00:00।
00:30दस महा विद्याओं में नौवी हैं यह माता जो ग्यान विद्या कला और तंत्र साधना के लिए पूजी जाती है
01:00सांसारिक जीवन से लेकर के हर तरह के जीवन में आदमी को इनकी पूजन की मानने तरह दी गई है
01:10यहां पर यह पांच साल में होती है यह हमारे गुरुजी के द्वारा दी गई पूजा है यह हम पांच साल में एक बार करते हैं
01:18सिर्फ यहां पूजा होती है
01:28इनके मूल पूजा तो सिर्फ तांत्रिक ही करते हैं और समाने लोग इनके प्रशाद या पिर इनका दर्शन करसकते है
01:45।
02:15।
02:45।
03:15।
03:16।
03:17।
03:18।
03:19।
03:20।
03:21।
03:22।
03:23।
03:24।
03:25।
03:27।
03:28।
03:29।
03:30।
03:31।
03:32।
03:33।
03:34।
03:35।
03:36।
03:37।
03:38।
03:40।
03:41।
03:42।
03:43।
03:44।
03:45।
03:46।
03:47।
03:48।
03:49।
03:50।
03:51।
03:53।
03:55।
03:56Thank you very much.
Comments