Skip to playerSkip to main content
  • 15 hours ago
सेंसर की खास बात यह है कि मरीज के साथ-साथ शुगर लेवल की जानकारी संबंधित चिकित्सक को भी मिलती रहती है.

Category

🗞
News
Transcript
00:00अभी तक डाइबिटीस में जो हम लोग जाज करते हैं तो
00:05दो तीन तरीके से जाज करते हैं
00:07एक तो हम लोग लेबरेटरी में जाज करते हैं
00:10हम आत्मे से वीनस ब्लड लेते हैं
00:12और इस ब्लड में मल्टिपल
00:15कई जाजे ऐसी होती हैं
00:16जिसमें शुगर की में जाज कर सकते हैं
00:18कॉलस्टरॉल कर सकते हैं
00:20उसके किड्नी की जाज कर सकते हैं
00:22लीवत की जाज कर सकते हैं
00:23मल्टिपल जाज कर सकते हैं
00:25दूसरी जब हमें मॉनिटरिंग करनी होती है
00:28डाइबिटीज के मरीड़े
00:30जो मैं शुगर की
00:31तो हम एक या फिंगर से प्रिक्स से लेके
00:35यहां पर एक छुटा सा फिंगर करके
00:37और उससे हम टेस्क लेते हैं
00:40से बहुत ग्लूकोमीटर बहुत आसानी से हो जाता है
00:43और आज कल एक जाज कर सकते हैं
00:45एक मिनट से भी कम समय में हम जाज कर सकते हैं
00:48अब बता सकते हैं कि इसकी ब्लड शुगर के प्रिक्स
00:50करती है तो यह बहुत कारगर उपाय थे लेकिन हमें बार बार फिंगर प्रिक्स
00:55करना पड़ता था फिंगर और उसी के बाद ही हम जाज कर सकते थे
01:00अभी आज कि जमाने में मॉडर्न टेक्नोलोजी ऐसी आ गई है कि एक
01:05छोटी से SIM की तरह से एक Sensor होता है जो हम वहाँ पे चुपका देते हैं
01:10और यह मिनिट टो मिनिट उसके ब्लड सुगर की जाज करती है Sensor इसके
01:15इसमें कोई तरह की कोई सुई नहीं होती है सिरफ उसको यहाँ बहाँ पे चुपका देते हैं
01:20और यह 14 से 15 दिन काम करती है यह Sensor और हर में
01:25मिनिट टो मिनिट ब्लड सुगर की जाज करती है और आज के जमाने में यह
01:30मोबाइल से भी कनेक्टेट हो जाती है पेशिंट के और यह डॉक्टर जो उनका चिकिस्त को
01:35होता है उससे भी कनेक्टेट हो जाती है यानि डॉक्टर भी उसकी शुगर को मॉनिटरिंग
01:40कर सकता है वो पेशिंट चाहिए कहीं भी हो और पेशिंट अपने मोबाइल पे भी उसकी
01:45मिनट टो मिनट मॉनिटरिंग कर सकता है तो यह एक आधोनिक उपाय है
01:50जिससे हम शुगर की मॉनिटरिंग कर सकते हैं इवन हमने यह दिखाए कि
01:55में हमें कई बार बहुत स्ट्रिक्ट शुगर की जाज करनी पड़ती है और कई
02:00तो उसे फिंगर प्रिक्ट थोड़ी सी अंकंफर्टिबल होती है पेशेंट के लिए
02:05तो हम यह जो सेंसर होता है यह हम लगा देते हैं उसके
02:10पेशेंट के बहाँ पे और यह 14 दिन तक उसकी मिनट टो मिनट जाज करते हैं
02:15इससे हम उसके इंसुलिन चल रहा है तो उसकी डूस को निधारित कर सकते हैं
02:20यह दिखाने में कोई दिक्कत हो रही हो तो उसको हम सेट कर सकते हैं
02:25और उसके एक्टिविटीज के कुछ शुगर की उची नीची हो रही है तो उसको
02:30भी हम सेट कर सकते हैं यानि यह एक अधुनिक उपाय है जिसे हम कंटिनूज लूप
02:35कोज मॉनिटरिंग सिस्टम बोलते हैं
02:37cgms और इतना मॉडर्र है
02:40कि इस से हम बहुत जल्दी से
02:44और आसान
02:45तरीके से शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं
Comments

Recommended