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  • 11 hours ago
Fight for Food - हिन्दी डॉक्यूमेंट्री - Wildlife documentary in Hindi

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Transcript
00:00सर्वाइवल अपने सबसे प्राथ मिक्स्तर पर भोजन पर निर्भर रहता है
00:07बाकी सब कुछ उसी से जुड़ा हुआ है
00:12खाने के बिना आप स्वस्थ, शक्तिशाली या फुर्तीले नहीं रह सकते
00:19आपको अपना साथी तलाशने का उचित मौका भी नहीं मिलता
00:24आप बाहरी खत्रों से अपने परिवार की सुरक्षा नहीं कर सकते
00:29या अपने ही कबीले में इज़त की नजरों से नहीं देखे जा सकते हैं
00:34खाने के लिए संगर्ष दरसल जीवन के लिए संगर्ष है
00:39डैनिय डेल्टा में खाने के लिए होती होंखार जड़प का एक द्रिश्य
01:09नदी के किनारे लावारिस पड़ी एक बड़ी मचली का शव एक बहुत ही विवादास पद खजाना बन जाता है
01:18हालांके पहली नजर में ऐसा नहीं लगता के इस बात पर ये जगड़ा हो रहा है के ये मचली किसकी है
01:25ये हुड़िड कवों का जुंड अपने इस स्वादिश्ट मीट की खूज का आनंद ले रहा है
01:31लेकिन सब कुछ बेमजा हो जाता है जब उन्हीं की तरह भूखा एक सियार हाजिर हो जाता है
01:38सियार चालबाजी के साथ उनके खजाने को हथिया लेता है और वो कुछ नहीं कर पाते
01:57लेकिन ये तो इस भिडंत की अभी शुरुआत ही हुई है
02:01सियार अपने इस खजाने के साथ ऐसी जगह आ जाता है जहां वो इसे अकेले में खा सके
02:12लेकिन यहां और भी संभावित खाने वाले मौजूद हैं जिनका ध्यान इस खलबली से आकरशित हो गया है
02:20विशाल वाइट टेल्ट इगल्स को भी इसमें से हिस्सा चाहिए
02:28और इतने बड़े शिकारी भूख लगने पर बहुत ज्यादा हिन्सक हो जाती है
02:48सियार और चीलों में मचली के स्वादिष्ट मांस को लेकर भिडंत हो जाती है
02:54ये एक ऐसा मौका है जिसे दोनों में से कोई भी नहीं चाहता के हाथ से जाए
02:59ले पुर्जा देश्ट नुकी ले दाथ चूज और पंजूण ते जाए
03:06नुकेले दांत, चूँच और पंजों की ये एक तरह की तलवार बाजी है
03:31ऐसा लगता है कि इन बड़ी चीलों का कबजा हो गया
03:37लिकिन सियार भी डर कर इतनी जल्दी हार मानने वाला नहीं
03:42वो अपने लुटे हुए धन को वापस पाने के लिए लगातार छपट्टा मारता रहता है
04:01और जब ये दो चोटी के शिकारी आपस में भिड़े हुए हैं तब कमांडोस की तरह कववे मौका पाते ही
04:11सफूर्ती से अपने लिए मचली के मांस का तुकडा हथिया लेते हैं
04:16करता तुक महा लेते हैं
04:32करता करता रहा करता है
04:37करता करता है
04:39भूजन के लिए ये कभी ना खत्म होने वाली लडाई है
05:00जिसमें प्रत्येक लड़ने वाले के बल और द्रिड़ता की परीक्षा होती है
05:09एफ्रिका में इस तरह की लड़ाईया आम है
05:20यहां के लड़ने वाले धुरंधर पूर्वी यॉरप के गोल्डन जैकल जैसों से बिलकुल अलग है
05:27ये महान शिकारी उतने शक्तिशाली नहीं होते जितने दिखाई देते हैं
05:36करता है
05:54करता है
06:04लाई प्षिसा
