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  • 30 minutes ago

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00:00जेनरल नारावाने, इन्वेचिंट, अजक्ट पहोड़े, अधिले यह बताएवा उस्तक प्रकासित हुई है कि नहीं हुई है, नहीं हुई है, तो किस उस्तक से वहू लेक कर रहे हैं, उसकी जानकारी सदन तो देगा, आजने रक्षामंति जी इस सदन में ऑठंटिक बात ब
00:30कि इस उस्तक का प्रकाशन हुआ है निवा, उसका जवाब देदें आप, स्री राहूल गांधी
01:00मानिश हच प्लेश, प्लेश, कि न घट न जिए, स्सां न घिका सिए-।
01:01कि बात स्ट न जिए, स्सां चाल होई
01:25यहां जी राओल गन्धी जी
01:31इतना हम्सेवर्टर्स याँ
01:33फदेसे कि लिगए से थाया और एटी को एट
01:42अभर विए को शपना है
01:53झाल प्लीडा हम SMITH
01:58क्वाने सब्सक्राइ प्रजिए प्रश्ड प्रफीज।
02:18on the president's address
02:22young colleague over there
02:26made an allegation
02:29against the congress party
02:32I was not going to raise this issue
02:34but because he has
02:37raised the issue
02:39about
02:40our patriotism
02:44our understanding of
02:50Indian culture
02:51I'd like to start by reading something
02:54and this is
02:58from the memoir
02:59of
03:01Army Chief
03:04Narawane
03:05and I'd like you to
03:09listen nicely
03:11you will understand
03:14exactly
03:16who is patriotic
03:18who is not
03:19it'll take a little while
03:22so
03:23this is about when
03:26four Chinese tanks
03:28were entering Indian territory
03:31they were taking a ridge
03:34in Doklam
03:36and the Army Chief writes
03:38and I quote from
03:41an article that is
03:42quoting his book
03:44the tanks were within a few hundred meters of Indian positions on the Kailash range
03:52no sir
03:53no sir
03:53no sir
03:54no sir
03:55no no
03:56he is not yielding
03:57he is not yielding
03:58sir sir
03:59this is better
03:59he is not yielding
04:01no he is not yielding
04:02he is on the force
04:03enough people cannot involve
04:05how about it
04:06you
04:08he is
04:10no
04:11he is
04:13I
04:15look at
04:18that
04:18oh
04:22yes
04:26प्लीज एक प्लीज मानने सदर्शेगन आप सदर में प्रतिपश्क के नेता हैं पुर में भी अनबवराय सांसत प्रिंका गांधी जी ने भी एक बात बोली थी तो उन्हों
04:52सब्सक्राइब करें उसी विशे को सदन के पठल रखें यह मर्यादा बनाके रखें सब्सक्राइब
05:10तर्शेगों सब्सक्राइब करें में आप बात राजनाथ सब्सक्राइब करें प्रतिपशन का श्रेग्व एग्व एंन नहीं होई और प्रस्न का जबाव इंसे चाहता हूं
05:20पुछना चाहता हूं ते रपोज़ें से लग्स पहुच्षे है जिस्तर पुस्तर राजनाच किए हैर इस ने में अन्हीं होई है कि और एक प्रसन का जबाब इन से काता हूं
05:32पिका साथ पिका साथ और नौट सब्सक्राइब नारावाने इन वेचिए अब्यक्त पहोड़ा है पुष्टक प्रकासित हुई है कि नहीं हुई है
05:55कि नहीं हुई है तो कि किस पुष्टक से वहू लेख कर रहे हैं उसकी जांकारी सदम कोदेगा रख्षामंति जी सदमें ऑठंटिक बात बोल रहे हैं वह यह बोल रहे हैं कि इस पुष्टक का प्रकारशन हुआ निवा उसका जवाब देदें आप और आप शदन के अंदर उ
06:25किताबों पर अकबारों पर उनकी कटिंग पर आप चर्चा नहीं होती है आप सदन में नेता है आप बोले
06:37किताब है उसके बारे में एक्सपर्ट एक्सप्स है उसमें प्रधान मंत्री के बारे में राजनाट सिंग्जी के बारे में जियर भी कुछ रिखता है मैं वह आउस को बढ़ना चाहता हूँ
06:54किताब नहीं नहीं ऐसा नहीं है जब मानि रक्षा मंती जी ऑथेंटिक बोल रहे हैं कि किताब प्रकाशन नहीं है
07:14ताथ टेंडेशे लंग त्र कया?
