00:00और गोलू सबसे प्रथम आया है पापा अमा मैंने कर दिखाया गोलू अपने गाउं में चिठी भिजवाता है पोस्टमेन बाबुलाल को चिठी देता है हमारा बेटा परिक्षा में प्रथम आया है सारे गाउं पूरी गाउं में बात फैल जाती है उसी शाम गाउं का चौ�
00:30और गाउं का नाम प्रोशन करेगा रात में फुलवा गोलू की तस्वीर के पास बैठी थी तुने बाबु की पसीने को रत्न बना दिया बेटा अब गाउं के और बच्चों को भी आगे भीजेंगे दिल्ली की परिक्षा ने सिर्फ गोलू को नहीं पूरे गोपास करवा �
01:00गोलू मेरा लाल तू आ गया फुलवा वही खड़ी थी ओ राम जी तो सच मुछ आ गया इतना दुबला कैसे हो गया
01:07कमी सिर्फ आपके हाथ के रोटी की थी अम्मा अब सब ठीक हो जाएगा रे पहले बैट आगे क्या सूचा है बाबू मैं सहर में रह सकता था नोकरी मिल गए थी लेकिन वहाँ पैसा था अपने अपन नहीं तो अब क्या करेगा बेटा अब अपने गाउं को सहर बनाओंगा
01:37मैं चाहता हूं कि यहां पर एक स्कूल हो जिसमें बच्चे पढ़े और आगे बढ़े तू तो बड़ा अपसर बन गया था अब गाउं में मास्टरी करेगा चाचा अपसर बनकर सिर्फ खुद के जिन्रगी बनती है मास्टर की भी बनती है मैं गाउं में स्कूल को लूँ�
02:07हाँ काकी सबसे पहले लर्किया ही जिनके पास कलम नहीं होती लेकिन सपने बड़े बड़े होती है लेकिन और मास्टर कहा से लाएगा शहर के तीन दोस्त आ रहे हैं मोहित अगाज और सीमा दिदी सब पढ़ाएंगे और मैं खुद भी
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