00:00और रोगियों को राहत प्रदान करने के लिए विशेश रूप से जो कैंसर के रोगी हैं हम बेसिक कस्टम ड्यूटी जो है वो 17 विशेश दवाओं पर इसमें छूट प्रदान की जा रही है
00:16और मेरा प्रस्तार ये है कि इसमें साथ और जो रोगों के लिए जो दवाएं आती हैं उन पर आयात शुल्क में छूट दी जाएगी वेक्तिकत रूप से जो जिन दवाओं को आयात किया जाता है या चिकित्स चे कारणों के कारण जिन खाद्या पदावतों को आयात किया जा
00:46जा रही है और ये हमरा सफर है हमरी यात्र है विक्सित्थ भारत की तरफ तो इस संद्रब में कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं उनका प्रसाव है ताकि वस्तों और व्यापार की सिलसले में ज्यादा बेखर परीके से हम काम कर सकें और यही नहीं अधिकरित अक्नॉमिक
01:16जा रही है जितने भी योग्या आया तक हैं उनके लिए विशेश शल्क की विवस्ता है और वो अपने आपको पूरी तरह एयो के साथ वो जोड़ सकते हैं अपने आपको पंजीक रित करा सकते हैं और साथी साथ बहतर बिसनेस प्लैनिंग के लिए और वैधता अवधी को �
01:46पांच साल किया जा रहा है यह सरकार के दिश्चिकों पर अधारित होगी
01:51सरकारी एजेंसियों को
01:56के लिए जो है कार्गों में उनके लिए बेतर वरसाएं की जाएंगी
02:06और भरोसे मंद स्प्लै चेन को भी इस जोकिम आंकलन के दाएरे में लाया जाएगा
02:15और कार्गों के मात्यम से कम से कम जोकिम हो और गौनिक सीलिंग की व्यवस्था भी इस सिलसिले में की गई है
02:24निर्यात कार्गो की जो सीलिंग है ये फैक्टरी के परिसर से शिप तक
02:33यानि कि जहां से इसको बाहर भेजा जाएगा वहां तक इस पर कई तरहां की व्यवस्थाएं लागू होंगी
02:41और जितने भी वस्थों की पहुंच है इसकी जानकारी भी कस्टम को देनी होगी ताकि सबी तरह की आपचा दिकताओं को पूदा किया जा सके और ये अनिवादा होगा
02:53कस्टम वेयर हाउस का जो धांचा है वो एक परणाली के अंतरगत लाया जाएगा इलेक्टरनिक इसके निगदानी होगी और जो कि मांकलन होगा
03:05ये जो मौझूदा परणाली है जो अधिकारियों पर ये सब चीज़ें निर्वर होती है और पहुँचने में समान के पहुँचने में लेन देन में जो देरी होती है उस पर अंकुछ लगेगा
03:18इसमें अनुमोदन जो कार्गो क्लिरिंस के लिए जरूरत है अलग-अलग सरकारी एजिंसी से ये लगातार बहुत अच्छी तरह से एक ही जगे से किया जा सकता है
03:34और ये वित्य वर्ष के अंतक हो जाएगा और इसके साथ जो वाइड लाइफ प्राड़क्स हैं जो सतर प्रतिशत कार्गो के होंगे
03:48इसे अपरेल दो हजार चब्विस तक परिचालित किया जाएगा ऐसे समाल जिसमें कोई अनुपालन की जरूरत नहीं है उनको कस्टम्स क्यो स्वीक्रीटी एक दम तुरंट मिल जाएगा
04:03और अगर वो ड्यूटी का भुक्तान कर देते हैं तो बड़े अराम से वो आगया जाएगा और इसमें एकल जो है प्लैक्फॉर्म से सभी कस्टम्स प्रक्रियाओं को मज़ूरी मिल जाएगी
04:19हमारे नॉन इंट्रियूजड स्कैनिंग इसमें एडवांस्ट इमेजिंग और एई आई टेकनोलोजी को विस्तारित किया जाएगा और उसमें जो है सभी कर्टेनर जो है सभी प्रमुक जो हमारे बंदरगाह हैं वहाँ पर ये सुविधाय हमें मिलेंगी
04:42और हमारे मचवारों को समर्थन देने के लिए जो भी संसाधन हैं हमारे शेतर से आगे ये उपाय उनके लिए किया जाएगा
04:53एक है जब भारतिय एक पोट हमारे एकनॉमिक जोन में या हाइसीज में मचली पकरते हैं तो उनसे किसी प्रकार की ड्यूटी नहीं ली जाएगी
05:06और इस तरह कि जो मचली जब हम ये विदेशों के तर्टों पर उतरते हैं तो एक्सपोर्ट ड्यूटी पर लगाएगा और इन पर विशेश ध्यान दे जाएगा
05:22और हमारे छोटे बिजनिस हमारे कारेगर को सुविधार परधान करने के लिए इकॉमर्स पोर्टल बनाया गया है और इसे जो दस लाख रुपए का वैलियू कैप है प्रतिक कंसाइनमेंट में इसे लागू किया जाएगा
05:42और इसके साथ जो है जो कंसाइनमेंट जिसे नामन्जूर किया गया है तो उसे जो है इस तरह के कंसाइनमेंट पर ध्यान दिया जाएगा
05:54और इसमें ऐसे प्राफधन जो बैगिज क्लियरिंस है जब अंतराश्ट्र यात्रा की जाती है और हमारे यात्री कई बार बरी चिताजनक स्थिती में पर जाते हैं यहां पर ड्यूटी फ्री अलाविंस दिया जाएगा
06:09और इसके साथ इसमें पश्टता होगी जब वो सामान लेकर आते हैं या सामान बाहर लेकर जाते हैं वो करदाता जो अपने दैता को दे कर जो है सभी विवादों को दूर करना चाहते हैं कई बार उनको जो है उनके उपर पेनाल्टी लगता है
06:36तो पेनाल्टी के जगा उनको एक अतिरिक्त राशी दी जाएगी और इसी के साथ मैं इसमें पिस अभा को ये बजट प्रस्तुत करती हूं
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