00:00श्याद हो अखिले श्याद हो क्योंकि अंदर जाने से पहले कह रहे थे वैसे भी कोई उमीद नहीं है क्या उमीद लेकर जाए अब बज़ेट सुनने के पाद हो क्या है
00:30क्या निराशा जन्रक आपको लगा आम आदमी के लिए किसानों के लिए आम लोगों की समझ के बाहर है बुनियादी धाचा क्या अपने पैदावार की कीमत क्या दे रहे उसके लिए आपके पास मन्रेगा यह योज्णा को आपने कमजोर कर दिया इस्टेट कहां से सपोर्ट क
01:00पास सिख्षा को बेहतर करने के लिए को इंतिजाम नहीं है स्वास सिवाई कितनी बरबाद हो गए उनके लिए क्या इसाम लोग ने आई टेकनोलीजी को लेके तुछ बूस्ट एयाई जो एयाई नए टेकनोजी है नए टेकनोजी को कितना इंट्रीड्यूस कर पाएगी सब्
01:30और सरकार के पास गरीबों के लिए किसानों के लिए तो धाचा है मजबूट धाचा पेश करने के लिए पोई भी प्लानिंग नहीं है मौसमी सिंग दिल्ली आज ता
01:41जब आश्यतोष ऐसा कहा जाएगा कि आपी इन इसक्रिप्ट लिए दी थी आप जो जो गेस कर रे थे पहले तो आफ कैमरा आप बो ले था दिखाओ वारा इनका हस्ता वाँ चैरा दिखाओ ख़ुद ही कहा था कि यह अगिसवी सदी के दूसरे कॉर्टर का और जो कॉर्ट
02:11ऐसे में अब ये जो अगला quarter शुरू हुआ है 25 से लेके 50 तक का यहां से अब हमें हर उस सोच को बल देकर आगे बढ़ना होगा जो eventually 2047 में भारत को एक विक्सित देश बनाने का काम करे और अब अगर आप इस सोच के साथ इस budget को अगर आप देखेगा तो आपको हैसास होगा क
02:41उपर जोर दिया गया है गाउं शहर की दूरी को कम करने का इसमें प्रयास किया गया है आत्म निर्भरता पे बल दिया गया है
02:49manufacturing और manufacturing sector के हर एक verticals में भले वो defense में हो वो processing में हो वो किसी भी छेत्र में हो rare minerals में हो
03:00हर छेत्र में जिस तरीके से आत्म निर्भरता को कुंजी बना कर इस budget में उस वेवस्ता को और जादा मजबूत करने का प्रयास किया गया है
03:11युवा शक्ती को केंद्र में रख कर जितने ये सारे verticals expand होंगे उतनी ही job opportunities भी create होंगी
03:23scaling पे बहुत जादा concentrate पुना किया गया है farming के अगर बात करें उसमें जिस तरीके से diversity को acknowledge किया गया है
03:33नहीं तो आप उसी को एकी एकी उत्पादन बार बार बार बार बार रखने की भी समस्या सरकार के पास eventually होने लगेगी
03:41तो कैसे diversify किया जाए coconut, cocoa इन तमाम चीजों को जिस तरीके से budget में recognize किया गया है fishing, fisheries को और जादा organize करके उस sector को enhance करने की बात हो
03:56मैं वानता हूँ कि ये 47 विक्सित भारत के निर्मान के लिए उसकी एक मजबूत नीव को तयार करने वाला एक बहुत ही visionary budget है और इसकी खासियत ये भी है कि नौवी बार वित्मंतरी जी ने इस budget को पेश किया है
04:13खासियत तो ये है कि उन्होंने नौवी बार किया है बट एक ही प्रधान मंतरी के अंदर उन्होंने नौवी बार किया है
04:19ये continuity दिखाता है, stability दिखाता है, सरकार की सोच में, सरकार की नीतियों में
04:27जो कहीं ना कहीं वेश्विक्स तरपर भी हमारी पहचान को मजबूत करता है
04:32इंपोर्ट एक्सपोर्ट को हम लोगोंने मजबूती देने की इसमें बात की है
04:35और इस ओफ बिजनस के साथ साथ इस ओफ लिविंग पे इस सरकार का हमारी सरकार का बल रहा है
04:43रिफॉर्म एक्सप्रेस का जिक्र मेरे प्रधान मंतरी आदनिया नरेंदर मोदी जी करते रहें
04:47और रिफॉर्म के माध्यम से जितना सरली करण हो सकता है
04:51सिस्टम का हमारी नथे बजट और जो टेक्निकल टर्म्स दूइट लिए गए
04:59जिस तरह की बाते बोली गए ते कि एक आग five इंसान तरे बाते बाते को संपड़ता है
05:04सब्सक्र Вас� आज एक सब्सक्राइब करते है कि सब्सक्राइब करते हैं
05:08कि हुमारी को साबसुडीज मेले है आद में नम कम हो तो ऐसा कुछ inquagshag ba Finish
05:14को आज देखने को मिल रहा है कि तुछ भी महलाँ कि सरक्षा को लेकर देश हैं
05:36इस बार का जो आम बजट है इसको लेकर के आप किस तरीके से देख रहे हैं जैसे खाली जुन्जना नहीं होता और जुन्जने में आवाज भी नहीं हो गड़े
05:57सुनाई भी कुछ ना पड़े आज मैंने पहली बार देखा इनान निर्मला सीता रमंजी के चेहरे पे मंतर परस्त के सदस्तों के चेहरे पे
06:08और सत्ता रूर दल में कोई उत्सान ही कोई जोस नहीं निराशा थी चारो तरह किसान निराश नौजवान बेरोजगार निराश छोटा ब्यापरी निराश लग और मध्यमुद्योग से जुड़े लोग निराश और सब सा बड़ाई बात आज पुरा भारत निराश है
Comments