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  • 30 minutes ago
भोजशाला में सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज एक साथ, क्या पास होगा प्रशासन?

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00:00आपको सुप्रीम कोट के उस फैसले के बारे में बताते हैं जिसकी पूरी देश में आज चर्चा हो रही है पूरे देश में
00:05ये फैसला धार जिले के बोच्शाला को लेकर आया है जहां वसंत पंचमी के मौके पर हिंदू पक्ष ने सरस्वती पूजा करने की इजासत मांगी थी
00:13जब कि मुस्लिम पक्ष का कहना था कि वसंत पंचमी का तियोहार शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन पढ़ रहा है इसलिए मुसलिम पक्ष जुमे की नमाज के लिए इस स्थान में कोई बदलाओं नहीं करेगा
00:23ये एक ऐसा सांप्रदाप मुद्दा है, जिसके कारड पहले भी कई बार हिंसा हो चुकी है, लेकिन आथ सुप्रीम कोट ने इस मामले में एक नया फैसला सुनाया है
00:31क्या है वो फैसला?
00:32सुप्रीम कोट ने इस मामने में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की मांगो को स्विकार कर लिया है
00:37और ये कहा है कि हिंदू पक्ष 23 जनवरी को भोजशाला में सुर्योदय से लेकर सुर्यास तक मासरस्वती की पूजा कर सकेगा
00:44जबकि इसी दौरां दोपहर एक बज़े से तीन बज़े के बीच बोजशाला की मस्जिद में पुलिम पक्ष को भी जुमे की नमाज पढ़ने की इजाज़त होगी
00:53हलाकि इस दौरां प्रशासन को दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग जगा निरधारत करनी होगी
00:58सुरक्षा के पुपता इंतरजाम करने होगे आने जाने के लिए अलग-अलग दर्वाजे द्वार देने होगे विशेश पास की भी व्यवस्था करनी होगी
01:06संशेप पे कहें तो सुप्रीम कोट ने एक ही स्थान पर एक ही दिन हिंदूों को मासरस्वती की पूजा करने की मनजूरी दी है
01:13और मुसल्मानों को भी जुमे की नमाज पढ़ने के लिए कहा है
01:15और अब देखना ये है कि क्या हिंदू और मुसलिम पक्ष के साथ स्थानी प्रशासन, सरकार इस अग्मी परीक्षा में पास होंगे
01:23ऐसा हम इसले भी कह रहे हैं क्योंकि साल 2013 और 2016 में जब वसंत पंचमी और जुमे की नमाज एकी दिन पढ़ी थी
01:31तब भोजशाला में हिंसा भड़क गई थी और उस वक्त ये भी कहा गया कि सियासी कारणों से भोजशाला को दूसी अयोध्या बनाया जा रहा है
01:38लेकिन हिंदू पक्ष ने यही सवाल उठाया कि जब सर्वे रिपोर्ट में मस्जिद की जमीन पर मंदिर होने के साक्ष मौजूद है
01:45तो हिंदूओं को भोजशाला से दूर क्यों रखा जा रहा है जबकि मुस्लिम पक्ष इस दावे को गलत मानता है उसका कहना है
01:52कि यह मस्जिद मंदिर के हिस्से से अलाग है
02:22सुप्रीम कोट का आदेश आ चुका है भोजशाला को ले करके शुक्रवार जुम्हें पे क्या होने वाला जैसे ही सुप्रीम कोट का आदेश आया है
02:28कि नमाज भी होगी पूजा भी होगी रैपिड एक्षन फोर्स जो है वो परिसर के भीतर दाखिल हो गई है
02:34और अंदर चप्पे चप्पे पर ये सभी जवान जो है हाई-टेक हथियारों के साथ यहां तैनात रहेंगे
02:40आप देखिए पूजा के लिए यहां पे जो हिंदू पक्ष है उन्होंने जंडे लगाने शुरू कर दिये हैं
02:45और ये बिल्कुल बीचों बीच ये जो प्रॉपर्टी है भोच्छाला इसके ठीक बीचों बीच ये कुंड है जहां पे ये पूजा होनी है और इसी को लेकर के पूरा विवाद होता है
02:54तैयारियां हमारी पूरी चाथ चौबंध हैं कानून विश्था को देखते हुए
