00:00दुक का दिन हम देश वास्वियों के लिए है जजित प्रवार जिनका सारुजनिक जीवन कही साथ
00:05दुक का था वर्षों से वह महराष्ट के आमगजीब कुसानों की अुद्धू
00:10सेवा कर रहे थे इस असमाई कुलिक्ति से अब
00:15हमने एक भड़ा नेताफ हो दिया है इस वर उनको अपने चरणों में जगे दे
00:20कि आत्मा को शांती मिले उनके परवार जनों को इस महां दुक वहन कर दो
00:25करने की छमताई शुर्ट दाना है
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