00:00बिहार के शेकपुरा सुले की कृष्णा देवी और उनके पती प्रविन पिछले 6 वर्षों से बिहार में रहकर तमिलनाडू की मशूर तंजोर पेंटिंग बना रहे हैं।
00:17सिमित संसाधन की भावजूद इस दमपती ने अपने हुनर के बल पर ना सरफ पहचान बनाई है बलकि आर्थिक आत्म निर्भरता के मिसाल भी पेश की है।
00:47क्रिशन के प्रती प्रविन का कहना है कि दक्षिन भारत के इस मशूर पेंटिंग की अब उत्तर भारत में भी डिमांड बढ़ रही है।
01:02मार्केटिंग तमिलाडू में तो बनता है तमिलाडू का भी ज्यादा मार्केटिंग इधर ही है दिल्ली में इसका ज्यादा मार्केटिंग है अब दिल्ली के साथ साथ हर एस्टेट करीब कर भी हम लोग जाते हैं तो इसलिए अनुभव होता है कि सबसे ज्यादा कहां से ल
01:32I have been making paintings in the house.
01:35I have been making paintings for 10 years.
01:37Krishna and Praveen have painted paintings in the past,
01:40and they have made paintings in the past,
01:42and they have made paintings in the past.
01:44In the painting,
01:46it is used to be used to be made by the paintings of the past.
01:49This is the report for ETV.
01:50For this, Shikpura, Shivchandr Pratap.
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