00:00क्या इस बार बजट के आते ही देश में टबैको और पान मसाला बैन हो जाएगा?
00:05इंडिया में टबैको और पान मसाला को लेकर एक बड़ी बहस चड़ गई है
00:09सोशल मीडिया पर कुछ क्लेम सल रहे हैं कि एप्रिल दोजार चबबिस तक पूरे इंडिया में सिगरेट्स और पान मसाला बैन हो सकता है
00:16और इसकी वज़ा ये है कि ओडिसा गावर्मेंट ने रीसेंटली सबसे स्ट्रिक डिसेशन लिया
00:21जहां टबेको और निकोडीन से जुड़े सारे प्रड़क्ट्स पर टोटल बैन लगा दिया है
00:26पर अब कुछ सवाल घड़े हो गए हैं
00:27असली सवाल है कि क्या ये बैन अब पूरे इंडिया में लागू होगा
00:31इसके अलावा क्या ये परसनल फ्रीडम पर अटाइक है
00:34और गवर्मेंट के लिए ये एकॉनमिकली कितना प्राक्टिकल है
00:37आईए पूरे मैटर को स्टेप बाई स्टेप समझते हैं
00:40और देखते हैं कि ये पॉसिबल है भी क्या दिया
00:42पहले समझाता हूँ उडिसा में एक्जाटली क्या बाई हुआ
00:45उडिसा गवर्मेंट ने गुटका, पानमसाला, जर्दा, खेनी, बीडी, सिग्रेट, निकोटीन
00:50सारे प्रोडक्स पर कम्प्लीटली स्टेटवाइड बैन लगा दिया है
00:54इस बैन के अंडर मैनेफाक्टरिंग से लेकर पाकेजिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रिबूशन और सेल सब पर रोक लगा दी है
01:01और गवर्मेंट ने क्लियर नोटिफिकेशन इशू किया है जो सुप्रीम कोर्ट और FSSAI की गाइडलाइन्स के बेसिस पर है
01:09और गवर्मेंट ने इतना हार्ट स्टेप आखिर क्यों लिया दर्शकों हेल्थ ओफिशल्स के मुताबित
01:14ओडिसा में ओरल कैंसर और थ्रोड कैंसर के केसिज अलार्मिंग लेवर पर पहुँच चुकी है
01:19डेटा दिखाता है कि यूट पॉपुलेशन का एक बड़ा हिस्सा तबाकों की अडिक्शन का शिकार है
01:25तबैको प्रडक्ट को स्लो पॉईजन माना जा रहा है खासकर बच्चों और टीनेजर्स के लिए और उनकी रक्षा के लिए एक अदम उनाया गया है
01:32गवर्मेंट का गोल है कि बहिया एक टबैको फ्री ओडिसा हो जहां लॉग टर्म पब्लिक हेल्थ की प्रोटेक्शन की जाए
01:39अब बताता हूँ कि इंडिया के और स्टेट्स का क्या हाल है बात करते हैं नाशनल पिक्चर की
01:45कई स्टेट्स और गुटका और फ्लेवर्ट पान मसाला पर बैन लगा चुके हैं महराश्या, बिहार, गुजरात, MP अलग-अलग फॉर्म्स में ये बैन लगा हुआ है
01:54लेकिन सिगरेट्स और बीडीज पर कम्प्लीड बैन किसी भी स्टेट ने अब तक नहीं लगा था
02:15पॉसिबल है, सच्चा ही ये है, देखो अभी तक सेंट्रल गवर्मेंट ने ओल इलिया बैन का कोई ओफिशल डिक्लिरेशन तो किया नहीं है
02:21एप्रिल 2026 वाली डेट, स्पेकुलेशन और मीडिया रिपोर्ट्स पर बेस्ट है
02:25लेकिन नाशनल बैन के लिए पार्लिमेंट अप्रूवल भी लगेगा, स्टेट्स का कंसेंस भी लगेगा
02:31और कई सारी लीगल चालेंज़ भी आएंगे
02:33और सब कुछ मैनेज करना इतना असान नहीं होने वाला है
02:36अब एक डिबेट शड़ गई है कि भाई, पर्सनल फ्रीडम वर्सिस पब्लिक हेल्ट
02:41यहीं से डिबेट जो शुरू हुई, क्रिटिक्स का कहना है
02:43कि स्मोकिंग या चुइंग टबाक को भाई, पर्सनल चोईस है ना
02:46जिसका मन करता है वो वो करता है
02:48तो टोटल बैन तो पर्सनल स्पेस और फ्रीडम पर एक इंट्रूजन है
02:53वहीं इलीगल मार्किट और स्वागलिंग बढ़ने का रिस्क है
02:56क्योंकि जिनको लट है वो छोड़ने वाले तो है नहीं
02:58अब दर्शकों इसमें गवर्मेंट का क्या स्टाइल है
03:00जब चीज डारेक्ली पबलिक हेल्ट को लुकसान बचाती है
03:03तो रेगुलेशन तो जरूरी है
03:05अल्कोहॉल जैसे प्रोडाक्ट्स पर भी अल्रेडी काफी सारे रिस्क्शन है
03:09लेकिन हेल्थ केर सिस्टम पर कैंसर का बोल्डन एकॉनमी से जादा महंगा पड़ता है
03:14अलब एक तरफ तो भया देश में बढ़ते कैंसर के केसे हैं
03:18और दूसरी तरफ है रिवेन्यू लेकिन अब आईए एक बार बजट की तरीके से और एकॉनमिक एंगल से इस बात को समझते हैं
03:24सबसे इंपोर्टेंट बात है कि टबैको इंडस्ट्री से गवर्मेंट को हजारों करोर का टैक्स रिवेन्यू मिलता है
03:30सिगरेट्स पर GST लगती है एक साइस ड्यूटी लगती है लेकिन कैंसर ट्रीटमेंट पब्लिक हेल्थ केर कोश्ट पे भी तो बहुत पैसा खर्च होता है
03:38इसलिए प्रोडक्टिविटी भी लॉस होता है और रिवेन्यू का क्या करेंगे अगर जान ही नहीं बचेगी
03:43तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लॉंग टर्म में हेल्थ केर लॉस टैक्स रिवेन्यू से जादा है
03:49इसलिए ओडिसा जैसे स्टेट्स में शॉर्ट टर्म रिवेन्यू साक्रिफाइस करके लॉंग टर्म हेल्थ बेनिफिट पर फोकस करा जा रहा है
03:56अब बॉटम लाइन ये है दर्शकों कि ओडिसा का बैन लीगल, स्ट्रिक और हेल्थ सेंट्रिक है
04:01पर पूरे इंडिया में बैन अभी कनफर्म नहीं है लेकिन डिबेट ओफिशिली स्टार्ट हो चुकी है
04:06एक तरफ पर्सनल फ्रीडम है और दूसरी तरफ पब्लिक सेफटी का इशू और इसलिए ये डिबेट पड़ी है
04:11अब आने वाले बजोट और इलेक्शन के साथ ये टॉपिक और जादा लाउड हो रहा है
04:15और डिसा का डिसिजन एक ब्लूप्रिंट हो सकता है लेकिन नाशनल बनने के लिए अभी लंबा रास्ता बाकी है
04:22आप क्या चाहते हैं कि पूरे देश में टबेकु बैल हो जाए हाँ चाहते हैं तो हमें कमेंट करके बताईए
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