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200 सालों से वीरान है राजस्थान का ये 'घोस्ट विलेज', देखें अद्भुत, अविश्वसनीय,अकल्पनीय

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00:00कि यह पूई है मेरे साथ यहाँ पर इस पहठाने में हम यहाँ सब आप से बात करने आए आपके बारे में जाने है
00:16क्या आप इसके पास दाके इस काटे को लाने की कोशिश कर सेंदें
00:30मंजिर की पास है है कुच मिल रहे है पना हो जासे यह हम पूप कर रहे है वह पंजर में कभी कम हो रही कि कभी बढ़ रही अ
00:43पर नात बहुत अजह को जहए लहाँ को पहता है उन दोगा वाकस हुआ इसरह किर बासे हूपर श्लागा
00:53शादो और शामुस काफी तरह थी तो वो चीज पाफी अनुशूल थी
01:00तो जादा पूई खेल जो उसी नाथ करना चाता है वहाँ जादा फाल स्लेड थी
01:05तो दापस मोविं अलसो अधर आप महिला है तो फूस चालप टी रीजे
01:10अगर आपको लगता है कि आप किसी को भी डरा सकते हैं तो आप मुझे चोग कर दिखाईए
01:28तो आपकी आवास थी
01:34अगर हमारे साथ कुछ अच्छी तीज़े है तो बुरी तीज़े ज़ी एंशनी थोड़ा सा रिसकंसर्थ हुआता है विजवली मैंने प्रहली बार कुछ तर्ज किया है मैंने उसे रिवाइंड करके जब देखना चाहा तो वो सारा सिस्टम हमारा वो क्राइश हो गया हर ब
02:04भूत यानि जो बीट चुका है भविश्य यानि जो आने वाला है मतलब भूत वो है जिसके बारे में हम जानते हैं भविश्य वो है जो अंजाना है फिर भी हम भविश्य से नहीं डरते भूत से डरते है
02:30नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं अद्भूत और विश्वस्निय और कल्पनिय जिसमें हम आपको पारनॉर्मल इंवेस्टिगेशन की जो सीरीज हम दिखा रहे हैं उसकी अगली कहानी दिखाते है गौरवतिवारी और उनके इंडियन पारनॉर्मल
03:00राजिस्थान के कुलधरा का अनुभव दिखाते हैं यह उन्नीस्वी सदी के शुरुवाती सालों की बात है
03:10यह कहानी है जैसल मेर के 83 गामों की एक लड़की की प्रतिष्ठा की उसके प्रति उन गाम वालों की निष्ठा की
03:20सालम जीक दिवान एक कुरूर सासक वाय दिवान दिमान हुआ है रजशन मेर के इतियास में बड़ा आयासी प्रतिक अब्यक्ति था इसलिए कहा जाता है कि उसमें एक पालिवालों की दो कर्णिया थी उसके पर कुदर्स सी उसकी पर देही
03:40ये सभी गाम पालिवाल ब्राह्मणों के गाम थे
03:47कहते हैं इसी मंदिर में भजन गाते हुए उस सोलह साल की लड़की को उस जालिम दिवान ने देखा था और उससे शादी करने की जिद्थान ली थी
04:02उसे बेटी सौपने से बेहतर लोगों ने गाम छोड़ देना समझा
04:27और रातों रात तिरासी के तिरासी गाम खाली हो गए
04:35करके पालीवाद वाभीवान ने का दू है अम फिरखार करने वाजा के पास रहे हैं लेकिन राजा ने उनकी को इस तुरै नहीं कि तब स्वनाई नहीं की तब और ने देखा कि जिस ख्यत्र में रह रह हैं उनके राजा के आमारी सुनाई गयाया तैसे
04:58इस खेत्रों के अंदर रहने से क्या फाहिला जहां पर हमारी बहुत बेटियां सुरुक्षित नहीं हो तब नहीं यह रिष्चित कर रिया कि काठोडी गाउं के अंदर लोग गवाँ पर इकठे हुए और अन्थी पंचायते निशुत किया कि हम इस शेहर को इस रिस्तान को प