06:26लाई
06:27लाई
06:31इतनी चकित कर देने वाली रफ्तार और फुर्ती के साथ शिकार करके चीता ठक जाते हैं
06:42पर उन्हें अपना शिकार मिल गया है
06:45लेकिन ये ठके मांदे एक पल भी आराम नहीं कर पाते
06:50ये अच्छे धावक हैं, लड़ा को युद्धा नहीं
06:53इसलिए इन्हें जल्दी जल्दी खाना होगा
06:56ये लड़ाई बराबर की नहीं
06:58अक्सर शेर और लकडबग्गे चीतों की मेहनत से कमाय हुए शिकार को चुरा लेते हैं
07:05यहां तो एक अकेला चित्ती दार लकडबग्गा तक इनके शिकार को चुराने में समर्थ है
07:11चीते उसे रोकने की थोड़ी बहुत कोशिश करती है
07:14लिकिन उन्हें इस तरह की भड़ंत में हारने की आदत होती है
07:19इसलिए वो अपना बेट भरने के लिए जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी जल्दी खा लेते हैं
07:26इससे पहले के उनके शिकार को उनकी आँखों के सामने से ही लूट लिया जाए
07:31लेकिन शेरनिया अपना भोजन बिल्कुल अलग तरह से करती है
07:43ये अपने बड़े समुहु बनाकर अपना पूरा जोर लगाकर एक साथ शिकार करती है
07:57समुहु में प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमी का मालूम होती है
08:03और वो अपने इस काम को किसी भी शिकार के दोरां बहु भी निभाती है
08:08कुछ शिकार को ठकाने के लिए उसका पीछा करती है
08:12जबके दूसरी उचित मौका पाते ही उस पर जपटती है
08:21केप भैसों से लेकर दरियाई घोड़ों तक ये किसी से भी टकराव वो ले सकती है
08:38के लिए ये उसका पाते है
09:08लेकिन जब शिकार मिल जाता है तब इने एक और लड़ाई का सामना करना पड़ता है
09:24पास में ही घात लगाए बैठे लकड़गे
09:29कोई अकेला लकड़गा इनके सामने टिक नहीं पाता
09:33लेकिन भूखे लकड़गों के इस दस्ते का सामना करना बिलकुल अलगी बात है
09:39दुनिया में इनके आकार के जितने भी जानवर हैं उनके मुकाबले में इनके जबड़े सबसे अधिक मजबूत होते हैं
09:49और उनके साथ जुड़ी होती है इनकी भयंकर उग्रता
10:13इन स्कैविंजर्ज याने मुर्दाखोरों के जुण्ड के जोश के आगे शेरनी का विरोध और होसला ठंडा पड़ जाता है
10:21इस हार के बाद अपनी कोशिशों द्वारा मारे गई शिकार को छोड़ कर चले जाने के अलावा इसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है
10:33दरसल ये शेर जितनी सर्वशक्ती मान दिखती तो हैं पर उतनी होती नहीं है
10:40जैसे यहां युद्ध के मैदान में अपनी दुम दबा कर पीछे हटने के अलावा इनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं
10:52पर इस सब के बावजूद ये खेल अभी खत्म नहीं हुआ है
10:56क्योंकि वो एक जानवर जिससे लकड़ बग्गे भी डरते हैं वो है एक नाराज नर्शेर
11:06और ये अपनी पूरी युद्ध की तयारी के साथ आ रहा है
11:26लकड़ बग्गे खौफनाक होते हैं लेकिन बेवकूफ नहीं
11:34वो अच्छी तरह से जानते हैं कि अब उन्हें अपने खाने को छोड़ना ही होगा
11:39शेर को इस तकराव में जीतने के लिए सिर्फ अपनी जोरदार दहार की जरूरत होगी