07:44कि रिपोर्ट है नर्वने जी नहीं करें हो तो वह प्रकासित हुई या नहीं हुई
08:08नर्वने का किस तक नहीं है इतना स्पश्टा करें मेगेजिन तो कुछ भी लिख सकता है
08:18माने सदर्शगान इन सदर्शगान की नियम और परंप्रा हैं कि अकबार की कटिंग पर और अकबार की कटिंग के
08:34अलावा उन चीजों पर मेंशन नहीं कर सकते जो कोई ऑथन्टिक नहीं है यह हमेशा यहां की सदर्शगान की परंप्राई है
08:41यह श्पीकर सर यह गैरंटी ऑथन्टिक है इसमें नरवाइन जी ने का है कि उनका मेमौर है उसे सरकार पब्लिश नहीं होने दे रही है इसमें सब निक्ता है और मैं सिर्फ इसमें से पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं जिसमें नरवाने जी ने राजनात्सिंग के बार
09:11करना जा दिर्वाद लिलर उपोजीस नहीं समाप खोड़ कर दिया है।
09:26वो स्वयम कह रहे हैं कि पुष्टख प्रकाशित नहीं हुई उन्हें स्वयम सिकार किया कि पुष्टख प्रकाशित नहीं हुई है।
09:37इसका जीक्र सधन में कैसे हो सकता है और प्रकाशित हो तो भी नहीं कर सकते हैं लुए जाह प्रकाशित कोई भी किताब कोई भी मेल पर कोई भी चीज़ पर चर्चा कैसे हो सकती है सटन में
09:50आप राश्पती एमिवाश्यक्तु बोलें
09:59वर विदिन फ्यू हंडिट मेटर्स यह पुसिशिंज नो नो ऑन दे केलाश रेंज
10:06माई का कंट्रोल
10:13सदन को गुमराह करने की कोशिश ना करें
10:19और यहां अनावश्यक्त बातों का उल्लेक नहीं किया जाना चाहिए रहूँ
10:24सब्सक्राइब देखिये हमारे उपर
10:43हमारी पार्टी के उपर
10:47हमारी पार्टी के उपर
10:50मेंबर ओफ पार्लिमेंट ने सवाल उठाया मैं यह रेज नहीं करने वाला था
10:56मैं नहीं रेज करने वाला था मगर उसका जवाब देने के लिए मैंने यह निकाली तो अब अब अब अब यह हंड्रेट पसेंट ऑथेंटिकेटिड है यह नरवाने जी का मेमवार है
11:13और जिस किताब का उलेक हुआ कर रहे हुआ किताब आज तक प्रकासित ही नहीं हुई है
11:31यह उलेक कहां से कर रहे है मैं यह जाना चाहता हूँ
11:34सबस्ट से पॉंट ओप ओडर रेस करें
11:38क्या पॉंट ओडर है
11:41सब्सक्राइब कर दिया इस कॉंग्रेस सरकार ने और उस पर चर्चा नहीं किया
12:00हमारी हमारे अटवारी जी और अटल जी चर्चा करना चाहते थे वो चर्चा नहीं कर चाहिए
12:05सब्सक्राइब करना चाहिए
12:15मैं पहले वैस्ता दे चुका हूँ कि अकबार की कटिंग पर कोई किताब पर कोई ऐसे विशे जो अथन्टिक नहीं उन विशेओं पर सदन में चर्चा की परंप्राएं नहीं रही है नियम भी केती है और परंप्राएं भी आई है इसलिए आप परंप्राओं का पालन करिए �
12:45फोस्टार्श के नहीं नो जब रिशे आप ऐसे नहीं आप सदन के नेता है नो
12:53एक विए एक निट जब मानिय सदस्य करन नो
13:05मानिय सदस्य
13:10मानिय सदस्य करन जब किसी विशे पर हमारे पूरत अध्यक्षों ने कई बार रूलिंग दी है
13:32मैंने कोई नई रूलिंग निदी मैंने कोई नयम नियम परक्राएं बताई मैंने नया नियम प्रंप्रा नहीं लागो की
13:39मैं ऐसा निये कि नहीं परंप्रा नया नियम ने रूल आपके लिए लागो कर रहा हूं जो पूरती नियम है और जो परंप्रा है उसका हवाला दिया है और आप प्रतिपश की नेता है
13:50मुझे आशा है कि आप उन नियम परक्राएं का पालंग करें लिए नियम बतायता हूं पिले आपको
14:08मुझे नियम बतायता हूं पिले आपको बिदा जाओ नौ मैं नियम बताओं 349 ऐसे मैंने वेक्टे बोल दिन 349 ऐसी पुस्तक समाचा पत्र नहीं पड़ा जाएगा जिसकी सभाकी कारवाई से कोई समन्द ना हो
14:34कि दूसरा आगे भी ले लो आगे के ओर पढ़ लो आगे के ओवर देख लो एक मिन ने सब के लिए नियम है सब के लिए नियम है
14:53और नियम 353 भी देख लें
15:02नो आप रूल बता दे
15:08इस विशे पर इस विशे पर इस विशे पर रूलिंग हो चुकी है
15:23आप देश बक्ती के और बात बताएं ने यह यह जो किताब है यह नरवाने जी के किताब है
15:44नो इससे जलेगा यह भूंस विशे जलेगा
15:49हां सोआ है अपर इस विशे पर इस विशे पर इस विशे पर इस विशे आ यहाब नहीं किताब नहीं है
16:05अध्यक्त महोद है, मैं किवल एग बेवस्थाफ की तर से चाहता हूँ, लीडियर अपोजीशन, अपनी चाहते वो पुस्तक जहां प्रस्तूत कर दे, किस पुस्तक पे लिखा है, वो मैं पुस्तक देखना चाहता हूँ, सरन देखना चाहता हूँ, बिल्कुल नहीं, प्रका
16:35अब उतर दियो, आप उतर दियो सर, लेकर इप्लाई, जब इस विशे पर व्यास्ता दे चुका हूँ, तो मैं माननिये प्रतिपक्षित के नेता से अपिक्षा करता हूँ, कि वो सदन की गरिमा को रखेंगे, और मैंने पहले बता दिया कि मैंने कोई नियम परमपरानी जी
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