05:28के वहाँ से उन लुकने देए गुजरते वक्त के साथ बाकी के एक्यासी गाउं फिर से आबाद होगा
05:49लेकिन कई कोशिशों के बावजूद जैसल मेर के दो गाउं वीरान ही रहे
06:00इनमें एक है खामा
06:06दूसरा कुलधरा
06:12दो किलोमीटर के दाइरे में बसे इस गाउं में उस दौर के सभी निशान मौजूद है
06:21घर है जिनके चट सालों की मार जेल जेल कर गिर चुके है
06:26मंदिर है जो साबूत बचा और अब एस आई ने उसका निर्मान मजबूत किया है
06:32बावड़ी है जिसे कभी पीने के पानी के लिए इस्तिमाल किया जाता था
06:39जिन्दगी के सब निशान है बस इंसान नहीं है
06:44सालों का ये वीराना बरसों का ये सन्नाटा ये बेबस सी खामोशी दिन के वक्त परियटकों को खीच कर लाती है
07:03पर शाम के चह बचते ही ये गाम हर जिन्दा इंसान के लिए बंद कर दिया जाता है
07:08इतने बजे तक लोग आते रहें आठ बज़े से च्छे बज़े तक रहेते हैं
07:21च्छे बज़े शाम तक शे बज़े के बाद कोई नहीं आ सकते हैं
07:26जी यहां तो बताते हैं यहां भूत रहता है रात के
07:29कुल्धरा का इतिहास राजा की कहानी सुनाता है
07:38पालीवाल ब्राह्मनों का किस्सा सुनाता है
07:42और कुल्धरा का एहसास कहानी सुनाता है एक श्राप की
07:47जो गाव के बाशिंदे अपने पीछे छोड़ दे
07:52एक ऐसा श्राप जिसके मुताबिक यहां जीवित लोग नहीं बस सकते
08:00कि यह केवल भूतों का गाव रहेगा
08:04कि यहां से कोई पत्थर भी ले जाएगा तो वो पन पेगा नहीं
08:09कि यहां कोई रहना भी नहीं जाता है जो भी कर रुखता है तो यह तो बिमार हो जाता है यह वापिस चला जाता है वक इसलिए लोगों में भैय है कोई भी रात को यह नहीं रुखता है
08:18कितने से कितने बज़े तक आप रहें?
08:21यहाँ सुबह आठ बजे से लेके रात को नो बज तक रहता हूं, करीब है
08:25तक लेकिन अंधेरा गिदने के बाद आपको कुछ महसूस भूaches भी है उनॉसूस होता है।
08:29जस दिन पूरनीमा होते है नोछ ज़रूर यह लगता है कि गाहों आबध हो गया है उज्याई हो गया हुए क्या एस गाएं आ आ ह्री है
08:36पाजे बद रही है मंदर की गंटियां बद रही है आट हा फिशने वाली जो परानि चकिय चल कि यहां
08:42यह सब दिखता है, मैसूस करते हैं, और तू दिखती हैं, आत्मा पस एक एक्टिविटी से आवाज है, दिखते हैं कि जैन्स है, या लेडीज है, यह दिखती है, बाकि उनके चेहरे नहीं दिखते हैं.
08:53खुल्धरा आने से पहले ज़्यादा कुछ नी की, खुल्धरा में एक श्राब था, इसकी वज़ासा पूरा गाउं एक राक में तबाह हो गया.
09:01खुल्धरा के बारे में मैंने नहीं सुना था, यह एक शापिन नगरी है.
09:05इन्ही कहानियों को सुनकर कई फिल्मकार यहां आए, चैनल आए, कहते हैं, कोई भी साबुत सुबूत लेकर नहीं लौट पाया.
09:17किसी की रिकॉर्ड की हुई तस्वीरे मिट गई, किसी के उपकरणों में आग लग गई.
09:35तो जो सेंटरल सर्वेलेंस पे जिसे हमें बिठाया था, मॉनिटरिंग से मुझे वैरलेस पे मेसेज दिया कि एक शैड़ो सा कुछ दिखा है किसी कैमरे पे.
09:44तो हम सारी लोग वहां भाग कर रहें और मैंने उसे रिवाइंड करके जब देखना चाहा, तो वो सारा सिस्टम हमारा वो क्रैश हो गया.
