अस्पताल संचालन के लिए जरूरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का ही नहीं किया गया निर्माण. डीपीआर में भी जिक्र नहीं.
00:00राजधानी भोपाल में 90 डिग्री ब्रीज और मेट्रो प्रोजेक्ट के बाद जिला चिकित साले जेपी की बनाई गई नई बिल्डिंग में भी अजब गजब इंजीनरिंग का कारनामा देखने को मिला है
00:11यह बिल्डिंग करीब 26 करोन रुपए से बनकर तयार तो हो गई है लेकिन यह मरीजों के लिए नहीं खोली गई है
00:19इसका एक बड़ा कारण है कि इस बिल्डिंग में ना तो HTP बनाया गया है ना तो ETP
00:24और बड़ी बात यह है कि जब इसकी DPR बनाई जा रही थी उस समय भी अधिकारियों ने इस बात का ध्यान नहीं दिया
00:31एक और चीज है कि एस्पताल तो बनकर त्यार हो गया है लेकिन इसका फायर साइटिफिकेट लेना भी भूल गये हैं अधिकारी
00:38अब देखना यह है कि अस्पताल जैसी जगह में ETP ना होने का मतलब गंदा पानी सीधे बाहर जाएगा और संक्रमण का खतरा भी बढ़ेगा परियावरन और भूजल को नुकसान होगा यानि स्वास्त भवन तो यहां बना दिया लेकिन स्वास्त के लिए खतरा भी यही म�
01:08जान चोगी तो पता चलेगा कहां पर चूक हुई है प्रमुक रूप से तो एक तो क्या है स्टीपी डिटीपी और दूसरा आपस में कनेक्टिविटी यह तीन प्रमुक काम हैं बागे चोटे-मोटे कहाने में चले हैं यह फायर सेटी को लेकर भी बात चलेगा यह सर्थी स
01:38इसको दो मेने का समय दिया गया है दो मेने वो समकूर करके हम लोगों को अपलब्त करा देंगे हैं जिस बिल्डिंग की सुरुआत साल दो हजार पच्चिस में होनी थी अब इसका निर्मान पूरा होने में एक साल और लग जाएगा तब तक मरीजों को यहां इलाज की सु�
02:08सवाल यह है कि जब अस्पताल की बिल्डिंग बन रही थी और इसकी डीपियार बनाई गई थी उस समय एश्टीपी और एटीबी जैसी मूल भूत सुविधाओं को क्यों नहीं जोडा गया उस समय जिम्मेदार अधिकारी कौन थे अब इस मामले में कोई जाच होगी जिम्
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