11:52और फिर बिना किसी भी तरह के भाय के वो बहुत आसानी के साथ सफल हो जाता है
12:09दक्षिनी यौरप के आईबीरियन पेनिंसुला में आफ्रिकन महाद्वी ती स्कैवेंजर याने मुर्दाखोर गिद्धों की प्रजाती से बहुत कुछ मिलती जुलती एक प्रजाती पाई जाती है
12:23ग्रिफिन और यूरेजियन काले गिद्ध बहुत लंबे समय से पर्यावरण में पाई जाने वाले उन तमाम सेनानुमा जुंडों के सक्षम प्राणियों की तरह हैं
12:36जो केवल अच्छी तरह से संरक्षित जंगली इलाकों में सर्वाई करते हैं
12:41गिद्ध हर जगह केवल जुंडों में रहती हैं वो एक साथ खाने की खूच करती हैं एक साथ खाती हैं और प्रजनन करती हैं
12:51लेकिन इनके इस सामाजिक आचरण को दोस्ती मत समझियेगा ये हमेशा लड़ने को तयार रहती हैं खास तौर पर जब खाने का समाई होता है
13:01जिद्धों की जंगलों पहाडों और मैदानों पर एक खास भूमी का रहती है ये यहां पर पड़े हुए मृत जानवरों के शवों को खा कर इनकी सफाई करते रहते हैं जब भी कोई शव दिखाई देता है तो मुठ भेड शुरू हो जाती है
13:31काले गिद्धों दूसरी किस्म के गिद्धों से बड़े और अधित ताकतवर होते हैं और खाते समाई छोटे गिद्धों पर अपना दबदबा बनाए रखते हैं
13:50लेकिन खाने का बखवारा होते समाई माहौल दोस्ताना और खुशनुमा बिलकुल नहीं होता है बलके उसका उल्टा होता है ये सर्वाइवल के संघर्ष का बुनियादी गुण है
14:02काले गिद्ध की चूँच ज्यादा मजबूत होती है इसलिए जब ये शव की खाल में नोच कर छेद कर चुके होते हैं उसके बाद ही गृफिन गिद्ध भीतर के मांस तक पहुँच पाती हैं
14:21इसलिए काले गिंद्धों को मांस का बहतर हिस्सा चुनने को मिल जाता है ये इस भूज पर तब तक अपना हक जमाई रहते हैं जब तक के भूखे गृफिन गिद्ध अपने उस्से पर काबू न रख पाएं
14:35देखने में इस दावत में बहुत अफरा तफरी दिखाई देती है लेकिन इनके भूजन करने में एक दिवस्था है जो सबसे अधिक भूखा है
14:53वही अपने खतरनाक पंजों और अपनी गर्दन को आगे बढ़ाता हुआ सबसे अधिक उग्र है जो सबसे अधिक भूखा होता है वही अपनी उग्रता की बदालत दूसरों को धकेलता हुआ सबसे पहले अपना पेठ भरने तक खाता रहता है भरा हुआ पेठ उग्रता को
15:23टेनरीफे
15:31माउंट टेडे वो विशाल ज्वाला मुखी पहाड है
15:36जो समुद्र की सतह से 3000 मीटर से भी ज्यादा उंचे हैं
15:40कनेरी आइलन्ड के इस पत्रीले पहाड पर अभी भी डाइनसौर्स घूमते हैं
15:46या शायद उनके खरीबी रिश्टेदार
15:49विशाल छिपकलियां अपनी डरावनी शक्लो सूरत के साथ अपने छेत्र में गश्ट करती रहती हैं
16:06ग्रैन कनारिया जाइंट लिजर्ड्स असी सेंटिमीटर्स तक लंबी हो सकती हैं
16:12अपनी इस डरावनी और प्राचीन शक्लो सूरत के बावजूद ये अधिकतर शुद्ध शाकाहारी ही होती हैं
16:21अपनी इस डरावनी और प्राचीन शक्लो सूरत के बावजूद ये अधिकतर शुद्ध शाकाहारी ही होती हैं
16:33कनेरिया के कैक्टस और जाडियों के फल, फूल और टहनिया इनके मुख्य आहार हैं
16:42भोजन प्रचुर मात्रा में उपलब्द है, खास दौर पर वसंतरितु में
