00:00।
00:30राम जी समीत अने भायों के मुकाबले बहुत कम सुनने को मिला है
00:33तो आपको बता देएं कि देवी शांता को लेकर अलग-अलग मानिताईं और कथाईं प्रशलित है
00:38जिसमें से एक मानिता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि एक बार अंग देश के राजा रोमप्रद अपनी पत्नी रानी वर्शलि के साथ आयोध्या आए थे
00:47और उनकी कोई संतार नहीं थी
00:49बातचीत के दौरान जब राजा दश्रत को इस बात का पता चला तो रहोने कहा कि आप मेरी पुत्री शांता को संतान के रूप में गोद ले लिजे
00:57राजा दश्रत के एबात सुनकर रोमपद और वर्शलि बहुत खुश हो गए
01:01और उन्होंने शांता को गोद लेकर उनका बहुत ही इसने पूर्वक पालन पोशन किया और माता पिता के सारे करता विनिभाई
01:08एक दिन राजा रोमप्रद अपनी पुत्री शांता से कुछ बात कर रहे थे तब ही उनके पास एक ब्रामःड आये
01:14ब्रामःड ने राजा रोमप्रद से प्रातना करते वे कहा कि वर्शया के दिनों में खेतों की जुताई में राजदर्बार के और से कुछ मदद करने की कृपा करें
01:22लेकिन राजा शांता के साथ बाचीत में इतने व्यस्त थे कि और हुने ब्रामःड की बात नहीं सुनी
01:44परियाप्त वर्शा नहीं की इसे खेतों में खड़ी फसले मुर्चा गई इस समस्य के लिए राजा रोमप्रद रिशे श्रिंग रिशी के पास गए और उनसे उपाय पूछा तब रिशी ने बताया कि उन्हीं इंद्रोदेव को प्रसने करने के लिए यग्य करना चाहिए इ
02:14अनुसार रिशे श्रिंग रिशी ने ही राजा दश्रत को बंच चलाने के लिए पुत्र कामिष्ठी यग्य कराने का आदेश दिया था इस यग्य के बाद राम भरत और जुडवा लक्षमन और शत्रगन का जन्मुआ कहां जहता है कि उध्या से लगभग 49 किलो मीटर पू
02:44कहानी भगवान राम की बड़ी बहन शांता की आपको कैसी लगी कॉमेंट में जरूर बताएं वीडियो पसंद आए हो तो वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें मिलते हैं अगली वीडियो में तब तक के लिए नमस्कार
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