09:55कहते हैं खुलधरा में रात बेहत खौफनाक होती है, खास कर चांदनी रात, हम ऐसी ही एक रात का सच तलाशने पहुंचे.
10:14हमारे साथ थे इंडियन पैरनॉर्मल सोसाइटी के संस्थापक गौरव दिवारी और उनकी टीम, जिन्होंने देश भर में करीब 500 चोटे बड़े जगहों पर ऐसे इन्वेस्टिगेशन किये थे.
10:29आज तक की टीम में दो कैमरा मैन और एक प्रोडियूसर, और हम सब दो किलो मीटर के दाइरे में तीन टीमों में बंट गए.
10:38रश्मी, गरिमा और रवी मंदिर की ओर निकले, रजत और सौरब घंडहर में तबदील घरों की ओर,
10:45गौरव और वकार के साथ मैं एक ऐसे घर की चार दिवारी में, जो बाकी घरों की अपेक्षा ज्यादा मजबूती से खड़ा था, ये शायद गाव के सबसे सम्रिद्ध शक्स का घर रहा होगा.
10:57जिन और जारों के जरिये हम कुलधरा के किस्सों का सच जानने निकले थे, आएए उनसे आपका भी परिचय करा दें.
11:07ये कैमरा जो मैं लगा रही हूँ, ये एक चेस्ट माउंट गोप्रो कैमरा है, जिसमें नाइट विजन भी है, यानि जिन अंधेरे कमरों और गलियों में मैं जाऊंगी, वहाँ मेरे वहम को तस्वीर की शकल ये घुप अंधकार में रिकॉर्ड करने वाला कैमरा देगा.
11:37ये क्शेत्र पकड़ता है, और दुनिया भर में इसे पैरनॉर्मल इन्वेस्टिगेशन के लिए इस्तमाल किया जाता है, के टू मीटर बत्ती जला कर EMF के संकेत देता है, कांटे के हिलने से ये संकेत देने वाले कुछ और EMF उपकरण भी हमारे पास है, ये मोशन सेंसर ल
12:07जोते ही ये खिल खिलाने लगता, और ये है ट्रेल कैमरा, ये कैमरा एक जगे फिक्स कर दिया जाता है, जो ही इसके सामने हलकी सी भी हलचल होती है, ये 60 सेकंड का एक वीडियो क्लिप बना देता है, इसे हमने मंदिर से जुड़ी इमारत के नीचे कमरे में फिक्स कर दिया
12:37तो हमारे ये उपकरण उसे कैद करने की क्षमता रखते हैं, हमारे पास एक और उपकरण था, नाइट विजन, ड्रोन कैमरा, लेकिन वो ढलती शाम में इस्तिमाल के दौरान ही क्रैश हो गया था,
12:51असलियत और अफ़वाह का फर्क बहुत कम होता है, कई दफा हमारा दिमाग वो देखना सुनना चाहता है, जो उसने पहले से सुन रखा है,
13:11ऐसे में जरूरी है कि इस तरह की पड़ताल करते वक्त हम किसी भी पूर्वाग्रह का शिकार ना, यहां तक कि उपकरणों के नतीजों पर भी हम आख बंद करके विश्वास नहीं कर सकते, हाँ, यह जरूर है कि चंद साय अनिश्चित्ता के दाइरे में तब तक रहने चाह
13:41और मैंने काफी स्केप्टिकल धंग से अपने भी एविदेंस को एनलाइज करने की कोशिश भी क्या रीजन हो सकता इसके कुछे
13:48कुलधरा एक ऐसी जगह है जो आम परिटकों के लिए भी खुली हुई है, यहाँ पर आने वाले लोग अलग-अलग तरे के अनुभव माटते हैं
13:56हम गौरफ दिवारी और उनकी इंडिन पारनॉमल सुसाइटी के साथ उसी गाउ में एक रात परताल के लिए रुके
14:03हमारा मकसद ये था कि कुलधरा से जुड़ा अगर कोई अंद्विश्वास है, कोई अफवा है तो उसकी जड़ तक हम पहुचे
14:33कुलधरा के रहस्य को सुलजाने, उस अनुभव को अपनाने हमारी तीन टीमे अलग-अलग धुसों में तहकिकात कर रही थी
14:50रात के 11 बजकर 30 मिनट बजे थे, जब गौरव और वकार के साथ मैं एक घर में दाकिल हूँ
