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  • 1 hour ago
बुधवार को भारतीय राजनीति,  खासकर महाराष्ट्र की सियासत को बड़ा नुकसान हुआ...जब राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में एक डिप्टी सीएम अजित पवार का एक प्लैन क्रैश में निधन हो गया. राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी सहित तमाम नेताओं ने शोक जताया. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा मैंने शक्तिशाली और उदार मित्र खो दिया.केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरे साथ उनके बेहद घनिष्ठ संबंध थे, महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी प्रशासनिक क्षमता का कोई मुकाबला नहीं था.अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देओलाली प्रवरा में हुआ था. कम उम्र में ही उन्हें अपने पिता की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं. चाचा शरद पवार की छत्र छाया में बड़े हुए. उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश 1982 में हुआ. चीनी मिलों, दूध संघों और सहकारी बैंकों के साथ काम किया. 1991 में पूणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन बन.इस पद पर वे लगभग 16 साल तक रहे. सहकारी संस्थानों के साथ उनके लंबे जुड़ाव ने उन्हें एक मजबूत जमीनी संगठनात्मक नेटवर्क बनाने में मदद की.अजित पवार का चुनावी सफर 1991 में शुरू हुआ.  जब वे बारामती से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए. बाद में ये सीट उन्होंने चाचा शरद पवार के लिए छोड़ दी. उसी साल बारामती से विधानसभा चुनाव लड़ा और 7 बार यहां से विधायक बनकर बारबारामती का प्रतिनिधित्व किया. महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें बड़ा पद 1999 में मिला. जब वे कांग्रेस एनसीपी के गठबंधन वाली सरकार में सिंचाई मंत्री बने और उसके बाद वे ग्रामीण विकास मंत्री बने. 2004 से 2014 के बीच उन्होंने प्रदेश की सरकार में अलग-अलग मंत्री पद संभाला.वे 6 बार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री रहे. 2010 से 2012 के बीच पहली बार डिप्टी सीएम बने. राजनीतिक सफर में उतार चढ़ाव के बीच चाचा से अलग होकर बीजेपी के साथ गए. शिवसेना से बगवात कर एकनाथ शिंदे ने बीजेपी- अजीत की एनसीपी के साथ सरकार बनाई.. जिसमें वे डिप्टी सीएम बने और फिर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद छठवीं बार उपमुख्यमंत्री पद संभाला.सियासी सफर में चाचा शरद पवार से अलग होने के बाद भी पारिवारिक स्तर पर दोनों के बीच कभी दूरियां नहीं दिखी.हाल ही में कुछ जगहों पर दोनों की पार्टी ने नगर निगम का चुनाव लड़ा.

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00:00भारतिय राजनीती
00:05खास कर महराष्ट की सियासत में बुधवार को बड़ा नुकसान हुआ
00:10जब राजी के सबसे प्रभावशाली निताओं में से एक डिप्टी सीम
00:15अजीत पवार का एक प्लेन क्रेस में नीधन हो गया
00:18राजनीतिक गलियारे प्रभावशाली निताओं में से प्रभावशाली निताओं में से एक डिप्टी सीम
00:20प्रभावशाली निताओं में शोक की लहर दोड़ गई राष्टपती प्रधान मंत्री के अजीतिक गलियारे निताओं में से एक डिप्टी सीम
00:25प्रभावशाली निताओं में शोक जताया
00:30प्रष्ट के सीम दिवेंद्र फड़नवीस ने कहा
00:32मैंने सक्तिशाली और उदार मित्र
00:35खो दिया
00:36सुबह मैंने अधरने प्रधान मंत्री जी को
00:40अधरने ग्रोह मंत्री जी को इसके पूरी जान करते हैं
00:45करी दी उन्होंने भी इस घटना पर बहुत है
00:50दुख वेक्ते किया है
00:55सभी लोग एक प्रकार से शौक में है
00:57हम से सहकारी
00:59हम जतुन
01:00थे दुखता है
01:01यज शबहों चाहते ही
01:03अज हम आपे ज़िए
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01:20this is a very sad and sad
01:22and sad
01:24this is the 40th year
01:25I have been very happy in the city of Maha Rashtra.
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01:35Thank you very much.
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01:47नगर जीले के राहूरी तालूका के देवलाली प्रवरा में हुआ था।
01:52कामर उमर में ही उन्हें अपने पिता के मिर्ट्यू के बाद परिवार की जिनमेदारियां राहूएं।
01:57चाचा सरद पवार की छत्र छाया में बड़े हुए।
02:02उनका सर्वजनिक जीवन में प्रवेश 1982 में हुआ।
02:07चीनी मिलो, दूद संगु और सहकारी बैंकों के साथ काम किया।
02:121991 में पूने जीला किंद्रियस हकारी बैंक के चेर्मैन बने राहूए।
02:18इस पदपर वे लगभग 16 साल तक रहे।
02:21सहकारी संस्था।
02:22उनके लंबे जुडाओं ने उन्हें एक मजबूत जमिनी संगठना था।
02:27अपमक नेटवर्क बनाने में मदद की।
02:30अजीत पवार का चुनावी सब्सक्राइब।
02:32पर 1991 में सुरू हुआ।
02:35जब वे 12 मती से पहली बार लोक्सभग रहे।
02:37के लिए चुने गए।
02:39बाद में ये सीट उन्होंने चाचा सरद पवार के लिए
02:42छोड़ दी।
02:43उसी साल 12 मती से विधायक चुने गए।
02:46और साब लोक्सभग रहे।
02:47साथ बार यहां से विधायक बनकर
02:4912 मती का प्रतनी धित्व किया।
02:51महराथ
02:52राश्ट की राजनिती में उन्हें बड़ा पद 1999 में मिला।
02:56जब वे कॉंग्रेस एंड़ेश
02:57के लिए विधायक राश्ट की राजनिती में उन्हें बड़ा पद 1999 में मिला।
02:57के गडबंधन वाली विलास राव देश मुख की सरकार में सिचाई मंत्री बने।
03:02और उसके बाद वे ग्रामिन विकास मंत्री बने।
03:062004 से 2014 के बीच उन्होंने प्रेदेश की सरकार में अलग राजने।
03:11लगमंत्री पद संभाला।
03:13वे छे बार महराष्ट के उपमुद।
03:16अजीत 2010 से 2012 के बीच पहली बार डिशने।
03:2150CM बने।
03:22राजनितिक सफर में उतार चड़ाओ के बीच चाचा से अलग राजने।
03:26अलग होकर BJP के साथ गए, अलग पार्टी बनाई।
03:30सिर्षेना से बने।
03:31अगावत कर एकनाथ सिंधे ने BJP अजीत की NCP के साथ सरकार राजने।
03:36जिसमें वे डिप्टी CM बने।
03:39और फिर 2024 में
03:41हुए विधानसभाद चुनाओ के बाद अजीत छठवी बार उपमुखमंतरी पद संभाला।
03:46सियासी सफर में चाचा सरतपवार से अलग होने के बाद भी पारी बार राजने।
03:51प्रारिक अस्तर पर दोनों के बीज कभी दूरियां नहीं दिखी।
03:55हाल ही में इनों के बाद राजने।
03:56होने नगर निगम चुनाओ में कई सीटों पर साथ मिल कर चुनाओ लडा।
04:01इटी भार
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