16:49लेकिन गर्मियों के दौरान इनकी बहुत ज्यादा कमी हो जाती है
16:54गर्मी की वजह से फूल मुर्जा जाते ही, बहता हुआ पानी कहीं नहीं होता
17:01सिर्फ किसी किसी पौधे के फूल थोड़ा तरल पदार्थ और पौश्टिकता प्रदान करते हैं
17:11सूर्य की गर्मी लावा से बने मैदानों को जुलसा देती है और सभी बनस्पती सूख जाती है
17:19छिपकलियां बहुत सख्त और बरदाश्ट करने वाली होती हैं लेकिन उनके लिए भी यहां जीवन कठिन होता है
17:27जब राही सख्त हों तब सख्त राही और भी दिरड हो जाती है
17:39ऐसे में जब साधनों की कमी हो जाती है तब इन में नमी देने वाले गूदेदार फलों के लिए लडाई शुरू हो जाती है
17:47ये लडाई अधिकतर बराबरी की नहीं होती बड़ी चिपकलियां छोटों से अधिक तेज और ताकतवर होती है
18:09अधिकतर बड़ी जाती है
18:39जीतने वाली बड़ी चिपकलियां खाने की खोज में दूर दूर तक चली जाती है
18:46और उनी के साथ पौधों के बीज भी बहुत बड़े इलाके में फैलते जाती है
18:52खाने के लिए इस तरह के मुकाबले पशूओं की दुनिया में आम हैं यहां तक के बहुत छोटे जन्तूओं के बीच भी
19:10इस ग्रह के कुछ हिस्सों में जैसे नामिबिया के छोटी जाडियों वाले जंगलों के कीड़े मैंटिस अत्यधिक मात्रा में मौजूद है
19:22और ये दूसरे कीडों को खाने के लिए एक दूसरे से भिड़ते रहते हैं
19:27यहां तक के दूसरे मैंटिस को भी खाने के लिए
19:31मैंटिस बहुत कुशल शिकारी होती है
19:35और आकार में अपने से बड़े कीडे का भी शिकार करने में सक्षम होती है
19:40इनकी देखने की क्षमता अदभुत होती है
19:47इनके पंजे कांटेदार और नुकीले होती हैं
19:51जिससे इन्हें शिकार को पकड़े रखने में मदद मिलती है
19:54और इनके जबड़े कड़े से कड़े आवरण वाले कीडों के कवच को तोड़ने में सक्षम होती है
20:01मैंटिस बहुत से साइजिस में होते हैं और हर प्रजाती की शिकार की अपनी पसंद होती है
20:09ये पसंद एक ही तरह की होने की वजह से इन में शिकार को लेकर बहुत ज्यादा प्रतिस पर धा होती है
20:17खास्त दौर के अगर एक ही किस्म के दो मैंटिस एक ही शाक पर आमने सामने हो गए तो
20:41ये बहुत ही तनाव पून पल है
20:45पहले कौन हमला करेगा क्या एक मैंटिस दूसरे मैंटिस को खा जाएगा
20:54लेकिन यॉरपियन या प्रेइंग मैंटिस के बीच एक नियम चलता है
21:06वो एक दूसरे से कभी नहीं लड़ेंगे या मारेंगे
21:10उसकी जगह लंबे समय तक एक अजीब सी प्रतियोगिता शुरू कर देते हैं
21:15अपने आगे के खूनी पंजों के जरिये संकेतों द्वारा ये एक दूसरे से कुछ कहते हैं
21:31हाव भाव और इशारों द्वारा एक दूसरे को डराने की चेश्टा करते करते ही ये मुकाबला खत्म हो जाता है
21:47और दोनों बिना किसी को नुकसान पहुँचाए अपने अपने रास्ते चल देते हैं
21:53युद्ध भूमी का ये संकेतिक समझोता बहुत देर तक चलता है
22:00ये तमाशा देखने वाले शुरू में तो बहुत ध्यान से देखते हैं
22:05लेकिन बाद में इनकी दिल्चस्पी खत्म हो जाती है
22:08लेकिन इस एक शिकारी की दिल्चस्पी बनी हुई है