14:56इस जगे पर खासकर लोगों ने काफी शैड़ो मूवेंट्स देखे हैं और कहा भी जाता है कि किसी का घर रहा होगा
15:13और काफी बाल बच्चों वाली फैमिली थी और काफी बच्चों के आपरेशन्स देखे गया है
15:18हम लोग दिन के टाइम क्यों नहीं हमने ये किया थैं
15:21परियहां मैं फेक अजिड़िए का कोई भीृब लॉटी होती है रात में भी होती है
15:27रात में environment silent होता है इसकी वज़े से पता चल जाता है जादा और public interference नहीं रहता है दिन में इसलिए इसलिए इसलिए पस यही वज़े है नहीं तो लोगों को जो यह logic रहता है कि अंधेरा हो रहा है और डर लग रहा है कि अब भूत आएगा ऐसा नहीं अगर है तो
15:42गर के सबसे दाहिने कोने में जो कमरा था उसके भीतर एक तहखाना था
16:06सीडियों के नाम पर केवल दो पत्थर थे गौरव के साथ हमारे कैमरा मैन नीचे उत्रे
16:11क्या कोई है मेरे साथ यहां पर इस तैक आने में मेरा मकसद आपको परिशान करना नहीं है
16:22अगर कोई भी यहाँ पर रहता है, जो मेरी बात समझ सकता है, सुन सकता है, तो मैं बस इतना ही चाहता हूँ, आप हमसे आके सामने आके बात करें,
16:36मैंने आपके सामने एक मशीन रखी है, आप यह देख सकती यह चीज, इसमें बत्या लगीगी, अगर आप इसके पास आएंगे, इसमें बत्या बढ़ जाएंगी, तो क्या आप इसके पास आके, कोशिश कर सकते इसमें तीन बत्या देने की, क्या आप हमें तीन बत्या दे सकत
17:06आप, यह आप ही थे, क्या आप ने कोई आवास की अभी, क्या कोई आप आवास कर सकते हैं, कोई भी छोटी से आवास इन दिवालों पे, यह आप अपनी आवास सुना सकते हैं,
17:30प्रेम्न की आप, हरोर संदात्या थे, और कुप अंधेरा थे, यह अपन्से रहा है, जो मत्रूस मों समय के कुशिश की के दिवालों की जो कि आपकोन आप, कोशिश की कम्नेट्स का आप, जो किए मना की चानीकेशन मुलरा थे, और फिर इस जो क्या मुम्नुचन मुले आप,
18:00हाँ है था उपकार कि बनाप तो अपास भी निर्ग निर्भार इंट वहाँ है क्योंकि अफिले कर लोग यह पने खादाने शुठाए कर दित यह पिल्ग का स्टोरेश वह था इस वह दो दो हम् का प्लेस कर रहा है हम क्या करेंगे यहां पे मोशन सब्रेस कर चरके इस कंवर स
18:30करेंग कि मोशन सिंसर अउन होता है इन में कबाइन पर उन कशिष्ट लाइए इतने सेंसिटिव थे कि हमारे कमरे में रहने भर से जलुकते थे हमने सभी उपकरणों को तय जगह पर रखा और बाहर आगे यहां तक कि कैमरा लाइफ को भी आंफ कर दिया और इंतजार करने ल�
19:00तो मेरे तीन गिन्ने पर या चलिए चार गिन्ने पर आप उन मशीनों के पास आके उन्हें चूपर बता सकते हैं मैं गंती शुरू कर रहूं मैं चाहता हूं आप आगे आए और हमसे बिना डरे बिना शर्माय और बिना घबड़ाए बात करने की कुश्श करें
19:19वन, दो, पीन, चार, क्या आप आ सकते हैं सामने, वह, वह, रन्यवाद, आपको बहुत बहुत शुक्रिया, मैं चालका हूँ लाइट ओफ होने पे, एक बार फिर से आप उसे ओन करके दिखाएं, क्या आप उस मत्ती को फिर से जला सकते हैं उसके सामने आके,
19:49क्या हम कुछ समय के लिए क्यामेरे की लाइट ओफ कर सकते हैं?
