00:00ये दो तस्वीरे हैं एक तरफ उनकी विदाई की तयारी है दूसरी तरफ लोग है जो लगा
00:05बातार इस बात पर मतलब हर किसी का एक किस्सा है बारमती में एक तरह से हम कह सकते हैं
00:10गर घर में उनकी पहचान थी लोगों का वो काम करते थे और जब आप शरत पवार की
00:15तस्वीर देखते हैं उनके नजरीये से अगर आप इस द्रिश्च को देखते हैं
00:20साहिल बहुत कठिन समय है
00:25और मैं आपको बताओ कल अगर आपने उनकी प्रतिक्रिया सुनी होगी
00:30आप सूचिए पचासी साल के नेता पचास साल से उपर
00:35का अनुबव है अलग-अलग महराश देश की राज़नीटी में अलग-अलग
00:40कभी विधान सभा में, कभी विधान परिशद में, कभी राज्य सभा में, कभी लोग सभा में
00:45कभी महराश के बुक्या मंतरी, कभी मंतरी, कभी केंडर में मंतरी, अलग-अलग तरीके का
00:50अनुबव उनका हमने आज तक देखा हुआ, लेकिन आज की स्थिती में भी जब उन्हेंने अपना कोई अपना कोया
00:55हुआ है, कल जब उन्हें ये खबर पता चली, उसके बाद बारा मती जाने के लिए
01:00वो निकले, लेकिन आने के बाद पहली परतिक्रिया उनकी ये थी, जो अजीट
01:05पवार के निधन के बाद अजीद पवार के इस दुरगटना में निधन के बाद में जो
01:10मांग की जा रहे थी जो बाते कहीं जा रहे थी उनको कहीं न कहीं फुल स्टॉप लगाना
01:15करिया उनकी यह थी कि जो हुआ है वो एक दुरगटना है कोई राजनीती नहीं है
01:20के पीछे यह सबसे पहली कमेंट अजित अशरत पवार की जो जिम्मेदारी का एहसास आज
01:25इस उमर में भी उन्होंने लोगों के लोगों में कोई भ्रहम ना फुर्ट
01:30पहले इसलिए सबसे पहली प्रतिक्रिया पवार बरिवार के तरफ से और वो भी शरत पवार ने कल प्रतिक्रिया
01:35बूलना काफी मुच्दिल हो रहा था उन्हें जिस तरीके से वह बात कर रहे थे एक मिनिट की उनकी प्रतिक्रिया
01:40और उसके बाद वो सारी अटकले जो अलग अलग नेता सवाल उठाकर लगा रहते हैं
01:45उनको रोक लिया गया और आज भी सबसे पहले साड़े नौ बजे अब
01:50शरत पवार यहां पर पहुंचे और उनके साथ में सुप्रिया सुले के पती
01:55सदानन सुले भी उनके साथ पे थे और बाकी उनका परिवार भी यहां पर है
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