22:12एक टिड़ा जो सावधानी से आगे बढ़ता है
22:16इस तरह ये इशारों की लड़ाई खत्म हो जाती है
22:24और दोनों लड़ाकू शांती के साथ अलग हो जाते हैं
22:28उन में से एक दूसरे की जीत का एलान करते हुए
22:34पास की ही डाल पर चला जाता है
22:36लेकिन इस सागा पैड़ो प्रजाती के टिड़े को
22:40इस लड़ाई से कोई लेना देना नहीं
22:43ये बहुत ही भायानक शिकारी है
22:45जो जीते हुए मेंटिस पर हमले की तैयारी कर रहा है
23:10दोनों मेंटिस अपनी शांती वारता में इतने व्यस्त थे कि उनका ध्यान किसी तीसरे भूखे शिकारी की तरफ गया ही नहीं
23:29सागा पैडो कोई भी मौका चूकता नहीं
23:45एक मेंटिस को खा लेने के बाद दूसरा भी जो इतनी तनाव पून परिस्थितियों से निकला है टिड़े का शिकार हो जाता है
23:55एक अजीब सी विडंबना है कि दोनों मेंटिस उस वक्त शिकार बन गए जब वो आपस में उस क्षेत्र के लिए लड़ रहे थे जहां उन्हें खाना मिलता था
24:07ऐसे समय में जब शिकार की भरमार हो तब भी अच्छे भोजन के लिए टकराव होता है
24:21दूर दूर तक प्हेले हुए अलासका में जब गर्मियां आती हैं ग्रिजली भालू नदी के मुहाने पर आकर इकठा हो जाते हैं
24:31साल के कुछ हफ्तों में सैमन मचलियों का हजारों की तादाद में नदी के बहाव की विपरीत दिशा में प्रवास होता है
24:41और ग्रिजली भालूओं को ये पता है तो नदी पर अपना कबजा जमाने के लिए वो बहुत बड़ी तादाद में यहां आते हैं
24:49सैमन्स का आगमन होने वाला है ज्यादा बेसबर भालू नदी के मुहाने पर टहलते रहते हैं
24:57यहां शिकार कर पाना मुश्किल है जैसे जैसे गर्मियां बढ़ती हैं यहां आने वाली सैमन की तादाद भी बढ़ती जाती है
25:06फसल का आनंद लेने का समय आ गया है
25:36अधित जुर्बेकार भालू एक के बाद एक सैमन पकड़ते ही जाते हैं और उनके सबसे ज्यादा चर्बी वाले हिस्से को खाने लगते हैं
25:46इससे उन्हें खुद के वजन को बढ़ाने में मदद मिलती है जिससे वो आने वाले जाड़ों का सामना कर सकें
25:53इस मचलियों की दावत का कुछ दूसरी प्रजातियां भी फाइडा उठाती हैं जो बचे खुचे मचली के टुकडे नदी के किनारे जमा होते हैं सीगल्स उनसे अपना गुजारा करती हैं
26:07जब तक यहां सब के लिए भोजन की अधिता है तब तक तो सब कुछ शांत है शायद
26:37जैसे जैसे दिन छोटे होने लगते हैं वैसे वैसे सैमन की कमी होने लगती है
27:01और जब भोजन की कमी होती है तब नदी के किनारे भोजन करने वालों के बीच तनाव बढ़ता जाता है
27:20अब सिर्फ ताकत और बड़े डील डॉल वाले की ही जीत होगी सबसे बड़े भालूओं का अब आमने सामने का टकराव है
27:30ये एक खुला मुकाबला है जिसमें भालू एक दूसरे को यहां से भगाना चाहते हैं
27:40ये उनके सर्वाईवल का सवाल है प्रत्येक को अपने शरीर के वजन को दो गुना ज्यादा करना है ताके आने वाले शीत काल का वो सामना कर सके
