00:0026 January 2026, Delhi के कर्टब्यपत पर इस बार 36 गड़ के गौरों की बड़ी अस्मिता लिखी जाएगी
00:0836 गड़ की बीरता, बंदे मातरम 36 गड़ ने गाया था उसकी कहानी
00:15और 36 गड़ के सपूतों ने देश को आजात कराने के लिए जो अपने बीरता को दिखाया था
00:22ये तमाम चीजें दिल्ली के कर्टब्यपत पर होगी, 36 गड़ इस बार अपनी मजबूत इस्थती कर्टब्यपत पर अपने जहांकी से भी दिखायेगा और अपने इतिहास के गौरों से भी
00:35दिल्ली के कर्तब विपत पर ये 36 गड़ की गौरोगा था है। गौरोगा था उन बीर सपूतों की जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दे करके अपने देश, समाज और संस्कृती की रख्षा की।
00:51इस बार दिल्ली के कर्तब विपत पर जिस जहांकी को दिखाया जा रहा है ये सहीद बीर नारायन सिंग अंतरराश्ट्री म्यूजियम का है जो एक नुमूंबर दो हजार पच्चीस को प्रधान मंतरी नरेंद्र मोधी द्वारा देश को समर्पित किया गया।
01:08इस म्यूजियम में उन करांतिकारियों की प्रिष्ट भूमी है उस करांती का जिक्र है जो बरतमान के 36 गड़ और ततकालीन राज्ज में यहां के लोगों ने अपनी बीरता से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए लिखी है।
01:27करतब बिपत पर उन ही बीरों की ये कहानी आपके सामने होगी।
01:57राजगदी को लेकर के बिवाद और अकाल की स्थती में इस बिद्रों को यहां के जनजाती शमुदाय द्वारा चलाया गया था और इसको दमन करने में अंग्रेजों को काफी मसकत करनी पड़ी थी।
02:27लेकिन वास्तों में देखा जाए तो यहां पर जो राजा थे हमारे यहां दलपद्देव जी उन्होंने अपने दो पुत्र थे उनके पास में।
02:37उन्होंने वहां पर दरियाओ देव को राजगद्दी सोपी लेकिन वहां पर उनके जो दूसरे बेटे थे अजमेर सिंग जी।
02:45जी चुकि डोंगर छेतर के गवर्नर हुआ करते थे उस समय और वो आदिवासियों से हमारे जंजाती हलबा जंजातियों के साथ इतने घुल मिल करके रहते थे कि हलबा समुदाय को यह नागवार गुजरा था उस समय कि उत्राधिकार का जो सिध्धान्थ होता है उसमें व
03:15दरियाओ देव को दे दी गई उसी समय छेतर में अकाल पड़ा हुआ था उस छेतर में अकाल पड़ने की स्थिती में भी देखते हैं हम दरियाओ देव ने इस्ट इंडिया कंपनी और जैपूर का सहयोग लेकर के हलबा जंजातियों के उपर जो बड़ा डोंगर छेतर है �
03:45लाईपूर की और कूछ करना पड़ा था और उसके बाद का द्रिश्च जो है इस गेलरी में दिखाया गए है कि इन दोनों के बीच में दरियाओ देव और अजमेर सिंग के बीच में एक संदी होती है संदी का नाटक दरियाओ देव ने किया था और उसी के माध्धम से ज�
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09:21because there is the place where they are born, which is a voujumaric village in the village.
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10:11मुरिया और मंडिया हलवा जनजाती � 어디 इक बीर कातゃ को कहता
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