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Budget 2026 में सरकार ने Beedi, Gutka और Tobacco को लेकर बड़ा संकेत दिया है।सूत्रों के मुताबिक Tobacco Products पर Complete Ban की तैयारी की जा रही है।Health Budget बढ़ने के साथ सख़्त क़ानून लाने पर चर्चा तेज़ हो गई है।सरकार का फोकस युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखना बताया जा रहा है।अगर फैसला लागू हुआ तो देशभर में बिक्री, उत्पादन और विज्ञापन पर रोक लगेगी।Tobacco Industry को इससे बड़ा झटका लग सकता है।राज्यों को भी सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं।अब सवाल ये है—क्या सच में पूरे देश में Complete Ban लगेगा?Budget 2026 से जुड़ा पूरा अपडेट इस रिपोर्ट में देखें।

Budget 2026 may bring a major decision on beedi, gutka and tobacco products.Sources indicate the government is considering a complete ban on tobacco.The move is linked to a stronger focus on public health and youth safety.Health budget allocations and stricter laws are under discussion.If approved, production, sale and promotion of tobacco could be banned nationwide.The decision may significantly impact the tobacco industry.States could be asked to enforce strict regulations on ground level.This step is being seen as a bold anti-addiction move by the government.Here’s everything you need to know about the Budget 2026 tobacco ban buzz.