27:52ऐसे में चर्विदार सैमन ही इनका उद्धार करने वाली है इस लड़ाई में किसी की मौत नहीं होती ज्यादा शक्ति शाली और आक्रामक भालू अपना दबदबा दूसरे तरीकों से जाहिर करते हैं और अब ठंड का मौसम आने वाला है इसलिए कम ताकतवर और छोटे भ
28:22मेडिटरेनियन में शिकारियों से कुछ भी नहीं बच्चता
28:43सियारस्टेका सोला में स्पैनिश इंपीरियल चील शिकार की खोज में अपने दिन की शुरुआत करती है
28:50वो आकाश में उड़ते हुए अपने क्षेतर का मुआइना करती है
28:56अपनी असाधारण देखने की क्षमता से वो जमीन पर जंगल के जानवरों को देखने में सक्षम है
29:03मेडिटेरेनियन ओक के जंगलों के चोटी के शिकारी स्पैनिश इंपीरियल चील और आइबेरियन लिंक्स
29:10खरगोशों के शिकार में माहिर हैं
29:15ये चोटा मुलायम रोईदार स्तन पाई उनके भोजन का मुख्य हिस्सा है
29:45वैसे तो ये चील महान शिकारी होते हैं
29:57लिकिन इस युबा चील ने अभी तक अपने तरीकों में कुशलता हासिल नहीं की है
30:03इस से बहुत से शिकार छूट जा रही है
30:06खरगोश अकसर अपने शिकारियों के पंजों, चूँच और जबनों को चक्मा दे देते हैं
30:18लेकिन देर सवेर शिकारी काम्याब हो ही जाते हैं
30:24जहां ये भूखी युबा चील अपने शिकार को फकड़ने के लिए जूज रही है
30:30वहीं दूसरी ओर एक वयस कचील अपने रोज के भूजन को दबोच चुकी है
30:37वो उसका आनंद ले रही है
30:40एक महान शिकारी होते हुए भी ये चील इत मिनान से अपना भूजन नहीं खापाती
31:03दक्षण में जाडे का मौसम बहुत कठोर होता है और ऐसे में सभी जानवरों के लिए भूख बरदाश्ट कर पाना मुश्किल हो जाता है
31:15लाल चीलों ने इसके लिए एक तरकीब विकसित कर ली है एक समुह में काम करने की तरकीब
31:22छोटी शिकारी चिडियों के हल्ले गुल्ले के बावजूद चील अपना भोजन करती रहती है भोजन के वक्त चारों तरफ इस तरह का शोर शराबा अपने दिमाग को शांत रखने की एक परीक्षा होती है
31:38पास ही उस युबा चील को आखिरकार अपना इनाम मिल ही जाता है
31:59लेकिन वो भी छोटी चीलों से बच नहीं सकती
32:08उसका भाई भी चोरी करने के लिए उसके पास आ जाता है
32:31छोटी लाल चील बड़ी वाली को लगातार परेशान करती रहती है
32:43बारी बारी से वो इस पर हमला करती रहती है
32:46और ये हमले एक लएबद्ध तरीके से होते रहते हैं
32:51आखिर में वयसक चील हार मान लेती है
32:55ये भोजन इस लायक नहीं के इसके लिए इतनी मुसीबत मोल ली जाए
33:00वो अपने आधे खाये हुए खरगोश को छोड़ देती है
33:04युबा और वयसक इंपीरियल चीलों का ये जोड़ा लड़ाई छोड़ कर चला जाता है
33:10इस लड़ाई में इनकी हार हुई
33:13एक दूसरी लड़ाई अभी शुरू होने वाली है
33:16यहाँ चीलों की सहयोग की भावना अब खत्म हो चुकी है
33:21इस दल को लुटे हुए धन को बराबर हिस्सों में बाटना है
33:25लेकिन ये काम इतना आसान नहीं लगता
33:29ये एक दूसरे के साथ वही गवहार करने लगते हैं
33:36जो इन्होंने बड़ी चील के साथ किया था
33:39चीलों की लगातार चलने वाली लड़ाईया ठका देने वाली होती है
33:43लेकिन अपने शरीर और आवाज से मुकाबला करते हुए
33:47हरगोश के छोड़े हुए मांस का बटवारा करते हुए
