00:00पहले बलिदान, हार से पहले बलिदान यह इनका आदर्श, मूल मंत्र होता है
00:05अपमान से पहले बलिदान, समरपण से पहले खून
00:09राश्रुपती अंगरक्षथ के कमांडेट करल अमित वेर्वाल
00:13और सेकन इनकमांड लेटरिनन करनल अंगज संग फिन
00:18जो कि अब सलामी मंच के सामने में एक कतादबद फड़े हो चुके हैं
00:25ध्वजारोहण होगा जहां पर आज एक महिला अधिकारी
00:29ध्वजारोहण में राश्ट्रपती द्रॉपदी मुर्मू के साथ रहेंगी
00:33और ये भी एक परंपरा है जिसकी शुरुआत 2015 से हो गई थी
00:37समय समय पर यानि की पुरुष अधिकारी भी होते हैं
00:40और ये देकि उर्सुला जे फॉंडेर लाइन प्रदान मंत्री नरिंद्र मोदी उनका स्वागत कर रहे है
00:45और उनको अब साथ लेकर उस मंच पर पहले सभी से उनका परिचाय कराया जाएगा
00:54रक्षा मंत्री राजनाज सिंग से रक्षा राज्यमंत्री से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ आमी चीफ नेवी चीफ एचीफ और रक्षा सचिव
01:03राश्रिपती बहुत अच्छे से सिल्यूट करते हुए मुलाकात कर रही है सभी सेनाध्यक्षों से और ये भी देखिए मतब किस तरीके से उन परंपराओं में ढ़ली है राश्रिपती क्यूंकि वो जो कमांडर इन चीफ है डिफेंस फोसे के सुप्रीम कमांडर है और इसलि
01:33होते हैं क्योंकि प्रधान मंत्री इंडिपेंडेंस के साथ उनका जुडाव रहता है और इस पार तो मतलब उन्होंने रफाल में भी उडान भरी पंडुबी में भी गई राश्रिपती तो बहुत उत्साह रहता है उनमें भी और पंडुबी में डीप डाइव किया पंड�
02:03पंडुबी के अंदर जाना इसल्फ एक बहुत बड़ा एक्सेसाइज है वो इतना असान नहीं है वर्टिकल लेडर होता है अंदर जाना बहुत मतलब जो लोग बाकित नहीं है उनके लिए काफी मुश्किल काम है और राश्पती मौधिया की जो उमर है उसमें संबरीन के �
02:33दोश में एक एक्सेसाइज के दौरान और पंडुबियों के लिए तो कहा जाता है कि वो कभी एक्सेसाइज में नहीं हमेशा फोरेवर इन ऑपरेशन रहती है यह एक बहुत बड़ा घर्व है और समान है भारती नौसेना के लिए
Comments