19:53आप के बार गर आपके हमारे थीला या हमसे, हमें उसके लोग चाहते हैं, और अभी तक हैं तो इनके दिखाएं।
20:03या हमसे हमें व्लूस करके आप अपना मेसेज, अपना संदेश किसी और पर देना चाहते हैं
20:10और बखना चाहते हैं कि आप अभी तक हैं यहाँ पर तो इवरपे से हमारी मशीन को आप करके दिखाएगे
20:15क्या आप कर सकते हैं हमारे लिए
20:17रो यसा przy्मुर्ट नीजिन तो पर कि technology मैने आपको दो मेंगा कि अ को humans
20:23अ है लगे आपको अपको तंग करा है यह धिस्ट्रॉब कर रे रई
20:26अको भॉम्हें को कि आपको अ श्लायन डारे और रो जो हरी वत्ति दलवे
20:34अगर आपको तन नहीं करेंगे
20:35अदर आपका एक जो भिन था हमारी जाने के लिए अगर हमारे जाने के लिए ही था तो हमें तीन बत्ती जला के बिखाये
20:55उस सारी बत्ती के पास अगर आप पहुंचेंगे यहाथ बढ़ाएंगे उसकी बत्तिया बढ़ेंगे
21:04क्या कर सकते हमारे यह उस रोशनी से आपको गुबरानी की जरूरे प्रेंगे
21:11यह बसे खरीका हमारा आपसे बात कर रहता है
21:14तन्यवाद
21:19हम रोके रहेंगे जब तक आप वह बत्ती नहीं जलाएंगे
21:25एक बत्ती जलाके दिखा दिखा दीए फिर हम दूसरी जलाएंगे
21:28आपके जैसे और भी लोगों से बात करनी है
21:31शुक्षिया
21:33हम रोके रहेंगे जब तक आप वह बत्ती नहीं जलाएंगे
21:37कि आपके जैसे और भी लोगों से बार करने हैं
21:49कि मोशन सेंसर लाइट केवल किसी आहट पर जग भी हमें से कोई अपनी जगह से हिला नहीं था
22:06कोई हरकत नहीं थी कमरे में कोई खिड की भी नहीं थी कि हवा आया हुए फिर यह इंदिफास था कि यह जल उठा
22:21कि कि कि यह जगह में इमफ कांड हुआ यहां पर हमें कमई कि सीच पर देख भी कोशी इस
22:28वहाँ कुछ चिल्स फोटो जी और कुछ चिल्स फोटो में और कुछ अलग लग टैप देगें
22:41और होता भी है कि सच होता है वह सब
22:46कि अधिशन अधिशन पूइंट हमें यह लगा कि शायद इंडिज़एशन ने काफी अचे विदेंस अधिशन मिल सकते हैं
22:57लेकिन लेज़ाँ पर हम इसका नहीं समझ माया है
23:04कर दो कि अनलाइज करेंगी कोशिश पी क्या रीजन हो सकता इसके पीछे
23:13हम रोके रहेंगी दब तक आप वो बत्की नहीं किलाएंगे
23:18तेखाने वाले कमरे में हमारी तफ्तीश बेहत दिल्चस्प थी
23:26मोशन सेंसर लाइट हमारे सवालों के जबाब में जल बुझ रही थी
23:30कमरा बिलकुल खाली था गाव वीरान था फिर कौन सी हलचल उस बत्ती को जला रही थी
23:37यह आपके पास आपकी मोका है अपने आपके बारे में लोगों से बताने का अगर आप चाहते हैं हमारे थ्रू या हमसे हमें यूज करके आप अपना
23:51मैसेज अपना संदेश किसी वह और बताना चाहते हैं कि आप अभी तक है यहां पर तो आपको कर सकते हैं में यह चाहते हैं we
24:06कर रहे हैं तो मैं चाहत हैं और यह और लायग कोई और वो जो
24:10और वो जो हरी बत्ती जल्वी है, इन बत्तियों को बढ़ा के दिखाएं।
24:14तो हम वो आदर करते हैं, आपको तंग निंग करें।
24:17तो हमारे जाने के लिए ही था, तो हमें तीन बत्ती जला के दिखाएं।
