00:00հिजेश गोईल, Chairman Chamber of Trade and Industry, CTI.
00:03आज भारत और European Union के bीच में जो trade deal होई है,
00:07इसका दिल्ली और देश में वियपारीयों के संगरान CTI ने स्वागत किया है.
00:12CTI का मानना है कि इससे जो भारत के वियपारीयों हैं, भारत के जो exporters हैं,
00:16उनके लिए लगबग 50 अरब डालर का निर्यात होगा और जो जेबसेट ज्वेलरी है,
00:21फुट्वियर है, टेक्स्टाइल है, चमडा है, इसके लावा ओटो पार्ट्स है,
00:27समुद्री उत्पाद है, क्रसी के जो उत्पाद है, ऐसे बहुत सारे सेक्टर हैं,
00:31जिनमें निश्चित रूप से प्रोश्चान बनेगा, और जो ये यूरोपेन यूनियन के जो 27 देश हैं,
00:38निश्चित रूप से भारत के लिए बड़ा बजार साबित होगा,
00:41तो FTA के अंदरगत लगबख 1.9 अरब लोग जुड़े हैं, और 22 ट्रिलियन डॉलर का ये बजार है,
00:48और जिस तरह से पिसले दिनों अमेरिका ने भारत पे 50% टेरिफ लगा दिया था,
00:52उसके कारण भारत को लगबख 48 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा था,
00:56अमेरिका के जो वेपारी हैं, वहां की कमपनिया हैं, उन्होंने भारत के वेपारी हों को,
01:00भारत की बड़ी-बड़ी कमपनियों को ओर्डर देना बंद कर दिया था,
01:03तो भारत के वेपार पे बहुत बड़ा इसका असर पढ़ रहा था,
01:05अब जब की FTA जो डील हुई है, तो ये जो European Union के 27 देश हैं,
01:11ये भारत के लिए एक बहुत बड़ा बाजार साबित होंगे,
01:14और मुझे लगता है भारत की कमपनिया आप वहां पे 27 देशों में अपने इंडिस्ट्री भी लगा सकेंगी,
01:18खंपना विमाल बेश सकेंगी,
01:21तो ये मुझे लगता है एक एतियासिक कदम है,
01:24और हमारे जितने विपारी हैं,
01:26और दूसरा, वहां से बहुत सारी चीज़ें,
01:28वहां से गाड़ियां हैं, दवाईयां हैं,
01:29उस पे 25-30% टैरिफ भारत में लग रहा था,
01:33अब उन पे भी टैरिफ अगर कम होगा,
01:35तो वो सब आइटम्स ज़्यादा संख्या में भारत में आज सकेंगी,
01:38तो गाड़ियां, दवाईयां, टेक्स्टाइल,
01:41इसके लावा और बहुत सारी चीजे जो भारत में European countries से आती है,
01:45तो मुझे लगता है उन आइटमों के भी रेट भारत में सस्ते होने की संभाव,
Comments