Skip to playerSkip to main content
  • 13 hours ago
Dard bhari rula dene wali shayari यह दुनिया की सबसे बेहतरीन शायरी

Category

😹
Fun
Transcript
00:00तुम क्या जानो मैं खुद से शर्मिन्दा हूँ, छूट गया है साथ, तुम्हारा फिर भी जिन्दा हूँ, मुश्किल नहीं, मेरा फिर से पहले जैसा हो पाना, खुद को बहुत पीछे छोड आया हूँ, एक आंसू भी गिरता है तो लोग हजार सवाल पूछते हैं, ऐ ब�
00:30जादी मेरे मौला, आखिर मेरी खता क्या है, हम वो कश्टी हैं, जिसका कोई किनारा ना हुआ, हम सबके हुए मगर कोई हमारा ना हुआ, तनहाई में भी एक भीड सी होती है, जब दिल में बस उसकी ही तस्वीर होती है, ए खुदा, उम्र चाहे मेरी कम लिखना, पर जितनी
01:00कुछ मांगा करो हमसे, हम तूटी हुई चीज का तौफा नहीं देते, सोचू तो सारी उम्र मोहबबत में कट गई, देखू तो एक शक्स भी मेरा नहुआ, मुझे कबूल है हर दर्द, हर तकलीफ तेरी चाहत में, सिर्फ इतना बता दे क्या तुझे मेरी मोहबबत कबूल
01:30हमने तेरे लिए खुद को मिटा दिया, ताकि तू मुस्कुराता रहे, और तूने हमें छोड़ कर किसी और की दुनिया सजाई
01:38तेरे बिना अब हर सांस बोच जैसी लगती है, क्योंकि तेरी मोहबबत के बिना जिन्दगी का हर लमहा अधूरा है
01:46तेरी मोहबबत में हमने हर गम को हांस कर सह लिया, मगर तेरे जाने का दर्द हमें अंदर से पूरी तरह खोखला कर गया
01:58हमारी मोहबबत तुझसे इतनी गहरी थी कि खुदा भी गवा होता, मगर तूने उसे जूठा साबित कर हमें गुनाहगार बना दिया
02:06तेरे लिए दिल की हर धड़कन कुर्बान की, और तूने उसी दिल को धोखे के खंजर से घायल कर डाला
02:16हमने तेरे नाम पर अपनी जिंदगी के हर सपने का ताजमहल बनाया, और तूने उसी को बेवफाई की आंधियों से गिरा दिया
02:23तेरी महबबत ने हमें जीना सिखाया था, मगर तेरी जुदाई ने हमें सांसों से भी नफरत करना सिखा दिया
02:31तेरे बिना अब दिल वीरान और आखें सूनी है, जैसे महबबत का हर रंग अब सिर्फ दर्द में डूबा हो, तेरे इश्क में हमने अपने जज़बातों को खून की तरह बहा दिया
02:43और तू था कि हमें दर्द का मरीज बना कर चला गया, हमने महबबत को अपनी रूह में जगह दी थी, मगर तू ने उसी रूह को तनहाई की कैद में धकेल दिया
02:54तेरे बिना अब हर रास्ता वीरान और हर मन्जिल सूनी लगती है, क्योंकि तू ही हमारी महबबत का सबसे बड़ा सहारा था
03:05हमारी महबबत तेरे लिए इबादत की तरह पाक थी, मगर तू ने उसे खेल समझ कर हमें धोखे का इनाम दिया
03:12तेरे लिए हमने अपनी हर ख्वाहिश, हर हस्रत कुर्बान कर दी, और तू था कि हमें गम की सौगात दे कर निकल गया
03:24तेरी महबबत की यादें अब जहर सी बन गई हैं, जो हर रोज हमारी रूह को चीर कर जला देती है
03:30हमने तु तु तुझे अपना हमसफर मान कर दुनिया भुला दी, और तू ने हमें अकेला छोड़कर गैरों का हाथ थाम लिया
Comments

Recommended