24:36तो उस थारी बत्ती के पास, अगर आप पहुँचेंगे, यहाथ बढ़ाएंगे, तो उसकी बत्तिया बढ़ेंगी, क्या आप कर सकते हैं हमारे यह।
24:45उस रोश्णी से आप तो भबरानी की ज़रूरती नहीं है, यह बस एक तरीका है हमारा आप से बात करने का।
24:53एक बात फिर देखिए, यह बत्ती कैसे जलुए है,
25:23कमरे में खिड़की न सही, तैखाना जरूर था, और एक दर्वाजा भी, हो सकता है हवा का जूका हो, जो हमारे एहसास से बच निकला, इसी उधेड़ बुन में हम घर से बाहर निकले, और वौकी-टॉकी सेट से दूसरी टीम की पोजिशन पता की।
25:45क्योंकि तीन अलग-अलग टीमे हैं, इसलिए वौकी-टॉकी का भी इस्तिमाल हम कर रहे हैं।
25:51क्या सब वहाँ ठीक ठाक है, कुछ मिल रहा है आप लोगों को, मन्दिर के पास कुछ मिला है हमें।
26:05ठीक है कारी ओन मिलते हैं फिर। इसी तरह की बातचीत होगी और हम सब को पता चल लगेगा थिस अब ठीक ठाक हैं और कहां पर क्या करता है।
26:14रश्मी और गरिमा ने अब तक जो देखा था उससे उत्साहित थी
26:19रात के एक बज चुके थी
26:21हमने सोचा क्यों ना मंदिर जाकर उनकी पड़ताल देखी जाए
26:25गल्स क्या निला
26:31काफे स्ट्रॉंग वो लाइफ जल रहे थी
26:35यहां पूछा जैसे हम आए यहां अमने देखा कि पांचोबत्ती एक सजली हां इसी पांट पहां पे एक वहां पे
26:43अद दे कॉर्णर ओफ बाहां पे काफी इंटर्फेरेंस थी अप्तु फाई लाइट समें आहां मिली प्लस इस वाली अपे भी काफी थी
26:52क्या लग रहा है कम्यूनिकेशन हो रही है प्रभब भी कुछ पॉजिटिव कम्यूनिकेशन हो जैसे हमने पूछा तब तक दो बार कणिने असे लेट जल रहे थी उसके बात से फिर थोड़ी देर कबाद यहां से चरी दिए तिर हमने वहां जाते कोशिशी ही वहां जाकर क
27:22कि क्या कोई है कि उनके मुताबिक उनके सभी सवालों के जवाब मिल रहे थे हमने सोचा क्यों ना हम भी देखी
27:34मारे साथ अफिर कोई भी हो यहां पर तो हम शारते हैं कि वह सामने आए और कुछ इंडिकेशन दे कुछ निशानी दे अपने होने के हैं
27:45या तो हमारे सफेद वाले मशीन के सामने आ सकते हैं
27:50या फिर आप एक मशीन देख रहे होंगे जिसमें काटे लगे हुगए
27:53क्या आप इसके पास आके इस काटे को खिलाने की कोशिश कर सकते हैं
27:57तैंक यू रे मुच
27:59या एक बार आप उस काटे को तीन नंबर तक लिए जा सकते हैं
28:04फिससे में पता चले आप ही यह आप है
28:06या बत्ती वाली मशीन में उसके पास आके हमें तीन बत्ती अभी आप उस्से जला सकते हैं
28:15तमाम कोशिशों के पावजूद कैमरे के सामने कोई भी हरकत नहीं हुए
28:20उधर वकार राज अपना कैमरा लिए अकेले निकल पड़े थे कुछ अध्भुत एहसास समेट ने
28:26मुझे अभी थोड़ी दिर पहले हैसास हुआ कि कोई मेरे आस पास मुझे चूँ कर गया है
28:34क्या वो ये दुबारा कर सकता है वकार की रिकॉर्ड की हुई तस्वीरों को जब हमने रिवाइन किया तो एक अजीब सी आवाज सुनाई पड़ी
28:50मुझे ऐसा लगा
28:51अगर आपको लगता है कि आप किसी को भी डरा सकते हैं तो आप मुझे चोग कर दिखाईए
