00:00ुत्राखंड की पहचान एक सुन्दर पहाड़ी प्रदेश के रूप में है
00:12हरे भरे खेत खलिहान, पर्वत स्रिंखलाएं, प्राकृतिक सुन्दरी यहां की पहचान है
00:19लेकिन राज ये अस्तितु में आने के बाद, इन 25 सालों में पलाईन की मार जेल रहे कई गाउं खाली हो चुके हैं
00:27कभी लोगों से गुलजार रहने वाले गाउं को घोष्ट विलेज कहा जाने लगा है
00:32आज मैं एक ऐसी जगे पे खड़ा हूँ, आप ठीक मेरे पीठी देख सकते हैं
00:37यहां एक बचंडशी हूँ, रुदरप्याग जन्पत का एक गाउं है, जिसका नाम ल्वेगड है
00:43यहां एक पुरात्तिक दिष्ट से देखा जाए, तो इसका बहुत बड़ा महत्व
00:50यहां पे जो आप वर्तमान में पौड़ी जन्पत और रुदरप्याग जन्पत को जोड़ने का राह है, यही एक इस्थान मात्र था, जो चौनपूरगड और देवलगड और इनको जोड़ने का कार्या किया है, चौनकोरगड से, या चमोली वर्तमान में चमोली जिल्ला �
01:20क्योंकि इससे नीचे का जो छेत्र है, वो बड़ी नदी का छेत्र है, और यही एक इस्थान मात्र था, जो गदेरे का और कम इस्थान, ताकि व्यक्ति पैदल चल सके, या पैदल पूल बना सके, या नदी को तैरकत चल सके.
01:35उत्रखन के गाओं के घर कभी भरपूर आबादी से चहल पहल किये रहते थे, पलाइन ने अब इस्थिती बदल दी है, हम ऐसे घरों की बात कर रहे हैं, जो कभी लोगों से गुल जार रहते थे, लेकिन आज वहां वीरानी पसरी हुई है, जिन्हें लोग भूतहा गाओं क
02:05गाओं के सुन्सान रास्ते, एक दर्द भरी दास्ता बया करते हैं, जो अपने अतीत की जलक भी दिखाते हैं
02:13सरकार भले ही रिवर्स पलाइन का ढोल पीट रही हो, लेकिन पलाइन का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है
02:22रुद्र प्रियाग में स्वतंता सेनानी, शिव सिंग सजवान का पैत्रिक गाओं ल्वेगड अब पूरी तरह खाली हो चुका है
02:30गाओं की अंतिम निवासी, नब्वे वर्सी सीता देवी के निधन के बाद, शेश्दो बुजुर्ग महिलाएं भी अपने परिजनों के पास अन्य गाओं में चली गई हैं
02:42इससे ये गाओं जन्शून ये हो चुका है, यानि अब इस गाओं में कोई नहीं रहता
02:47गाओं के खाली होने का मुख्यकारण, सडक और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है
02:54जो पलायन वहाँ पर हुआ है, बेसक उस छोटे से गाओं में सडक अभी उपलब नहीं है
03:05लेकिन क्योंकि वो जन सुन्य था, इसलिए जल जीवन मिशन में भी वहाँ पर योजना नहीं बन पाई
03:14अगर कोई उस गाओं में बसता है, तो जल जीवन मिशन में पर जल योजना भी बचंशियों के लिए बन करके तयार है
03:25जो अलग नंदा नदी पे कलिया सोड में जो है वो लिफ्ट पंप बन करके तयार है, बहुत जल जल दी वो चालू हो जाएगा
03:37सडक का जहां तक प्रसन है, प्रधानमंति ज्राम सडक की योजना, फेज फोर में जो है
03:43सडक की स्विक्रिती प्राप्त है, उसका आगणन आजकल बन रहा है, तो सरकार की ये कोशिस रहेगी कि आने वाले समय में अगर लोग रिवर्स प्लाइन करते हैं, वापस अपने गाउं में बसते हैं तो गाउं को ये सुद्ध है, उप्रप्र करवाई जाएगी
04:03लुएगण का नाम उत्रखन के बाउन गणों में गिना जाता है, गाउं में करीब 10 साल पहले तक 15 परिवार रहते थे, सडक और पेजल जैसी सुविधाएं न मिलने के कारण लोग धीरे धीरे पलाइन करने लगे
04:19आज गाउं तक पहुँचने के लिए चार किलोमीटर का पैदल रास्ता भी मुश्किल से ही दिखाई पड़ता है, गाउं के घर तूट चुके हैं और चारों और जाडियां उगाई है
04:30पर मुझे लगता है कि जब सासक काल होता था पुराने टाइम में जब राजाओं का काल था तो उस टाइम इस जगों का नाम जो ल्वेगड पड़ा हुआ है
04:40तो कहीं न कहीं इस गड़ की भी एक अगर आप पौरानी कताओं में सुनेंगे या नयसिंग नेगी जी के गानों में सुनेंगे तो इसका जिकर आता है
04:48Here are the people who have given us here are the people who have given us this area
04:57but the children of the people who have given us this area
05:01You can see that there are a lot of big fields here
05:04There are 5-10 hectares in this area
05:08But the fields were 2-3 hectares
05:12Look at that.
05:15The
05:19this
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05:41Kephih Lwaygad galaun ke aaghan mein bhi kilkariyaan guunchti thi.
05:57Kalain nne aisa dhamsh diya ki pura gaun khaliy ho gya.
06:02Vikas ki badh johorhe nirash log, shaharon ka ruk kar chukhe hayin.
06:06ETV Bharat ke liye Rudra Priyag se Rohit Dimri ki report
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