05:47आप इस तरीके के तथ्य नहीं रखें जिससे की देश की प्रतिष्टा कम यह पिक्षाद की जाती है आप से जो
05:59प्रेसिदेंशल अड्रेस है उसमें इंटरनेशनल रिलेशन से कुछ लेना देना नहीं है मतलब हम कोई ना पाकिस्तान पर बोल सकते हैं ना चाइना पर बोल सकते हैं ना किसी और देश पर बोल सकते हैं यह क्या बात है सर हमारी पार्टी पर हमारी का पार्टी के कैरेक्ट
06:29प्राइम मिनिस्टर और राजनात सिंग कि एक एक एक एक एक पागर से लिखा है
06:51वो प्र ключ हुति विपक्स कि देश बक्ती पर सवाल नहीन उठा है
06:58और दूसरी बात कहिलास रिजमेट टैंक का इनको किसने बताया आया था
07:03किसने बताया ये लिखा हुआ नहीं पर सकते हैं अब अध्यक जिने ना बोला है
07:09सदन की कारवाई आज तीन बजे तक किले इस्तिकीत की जाती है
07:14तो चार बजे तीसरी बार संसत की कारवाई शुरू तो हो गए
07:19लेकिन इस बार भी राहूल गांधी ने अपनी बात वहीं से शुरू की
07:21इस बार भी लोगसभा की चैर पर ओम बिर्ला की जगा जंग का पाल मौजूद थे
07:26बगर राहूल गांधी वही बात दोर आ रहे थे राहूल गांधी को फिर रोका गया लेकर राहूल नहीं माने आखिर में कल तक के लिए संसत को सगित कर दिया थे
07:34कर वही बात इस घुट तक कर दिया यह थेव अइन आखिर फौन कर दिया थे तक पर दोर यह थे वही रहाएं नहीं आखिया कि फुरूद थे फिर इस आखिया है थे अटेर सिए कर आँच
08:04the most important matter in this country.
08:08It is uncomfortable for the defense minister.
08:12It is uncomfortable for the prime minister.
08:15I understand it.
08:17But it is a matter.
08:23The fact that they are not letting me speak.
08:27The fact that they are not letting me speak
08:29means it is uncomfortable for them.
08:33सभा की कारवाई कल मंगलवार धिनांग तीन फर्वरी दोजार शब्विस को पुराता ग्यारा बज़ेक तक के लिए अस्थिकित की जाती है
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