29:10चाहिए आपकी आवास थी
29:12आप तोर पद कोई भी अकेला आदमी इस आवाज को एक बार सुनकर डर सकता है
29:18लेकिन हमारे पास इसका आकलन करने की आजादी थी
29:21यहां इसे खारिच करने के लिए भी तर्क थे और इसे सच मानने के लिए इस बीच
29:41रजत और सौरब की तीसरी टीम बहुत एक्साइटेड होकर हमारे पास आई
29:45उन्होंने स्टिल कैमरे में चंद तस्वीरे खींची थी
29:48उनका दावा था कि इनमें लाइट और्ब्स की तस्वीरे आई हैं
29:52माना जाता है कि भूत प्रेत लाइट और्ब्स यानि रोष्णी के गोलों की शकल में अपनी उपस्थिती दर्ज कराते हैं
29:58गौरब एक एक कर इन तस्वीरों को बारीकी से जाचने लगें
30:02यह कापी अनियूस्वल है यह इन्वस्टिकेटर हमारे पास आये और उन्होंने दिखाए कि हमें और मिला है कैमरे पे यानि एक सर्कुलर बॉल अफ लाइट जोनके पोटोग्राफ में आई थी
30:21पैरनॉर्मल रिसर्च के इनुसार कई बार स्पिरिट्स मेनिफेस्ट करती हैं अपने आपको एजन और लेकिन हमारे लिए और तभी इंटेलिजेंट है या पैरनॉर्मल है जब हम उसके साथ किसी कॉर्रोबरेटिव एविडेंस को साथ में पकड़े यानि एलेक्ट्रमें
30:51थे जो हम बाद में परखने वाले थे उस बंद कमरे में रिकॉर्डिंग कर रहा ट्रेल कैमरा ऐसे ही सुबूत की कट्ठे कर रहा था इन्वेस्टिगेशन के आखरी पड़ाव पर हम इको वॉक्स नाम की मशीन लेकर दूसरी दुनिया से बातचीत करने निकले
31:08मुझे लेकारां तो अगर आप हमारे साथ हैं और हमारी आवास सुन सकते हैं।
31:15और हमें समझ सकते हैं, तो इस मशीन के सहरें, मशीन के माध्यम से बात करने की कोशिश करें।
31:23क्या हमें आपका नाम जान सकता हूं?
31:28कि आप पास आई है मुझे पता है आप मशीन के पास है
31:37कि आप हम हमसे इस काटे के इत्नू बात करना चाहते हैं
31:45हमें तीम बार इस काटे को हिला के दिखाई है एक दो कि अन्य वाद
31:55कि आप दूर जाएंगे तो यह दना मुझे कास को दूर जाएंगे तो यह द्ला मन हो जाएगे
32:08मेरा नाम बहुरतिवारी है कि आप दूरा सकते हैं
32:11काट कि अधर्ड़ाम पाट जाएगे जिए अपनवक्ष लिए और भात करने की कोश्शिश करिए
32:25कि यह आप फाप पुछे राजस्थानी में भी सवाल पूछे ये एमेप मीटर की सूल जो बहुत तेजी से हिल रही थी लेकिन सवालों के जवाब में कोई भी सपष्ट शब्द सुनाई नहीं दिया
32:41क्या राजस्थानी में हम से कुछ बोल सकते हैं
32:44हमारी इस पूरी परताल में रात के तीन बच चुके थे
33:11हमने सोचा अब यहां से बाहर निकल कर उन सभी तस्वीरों को देखा जाए आवाजों को सुना जाए जो हमारे उपकरणों ने यहां रिकॉर्ड किये होंगे
33:20अगर यहां पी किसी तरह के मर्मेंट हुई लोग उसका प्यायर संस करेगा और वीडियो को आटमाटिक और यह देखें
33:36यह कमरा बंद रहा है और यहां पर जी क्यामरा हम फूर तब देखा देखें
33:41उस बंद कमरे से ट्रेल कैमरा निकाल कर हम कुल्धरा से लोट गए
34:01तो हमने इस्तमाल किया था गोप्रो क्यामरा इंफ्रारेड क्यामरा और एको वॉक्स पर क्या इसमें कुछ रिकॉर्ड हुआ था अब यह देखने की बारी थे
