00:00तेरे जाने के बाद खाब राख बन गया है
00:09दिल के शीशे के टुकडे खुद ही पेना पड़ा है
00:21कैसे जी रहा हूँ साए भी छोड़ गये
00:32रात भी रो रही है तन्हाई कहती है तो वापस क्यों नहीं
00:41तेरे बेना जीना पाया रू भी रो पड़ीगी
00:49रू भी रो पड़ी
01:01खाबों की जो यादों की बारिश में भी गता हूँ
01:21रात दिन चाहत के लमों का अब कोई हसाब ही नहीं
01:33तेरे बना दुनिया का रंग ही छोते गया मेरी रू रखती है
01:45मुझे को क्यों भूला गया कसम थी राक में सो गई तेरे बेना जीना पाया
01:59मेरी दुआओं का आखरी लफ़ तो है था
02:06हर सुब में मेरे खुदा बता क्यूं है ये फासला
02:13दिल दोड़ कर भी क्यूं लगता है तो पास ही
02:21मेरा तु लोट तु लोट मुझे को जिन्दा कर खुदा
02:37कर दो दो पास हुआ है
02:47भूब दो पास है
02:49भूब दो पास है
02:52कर दो दो बता है
03:06झाल झाल
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