00:00महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने वाला था, धर्ती काप रही थी, आकाश में अशुब संकेत थे, तभी एक युवावीर प्रकट होता है, बरवरीक, घटोतकच का पुत्र, उसके पास तीन अचूप बाण थे, एक बाण से शत्रु चिन्हित, दूसरे से अपने चिन्ह
00:30अगर बरवरीक युद्ध में उत्रा, तो धर्म का संतुलन तूट जाएगा, श्री कृष्ण ब्रहमर वेश में आते हैं, पूछते हैं, यदि मांगू, तो क्या दोगे, बरवरीक बिना हिचक, मेरा शीश भी, अभी इतना ही, बाकी दूसरे पार्ट में देखेंगे, अब
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