34:20क्योंकि आखों को वहम हो सकता है दोखा हो सकता है क्यामरे को ने
34:25क्यामरा इस सकता है
34:55पहर चार बजे से लेकर सुबह के दीन बजे तक कुल्धारा के कथित तौर पर घुताहा गाउं में हमने ग्यारा घंटे बिताए थे इस दौरान घंटों की रिकॉर्डिंग हमारे पास उपलब्ध थी वहां से लौटने के बाद हम उसी का आकलन करने बैठे थे
35:09मतार सिर्ड़ घंटों की अदे रिकल्दा थे तौर अघंटे वहां से लिए टाइब ए जिए कि आटाशनी भारे प्रूर्पल नेुटे साइब धितितर अड़ित चाहिए को अधोर लिए दिए के आटशनी ने पिसे कुए प्टॉर्पल दूए ने पिसे घिल पॉर्पलिक �
35:39और अस्टे थारी बार थारी वीजन गदी यह दो चाले गिंटा अफारी कि यह दो है।
35:52यह टाइम क्या है? फादे बार, 12.23 अब बार रखी जो है कि अबगा से लिए लिए लिए लिए अब भी जाए कि अब पादेंगे कि अब दो चाहिए है।
36:06यानि जो कैमरा किसी भी हरकत पर एक मिनट का विडियो बनाता है
36:24उसने विडियो की जगह केवल एक तस्वीर खींची थी
36:27काली अंधेरे उस कमरे की इस तस्वीर में दीवार पर एक आकृती सी थी
36:34लुडुवण जब तक दिवीर होगी है अपसने पिचेक लिखी है प्लेकर चाप लेकि थी बऌसी नेखी है
36:42यह प्रिक्चर में एक चीज और इसको अप्मेटिक सी बोग सकी।
36:46मेरा धियन तो बेसिकली इस मोशन पेर लेकिन यहां पर बेसिकली इसकी।
36:50फिगल सब्ड़न रहे हैं अशना में इसकी और अचाले के बैठी हो यह बुछ।
36:55लेकिन रपी छोटी इसी इमेज है इसको इसको तंसी जनी करो मैं जना परिश्ण।
37:00इस कमरे में रोशनी का कोई जर्या नहीं था।
37:12लिहाजा परच्छाई की तस्वीर में गौरव की टीम सुबूत देख रही थी।
37:21दूसरे नजरिये से देखिए तो शायद ये उपकरण में खराबी के भी संकेत हो सकते हैं।
37:26हाला कि जब हम कैमरा वहां से उठाने गए तो हमारा एक मिनट का विडियो पॉन्टोमेटिक रिकॉर्ड हुआ थी।
37:32यानि हर दर्ज सुबूत के दो पक्ष थे।
37:51किसी के लिए प्रत्यक्ष उर्जा की उपस्थिती, किसी के लिए केवल ध्रम।
37:57हाला कि कुलधरा के पुराने दर्बान के मुताबिक एहसासों से परे एक किस्सा और है।
38:04कुलधरा एक सम्रिध गाम था।
38:07लोग अपने खजाने पीछे छोड़ कर गए थे।
38:10उनके हिसाब से इस खजाने को हासिल करने के पीछे का भूत वास्त्विक भूत प्रेट से ज्यादा खतरनागी।
38:17है।
38:23है यहीं भूत बड़ा है।
38:28अग्री हाट आती है।
38:30पुझा भूत के मिसमें बताती है।
38:32यह जुदेव खजाने की तलाशराज कि नोगा,
38:35आज की शमय में तदाता भूत खुद इंसान भूतूत।
38:39ये इतिहास, एहसास और आभास की एक रात थी
38:55अद्भुत अविश्वस्निय अविश्वस्निय में आज के लिए इतना ही
39:00अगले एपिसोड में फिर होगी आपसे मुलाकार
39:03तब तक देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रही आज तक
39:06झालSचनिय अविश्वस्निय घ काल
39:16झाल
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