00:00प्रतिबंधित बेसकीमती लकडियां, सरकारी नाके और सरकारी लोग
00:04जब 3-7 हो तो फिर क्या बात है?
00:08दरसल हम इसका जिक्रेस ले कर रहे हैं क्योंकि हमारे सामने सरकारी बेसकीमती सागान लकडियां रखी हुई है
00:15ये लकडियां बालो जिले के डॉन्डी ब्लॉक के बिटे जर्बीट का है
00:20दरसल ये लकडियां बिना किसी सरकारी दस्तावेज और चालान के काश्ठागार पहुँच गया
00:26इन लकडियों का कुछ हिस्सा आरा में चला गया
00:30वहां से चीरान होने के बाद लकडियां सीधे फरनीचर के दुकानों तक भी पहुँच गई
00:36लेकिन खुलासा तब हुआ जब केंद्री उडन दस्ता वन विभाग की टीम उस फरनीचर के दुकान में पहुँची और दबिस दी
00:44लेकिन वहां पर कोई भी वैद दस्ता वेज नहीं मिल पाए और अब यहाँ पूरा मामला जाँच के दाएरे में है और दुर्ग वन मंडल की टीम इस पूरे मसले को जाँच कर रही है जब कोई नतीजा आएगा तब हम कुछ आएंगे
01:02फिल हाल इस जो भेटना करम हैं कितने अधिकारी कर्मचारियों की सनलिप्तता है वह भी एक जाँच का विशा है क्योंकि बीचर भीट से बालोद लाते समय तीन सरकारी नाके पड़ते हैं और यहाँ पर जो अपड़ियों को लाने के लिए सुरक्षा भी सरकारी वन विभा
01:32फिल हाल अब देखना यह होगा कि इस मामले में अंतता किसके उपर गाज गिरती है इस भी भारत के लिए बालोद से दानविर्साहू की रिपोर्ट
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