33:51ये शीत काल बिता देती है
33:53जब बात भोजन के लिए होने वाले टकरावों की होती है
34:09तो उनमें इतनी विविधता है जितनी की प्रजातियों की किस्मों में
34:13सूखे निर्जन स्थानों पर सौंदर्य खोजने वालों के लिए एक जगय है
34:24एटकामा का रेगिस्तान
34:26चिलचिलाती धूब जमीन को जुलसा देती है
34:30और यहाँ पर खाने के लिए गी ऐसा कुछ नहीं है
34:33दूसरे उंटों की तरह गुआ नाकोस भी
34:37कुछ रेशेदार पौधों को खा कर गुजारा कर लेती है
34:41इस इलाके का सख्त मौसम जानवरों की बली मांगता है
34:57लेकिन यहां मौत भी एक अच्छा अवसर है
35:09गुआ नाको का सूखा हुआ कंकाल भी
35:12मौका परस्तों के लिए दावत का सामान हो सकता है
35:15कुलपेयो या एंडियन लोमडी
35:18ये दुनिया के सबसे सूखे रेगिस्तान में रहकर शिकार करती है
35:23ये खाने के लिए कीडे मकोडे, फल और जानवरों के शव खोजती रहती है
35:29हालांके ये खुद भी शिकार कर सकती है
35:34लेकिन इन में से ज्यादतर मुर्दाखोर ही बनी रहती है
35:38किसी गुआ नाको के अवशेश अच्छा भूजन होता है
35:43सूखे और जुल से हुए गुआ नाको के उपर जरा सा भी मांस नहीं रह गया है
35:49इसके बावजूद रेगिस्तान के बीच में पड़ा हुआ ये कंकाल किसी खजाने से कम नहीं
35:56इससे इतना प्रोटीन मिल जाएगा कि इस लूमडी को बहुत दिनों तक खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी
36:03लेकिन इस इलाके में कुलपे और अकेली नहीं है
36:06इसके बहुत से रिष्टेदार दावत में शामिल होना चाहते है
36:10एक परेशानी ये है कि भोजन को कौन किस करम में खाएगा
36:18जिसे सबसे अधिक भूख लगी हो और जो सबसे अधिक शक्तिशाली हो वो ही सबसे पहले खा सकता है
36:40ये नियम के जिसने पहले ढूंढा है वो ही पहले खाएगा कुछ दर्शाता तो है
36:49लेकिन उसके पास लोमणियों से इसकी सुरक्षा के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है
36:55वो खा चुका है लेकिन आने वाली लोमडियों को खाने से पहले अपनी शक्तियों को बाकियों के सामने जाहिर करना होगा
37:10और ऐसे में अक्सर खतरनाक लड़ाया हो जाती है
37:25कर खतर हो जाती हो कर चाहने को उत्या है
37:55अन्दीज की दूसरी तरफ घन एमाजॉन क्षेत्र में खाद्यसा मगरी भरपूर मात्रा में उपलब्द है
38:08यहां के भी मौका परस्त इसका अच्छी तरह से फाइदा उठाते हैं
38:14ब्रजील के जंगलों में जैगुआर का राज चलता है
38:18हर हफ़ते दो या तीन बड़े जानवर इस शक्तिशाली बिल्ली की भीट चड़ते हैं
38:25आज इसका शिकार एक केमन है
38:29अगर वो बड़ा हुआ तो कुछ दिनों के लिए ये इस जैगुआर के लिए पर्याप्त होगा
38:35जैगुआर उतना ही खाता है जितना उसको जीवित रखने के लिए जरूरी हो
38:44इसकी वजह से इसकी उर्जा बची रहती है और इसके क्षेत्र के शिकार भी बचे पौधों के बीच छिपा कर आराम करने चला जाता है
