Skip to playerSkip to main content
  • 7 minutes ago
वॉर मेमोरियल पर शहादत को नमन... PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि; VIDEO

Category

🗞
News
Transcript
00:00गौरव हम अपने दर्शिकों को इसके साथ ही ये भी बता दें कि इन दो मिन्टों में हम आज तक पर भी कुछ नहीं बोलेंगे, कोई ध्वनी नहीं होगी, कोई आवाज नहीं होगी, आप भी अपने घरों में जहां पर मौजूद हैं, बाकी काम हो जाएंगे, दो मिनिट के
00:30अर्चिनल की!
00:37आमननननन
00:41अर्चिनल की!
00:49जड़!
01:19करता है
01:49पर जोह है जो है रस्याब
01:54रखरून उ जया सबस्केघ।
01:59फक्राफ्रोस रहे जड़
02:13जग्सकेत काई रख्रम Türkiye
02:16झाल झाल
02:46झाल
03:16झाल
03:46झाल
04:16झाल
04:46प्रदान मंत्री अब आगे बढ़ेंगे जहाँ पर वो डिजिटल बुक जो है आगंतुक बुक उसमें
04:48हर वर्ष वो अपनी अपनी बाते लिखते हैं अपने सम्मान पे जो आगे बढ़ेंगे जहाँ पर वो डिजिटल बुक जो है आगंतुक बुक उसमें
05:18तो समर्समारक के सम्मान में हमारे वीरों के सम्मान में दो शब्द लिखते हैं वो वहाँ पर उसे लिखेंगे और उसके बाद आगे बढ़ेंगे कर्तव्यपत की ओर
05:30और यह बहुत पुरानी सेन्य परंपरा है कि जब एक वीर अपने प्राणों का सर्वोच बलिदान देता है तो उसके सम्मान में दो मिनिट का मौन रखा जाता है लेकिन उसके बाद देश निराश नहीं होता देश एक बार फिर खड़ा होता है वो वीर एक बार फिर खड�
06:00उसके बाद राउज बजाया जाता है लास्ट पोस्ट यानि कि जब आप अपने फॉलन सोल्जर अपने साथियों के सम्मान में दुख के लिए कुछ देर के लिए रुक रहे हैं समझ लीजिए लेकिन आपको मालूम है कि आप दुख में बैठे नहीं रह सकते आपको देश
06:30और ये मार्शल चोप्रा वायुसेना की पुरानी परंपरा है कि जब कोई क्रैश हो जाता है तो पूरी की पूरी टुकडी एक बार फिर सारे पाइलेट्स टेक आफ करते हैं
06:39बिल्कुल पहले तो मैं बताना चाहता हूं कि अगर आप ध्यान से देखिए टीवी के उपर की प्रधान मंत्री सलूट के बाद कितनी तेजी से चल रहे हैं फिटनेस देखिए लेवल अफ दे फिटनेस के साथ सब फौजियों के साथ सर्विस चीफ के साथ वो चल रहे हैं
07:09बिल्कुल रुटीन जो हमारी फ्लाइंग के रुटीन है उसके अंदर जल्दी से जल्दी वापिस आएं और आजकल ये एक ट्रीशन कई सालों से चली आ रही है कि एक मिसिंग मैन फार्मेशन भी उड़ाया जाता है जिससे हम सुलूट कर रहे हैं उसको जो चला गया मगर �
07:39आप ये समझ लीजिए कि किसी युद्ध के दौरान भी ये परंपरा रहती है कि चीजें नोट होती रहें कोई आगंतु काय तो वो लिखे और इसलिए जब आप 1971 की कई वो नोटिंग्स आप देखते हैं तो आप ध्यान दीजेगा उसमें कि पाकिस्तान की तरफ से भी लि
08:09अब निकलेंगे यहां से करतव्य पत की ओर लेकिन साथ में सबसे पहले जो उनका स्वागत यहां पर कर रहे थे वो सब उनसे पहले महाँ पर पहुंचेंगे यही प्रोटोकॉल
08:39करेंगे और उसके बाद प्रधान मंतरी वहां उप राश्रपती और फिर राश्रपती का स्वागत करेंगे और राश्रपती के साथ इस बार तो दो दो एक तरह से यूर्पिन यूनियन और यूर्पिन कमिशन के जो अध्यक्ष है दोनों का स्वागत करेंगे उर्सुला फ
09:09वो mother of all deals कहला रहा है किस तरह से वो भारत का जो सामान है जिसको निर्याक करने के लिए कर्मुक्ति या कम कर किया जाएगा और किस तरह से यॉरप का उत्पादन भारत में आ सकेगा लेकिन उसमें भी dairy और agriculture जो भारत के लिए बहुत महतुपूर है उन्हें अलग रखा गया है
Comments

Recommended