00:00सब्सक्राइब चुर्णा भी निरी लो थान
00:13अपलस वित निर खोला के हो शाया
00:15लुर्मार ही भी इस दिए थी इस तो इस भी इस बन्हों कि चाहिए
00:22व मिलने इस विख प्रोफ पिस वठी ची कि जो लाख रहते हैं
00:24और वहते हैं?
00:25वहते हैं, वहते हैं
00:30प्योंको सबाब एंग
00:41यह नब ही
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