38:54लेकिन इस बार ये अपनी चालाकी का फाइदा नहीं उठा पाएगा इसके इस भंडार को गिद्धों ने खोच निकाला है जहां केमन का बचा हुआ शब का हिस्सा पड़ा था वो अब एक जंग का मैं दूसरे से निर्मम तरीके से भिड़ जाते हैं
39:12ये हल चल दूसरे और भी ज्यादा ताकतवर मौका परस्तों को आकर्शित करती है केरकरैस को इस जगड़े में हिस्सा लिए
39:22हर निवाले गिद्ध के मुकाबले बहतर हैं लेकिन गिद्ध तादाद में ज्यादा हैं
39:50हुआ हे तादप के बहुत हैि
40:04हुआ हुआ है
40:07हर सब्सक्राफ
40:12हर बाम
40:14पास ही जंगल की एक छोटी नदी में केकड़ा खाने वाले रकून्स अपने संघर्ष में जुटे हुए हैं
40:30ये छोटे मांसाहारी दिखने में तो प्यारे से चंचल खिलाडी लग सकते हैं
40:35लेकिन असल में ये चतुर और निडर हैं
40:38ये एक साधारन से शिकार नदी के केकड़े को ढूंधने में कई दिन बिता देते हैं
41:08प्यादा बिता हैं
41:38लेकिन जब भी एक मिल जाए तब इन्हें बहुत चौकनना रहना पड़ता है
41:44अगर केकडे को सावधानी से न संभला गया तो उसके कवच के पंजे बहुत बुरी तरह से घायल कर सकते हैं
41:52रकून्स अपने हाथों के कोशल के लिए जाने जाते हैं
41:56ये केकडे को पत्थर से टकरा टकरा कर घायल कर देती हैं
42:01और बिना खुद को कोई नुकसान पहुचाई स्वादिष्ट केकडे का आनंद लेती हैं
42:07एक मरी हुई गिलहरी रोज के खान पान केकडे से ज्यादा लुभावनी होती है
42:30लेकिन परेशानी ये है के परिवार के सभी सदस्य ऐसा ही सोचते हैं
43:00मरी हुई गिलहरी ने एक युद्ध छिडवा दिया जिसमें समझाता दूर दूर तक दिखाई नहीं देता
43:27दिखने में तो ये बहुत प्रचंड लड़ाई है लेकिन इसमें रक्तपात नहीं होता
43:33गिलहरी के मांस को खाने के बाद जितनी उर्जा इने मिलेगी शायद उससे कहीं ज्यादा उर्जा ये इस लड़ाई में परके होंगे
43:42लेकिन एक बार लड़ाई जोर पकड़ ले फिर दोनों में से कोई भीश मीचे नहीं हटना चाहेगा ऐसी प्रतिसपर्धा बहुत खतरनाक हो सकती है
43:53हर आने वाले दिन का मतलब होता है स्वयम और परिवार के भोजन के लिए संघर्ष और ये चलता रहता है
44:06ये संघर्ष इस ग्रह के सभी इकोसिस्टम्स को आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरिट करता है और इसमें समुद्र भी शामिल है
44:16वाइट टिप शाक अपने रोज का खाना पाने की कश्मकश में हर रोज उलजी रहती है
44:27दरजनों एक साथ तैरते हुए अपने मीचे समुद्र तल का मुआइना करती रहती है
44:34बेडियों के जुंड की तरह कोरल्स में गश्त लगाते हुए अगर किसी एक ने मच्छली पकड़ ली
44:49उसके बाद सहयोग एक विवाद में बदल जाता है
44:54इस तरह के करूर मुकाबले प्रतीक हैं उन अप्रीय तरीकों के जिनके जरीए भूजन और सर्वाइवल के लिए जंग होती है
45:19समुद्र की सबसे गहरी नीचाईयों से लेकर पहाडों की सबसे अधिक उचाईयों तक
45:43सर्वाइवल के लिए आवशक साधन जुटा लेने का अंतहीन संघर्ष लगातार चलता ही रहता है
45:52इस ग्रह पर मौजूद हर जीवित जन्तू अपने भोजन के हक की अनाधिकाल से चली आ रही लडाई में लिप्त है
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