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~ED.108~HT.408~

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00:00क्या इस बार बजट के आते ही देश में टबैको और पान मसाला बैन हो जाएगा?
00:05इंडिया में टबैको और पान मसाला को लेकर एक बड़ी बहस चड़ गई है
00:09सोशल मीडिया पर कुछ क्लेम सल रहे हैं कि एप्रिल दोजार चबबिस तक पूरे इंडिया में सिगरेट्स और पान मसाला बैन हो सकता है
00:16और इसकी वज़ा ये है कि ओडिसा गावर्मेंट ने रीसेंटली सबसे स्ट्रिक डिसेशन लिया
00:21जहां टबेको और निकोडीन से जुड़े सारे प्रड़क्ट्स पर टोटल बैन लगा दिया है
00:26पर अब कुछ सवाल घड़े हो गए हैं
00:27असली सवाल है कि क्या ये बैन अब पूरे इंडिया में लागू होगा
00:31इसके अलावा क्या ये परसनल फ्रीडम पर अटाइक है
00:34और गवर्मेंट के लिए ये एकॉनमिकली कितना प्राक्टिकल है
00:37आईए पूरे मैटर को स्टेप बाई स्टेप समझते हैं
00:40और देखते हैं कि ये पॉसिबल है भी क्या दिया
00:42पहले समझाता हूँ उडिसा में एक्जाटली क्या बाई हुआ
00:45उडिसा गवर्मेंट ने गुटका, पानमसाला, जर्दा, खेनी, बीडी, सिग्रेट, निकोटीन
00:50सारे प्रोडक्स पर कम्प्लीटली स्टेटवाइड बैन लगा दिया है
00:54इस बैन के अंडर मैनेफाक्टरिंग से लेकर पाकेजिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रिबूशन और सेल सब पर रोक लगा दी है
01:01और गवर्मेंट ने क्लियर नोटिफिकेशन इशू किया है जो सुप्रीम कोर्ट और FSSAI की गाइडलाइन्स के बेसिस पर है
01:09और गवर्मेंट ने इतना हार्ट स्टेप आखिर क्यों लिया दर्शकों हेल्थ ओफिशल्स के मुताबित
01:14ओडिसा में ओरल कैंसर और थ्रोड कैंसर के केसिज अलार्मिंग लेवर पर पहुँच चुकी है
01:19डेटा दिखाता है कि यूट पॉपुलेशन का एक बड़ा हिस्सा तबाकों की अडिक्शन का शिकार है
01:25तबैको प्रडक्ट को स्लो पॉईजन माना जा रहा है खासकर बच्चों और टीनेजर्स के लिए और उनकी रक्षा के लिए एक अदम उनाया गया है
01:32गवर्मेंट का गोल है कि बहिया एक टबैको फ्री ओडिसा हो जहां लॉग टर्म पब्लिक हेल्थ की प्रोटेक्शन की जाए
01:39अब बताता हूँ कि इंडिया के और स्टेट्स का क्या हाल है बात करते हैं नाशनल पिक्चर की
01:45कई स्टेट्स और गुटका और फ्लेवर्ट पान मसाला पर बैन लगा चुके हैं महराश्या, बिहार, गुजरात, MP अलग-अलग फॉर्म्स में ये बैन लगा हुआ है
01:54लेकिन सिगरेट्स और बीडीज पर कम्प्लीड बैन किसी भी स्टेट ने अब तक नहीं लगा था
02:15पॉसिबल है, सच्चा ही ये है, देखो अभी तक सेंट्रल गवर्मेंट ने ओल इलिया बैन का कोई ओफिशल डिक्लिरेशन तो किया नहीं है
02:21एप्रिल 2026 वाली डेट, स्पेकुलेशन और मीडिया रिपोर्ट्स पर बेस्ट है
02:25लेकिन नाशनल बैन के लिए पार्लिमेंट अप्रूवल भी लगेगा, स्टेट्स का कंसेंस भी लगेगा
02:31और कई सारी लीगल चालेंज़ भी आएंगे
02:33और सब कुछ मैनेज करना इतना असान नहीं होने वाला है
02:36अब एक डिबेट शड़ गई है कि भाई, पर्सनल फ्रीडम वर्सिस पब्लिक हेल्ट
02:41यहीं से डिबेट जो शुरू हुई, क्रिटिक्स का कहना है
02:43कि स्मोकिंग या चुइंग टबाक को भाई, पर्सनल चोईस है ना
02:46जिसका मन करता है वो वो करता है
02:48तो टोटल बैन तो पर्सनल स्पेस और फ्रीडम पर एक इंट्रूजन है
02:53वहीं इलीगल मार्किट और स्वागलिंग बढ़ने का रिस्क है
02:56क्योंकि जिनको लट है वो छोड़ने वाले तो है नहीं
02:58अब दर्शकों इसमें गवर्मेंट का क्या स्टाइल है
03:00जब चीज डारेक्ली पबलिक हेल्ट को लुकसान बचाती है
03:03तो रेगुलेशन तो जरूरी है
03:05अल्कोहॉल जैसे प्रोडाक्ट्स पर भी अल्रेडी काफी सारे रिस्क्शन है
03:09लेकिन हेल्थ केर सिस्टम पर कैंसर का बोल्डन एकॉनमी से जादा महंगा पड़ता है
03:14अलब एक तरफ तो भया देश में बढ़ते कैंसर के केसे हैं
03:18और दूसरी तरफ है रिवेन्यू लेकिन अब आईए एक बार बजट की तरीके से और एकॉनमिक एंगल से इस बात को समझते हैं
03:24सबसे इंपोर्टेंट बात है कि टबैको इंडस्ट्री से गवर्मेंट को हजारों करोर का टैक्स रिवेन्यू मिलता है
03:30सिगरेट्स पर GST लगती है एक साइस ड्यूटी लगती है लेकिन कैंसर ट्रीटमेंट पब्लिक हेल्थ केर कोश्ट पे भी तो बहुत पैसा खर्च होता है
03:38इसलिए प्रोडक्टिविटी भी लॉस होता है और रिवेन्यू का क्या करेंगे अगर जान ही नहीं बचेगी
03:43तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लॉंग टर्म में हेल्थ केर लॉस टैक्स रिवेन्यू से जादा है
03:49इसलिए ओडिसा जैसे स्टेट्स में शॉर्ट टर्म रिवेन्यू साक्रिफाइस करके लॉंग टर्म हेल्थ बेनिफिट पर फोकस करा जा रहा है
03:56अब बॉटम लाइन ये है दर्शकों कि ओडिसा का बैन लीगल, स्ट्रिक और हेल्थ सेंट्रिक है
04:01पर पूरे इंडिया में बैन अभी कनफर्म नहीं है लेकिन डिबेट ओफिशिली स्टार्ट हो चुकी है
04:06एक तरफ पर्सनल फ्रीडम है और दूसरी तरफ पब्लिक सेफटी का इशू और इसलिए ये डिबेट पड़ी है
04:11अब आने वाले बजोट और इलेक्शन के साथ ये टॉपिक और जादा लाउड हो रहा है
04:15और डिसा का डिसिजन एक ब्लूप्रिंट हो सकता है लेकिन नाशनल बनने के लिए अभी लंबा रास्ता बाकी है
04:22आप क्या चाहते हैं कि पूरे देश में टबेकु बैल हो जाए हाँ चाहते हैं तो हमें कमेंट करके बताईए
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