Skip to playerSkip to main content
جادوئی وڑا پاؤ کا گاؤں ایک دل کو چھو لینے والی اور حیران کن کارٹون کہانی ہے۔
یہ کہانی ہے ایک غریب وڑا پاؤ بیچنے والے ارجن کی، جس کے خواب بہت بڑے تھے۔

ارجن کو آرکیٹیکچر کالج میں ایڈمیشن تو مل جاتا ہے، مگر فیس کے لیے وہ پریشان ہو جاتا ہے۔ زمیندار اس کا مذاق اڑاتا ہے، مگر ارجن ہار نہیں مانتا۔

ایک دن ایک جادوئی فقیر اسے ایک ایسے گاؤں میں لے جاتا ہے جہاں وڑا پاؤ کی شکل کے گھر بنے ہوتے ہیں! وہاں ارجن ایک انوکھا فن سیکھتا ہے اور واپس آکر ایسا گھر بنا دیتا ہے کہ پوری دنیا حیران رہ جاتی ہے۔

یہ کہانی آپ کو سکھائے گی کہ:
✅ خواب بڑے ہوں تو کچھ بھی ممکن ہے
✅ محنت اور ایمان انسان کو کامیاب بناتے ہیں
✅ غریب بھی دنیا بدل سکتا ہے

اگر آپ کو ایسی Emotional, Motivational اور Magical Cartoon Stories پسند ہیں تو ویڈیو کو Like 👍 کریں، Subscribe 🔔 کریں اور اپنے دوستوں کے ساتھ Share کریں۔

🔥 Watch Till End For Amazing Twist!

#جادوئی_وڑا_پاؤ_کا_گاؤں #CartoonStory #EmotionalStory #MotivationalStory #KukuTV #VadaP

Category

🐳
Animals
Transcript
00:00अर्जुन की आँखों में खाब बहुत बढ़े थे
00:24शाम धल चुकी थी
00:26दिन भर की मेहनत के बाद अर्जुन अपने ठेले को समेट कर घर लूटा
00:31जोमपड़ी छूटी थी
00:34मगर उसके अंदर मा की दुआओं की गर्मी बसी हुई थी
00:38मा आज एक बात बताओ
00:39हाँ बेटा सुना कबसे कोई अच्छी खबर नहीं सुनी दिल तरस गया
00:44मा मुझे शहर के शिरी राम कालिज आफ आर्किटेक्चर में एडमीशन मिल गया है में सिलेक्ट हो गया
00:50सच काश तेरे पता आज जिन्दा होते वो ये सुन कर कितना खुश होते
00:56बेटा जब ताव घर बनाना सिखे ना तो ऐसा घर बनाना जो लोगों की जिन्दगी बदल दे
01:01हाँ मा में ऐसा ही घर बनाओंगा तुम्हें कभी मायूस नहीं करूँगा
01:05खाब पूरे होने के करीब थे
01:08मगर एक सवाल था जो अर्जुन की नीन चरा रहा था
01:12कालिज की फीस
01:14एड्मीशन तो मिल गया मगर फीस कहां से आएगी
01:18मा ने सारी जिन्दगी मेरे लिए मेहनत की है
01:21मैं इसे और बोच नहीं दे सकता
01:23अगर फीस जमाना हुई तो मेरा खाब यहीं खत्म हो जाएगा
01:27ये वो लमहा था
01:29जब खाब और हकीकत आमने सामने खड़े थे
01:33गिले दिन आर्ती जमीनदार की हवेली पहुची
01:37ये हवेली गाउं के हर घर से कई गन्ना बड़ी और शाहाना थी
01:41मदर आर्ती के दिल में अपने बेटे की फिक्र और अजम की गर्मी थी
01:46सर मेरा बेटा पढ़ना चाहता है
01:48वो कागस पर खुबसूरत नक्षे बनाता है
01:51मुझे इसकी तालीम के लिए थोड़ा सा कर्ज चाहिए
01:55तेरा बेटा जो वड़ा पाउ बिस्ता है
01:57ये वही बेशने वाला घर बनाएगा
01:59हाए हाए
02:01सर में कुछ नहीं मान रही
02:03बस मेरे बेटे के खाब की फीस जमा करने की इजाज़त दे
02:06जमीनदार जोर जोर से हंसने लगा
02:10आरती के दिल में जिलत का घूंट उतर गया
02:14मगर उसके अजम की आग बजने नहीं दी
02:17रती घर वापस लूट आई
02:20जमीनदार ने ना सिर्फ कर्ज देने से इंकार किया
02:24बलके जिलत भी दी थी
02:26कर्ज ना देने का दुख नहीं
02:28मगर जो जिलत दी उसे में कभी नहीं भूल सकती
02:30मा तुम प्रेशान मत हो
02:33मैं जमीनदार को गलत साबित करके रहूंगा
02:35अर्जुन की आँखों में आंसु थे
02:38मगर मुठी बंद थी
02:40अजम और उमीद की रोशनी अब उसकी मायूसी पर गालिब आ रही थी
02:45अर्जुन के दिल में मायूसी और फिक्र का बोच था
02:49तब उसकी दोस्त मेरा आई
02:52जो हमेशा नए आईडियाज और हल सोचती थी
02:55अर्जुन तुम एकने घुसे में क्यों हो?
02:59मेरा तुम है क्या लगता है?
03:02तुम वला पाव बनाते होना तो फिर वला पाव का घर क्यों नहीं बना सकते?
03:08मेरा तुम क्या कह रही हो?
03:10ऐसा कुछ बनाओ के कालिज खुद तुम्हें बुलाए, नुक्री तुम्हारे पीछे आए
03:14और लोग तुम्हारे डिजाइन की तरीफ करें
03:16अर्जुन पहली बार एक अनोखा खाव देख रहा था
03:21एक खाव जो उसे ना सिर्फ जमीनदार के चैलिंज से निकालेगा
03:39और ठका हो, बेटा मुझे बहुत भूक लगी है कुछ खाने को दो, ये लो खा लो, तुम्हें सच में दिल से दिया
03:48इसलिए में तुम्हें एक राज दुखाना चाहता हूँ, ये दरख्त, ये जगा, खास है
03:54ये क्या है अब कौन है?
04:00ये फकीर सिर्फ फकीर नहीं, ये एक जादूई दुनिया का रहनुमा था, जो अर्जुन की नियत से मुतासर हुआ था
04:18ये एक जाद।
Comments

Recommended