00:00मैं इस वक्त स्रीनगर के इतिहासिक लाल चोग में खड़ा हूँ आप तस्वीरों में देख सकते हैं ये लाल चोग जो है इसकी पहचान 2019 के बाद ही बदल गई थी यहां पर शूनी डिगरी के तापमान के बीच भी जो हैं सैंक्रों लोग जमा हो गए हैं सुबा सवेरे साथ
00:30काफी सुरक्षा के जो है चाक्चोपत इंतिजाम हमेशा कश्मिर में रहते हैं लेकिन कुछ बदलाव आया है पहले लोग नहीं निकलते थे इस तरह के समारों में लेकिन अब झो है खुलकर लोग जो है इस तरह यहां पर सुतंता दिवस समारों हो या गंतन दिवस समारों
01:00देश के अलग-अलग हिसूं से लोग पहुचे आप अपना ना मताइए जी दुश्यन्त चोहन कहां से आप आए डिली से क्या वजह है शूनी डिग्री तापमान में आज के दिन लाल चोक में बस आज 26 जनवरी के अपसर पर हम लाल चोक स्पेसली इसी के लिए आए डिली स
01:30पहले कश्मीर में ही थी तो आप ने पूरी तरह से देख लिया कि यहां पर क्या हाल है चाहे सीमा हो या शहरी इलाके हो लेकिन कहीं न कहीं यह अलग पहचान अब जुमो कश्मीर की देरा है खासतों से अगर हम शिरी नगर की बात करें शिरी नगर के लाल चोक में जहां प
02:00वो भी जो है कहीं न कहीं गंतंत डिवस का ये पूरुप जो है स्री नगर के लाल चोक में मनाने के लिए हम पहुँचें
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