03:15सभी प्रकार की विवस्थाएं हैं किसी भी स्थिती में हम कल के दिन कानून विवस्था की स्थिती सामानने रहे उसमें किसी भी प्रकार का विन्य ना पड़े ये हमारा परम इसमें कल पर देश के धार जिले में सिर्थ भोच्छाला का नाम राजा भोच के नाम पर पड़
03:45इस बात का सपष्ट रूप से उलेख है कि साल एक हजार चौटीस में राजा भोज ने यहां नालंदा और तक्षिला जैसे एक संस्कृत महाविद्ध्यारे की स्थापना की थी जिसे बाद में भोजशाला के नाम से जाना गया और क्योंकि इस भोजशाला में माज सरस्वती क
04:15साल तेरह सो पांच में अलावदीन खिल जी ने भारतिय सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए भोजशाला को ध्वस्त करा दिए इसके बाद साल दो चौदर सो एक में दिलावर खान गोरी ने भोजशाला के एक हिस्से में मस्जिद का निर्माड करा दिया जिसे कमाल मॉला म
04:45मस्जिद मालवा क्षेत्र के एक सूफी संत कमाल मॉला को समर्पित थी लेकिन अलग अलग दोर के सर्वेक्षण में इस बात को सपश्ट रूप से शामिल किया गया कि यह मस्जिद उसी क्षेत्र में बनाई गई जहां पहले प्राचीन मंदिर और भोजशाला महाविद्या
05:151902 से लेकर 1903 के बीच की यह रिपोर्ट है अंग्रेजों ने अपनी सिपोर्ट पे कैप्टन बाम्स के हवाले से यह लिखा था कि मस्जिद के भीतर पाए गए प्रतीकों कई प्रतीकों और शिलालेखों से यह प्रतीत होता है कि यह मस्जिद एक हिंदू मंदर के स्थल पर
05:45गजर आम से जाना जाता है अप इसी रिपोर्ट में आगे यह भी लिखा है कि मस्जिद के किस कख्ष में हमने हाइलाइट करके यह तमाम मिंदू लाये हैं लेकिन आपके लिए पढ़ना मुश्किल होगा आप मस्जिद के किस कख्ष में मुस्लिमों दारा नमाज पढ़ी �
06:15मस्जिद बनी वहाँ पहले मंदिर हुआ करता था साफ साफ लिखा हुआ है
06:22एसाई की रिपोर्ट और सोचे ये रिपोर्ट कोई बीजेपी या मोदी सरकार में
06:28तो आई नहीं है ये रिपोर्ट 123 साल पुरानी है अंग्रेजों ने
06:30खुद बताया है कि जब उन्होंने भोजशाला में सर्वे के रिए खुदाई करवाई थी तब वहां
06:35उन्हें मासर अस्वती की प्रतिमा मिली थी जिसे वो अपने साथ लंडन ले गए और आज भी ये प्रतिमा
06:40साल लंडन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी गई और इस प्रतिमा को जैन धर्म से जुड़ा हुआ भी माना जाता है
06:48साल दोजार चॉबिस में भी कोट के आदेश पर एसाई यानि आर्केलोजिकल सर्वे अफ इंडिया ने भोजशाला का एक सर्वे किया था जिसमें
07:10में 27 हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़ कर बनाई कि यहां मापसे एक और बात के कहना चाहते हैं कि ऐसा नहीं है कि मंदिर मस्जिद के विवाद आज के उठे हुए हैं या कई लोग इसको मोधी सरकार से सीधा जोड़ते हैं जब देश में कॉंग्रस की सरकारें थी तब
07:40अगस उनने सो सहतालीस की यथा स्कति लागू करती जिससे हिंदू पक्ष ने अपने प्राचीन मंदिरों पर दावा करने का भी कानूनी अधिकार खो दिया और यह भी तब हुआ जब देश में 1800 से अधिक मस्जिदों और इसलामिक धांचों के नीचे मंदिर होने का दाव
08:10मताबिक उत्तरप्रदेश में सबसे जादा 299 मंदिर मस्जिद के विवाद है करनाटक में 192, तमिल नाड़ में 175, गुजरात में 170, राजस्थान में 170, मद्रप्रदेश में 153 मस्जिदे और इसलामिक धांचे ऐसे हैं जिने लेकर यह कहा जाता है कि इनका निर्मार प्रा�
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