प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई अहम बैठक में न्यूक्लियर रिएक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर बड़े फैसले लिए गए। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया। इसके साथ ही LNG सप्लाई, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR), सुपरकंप्यूटिंग, डिजिटल एम्बेसी और टेरर फंडिंग पर कड़ा रुख अपनाने पर सहमति बनी। यह बैठक भारत–यूएई संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाती है और वैश्विक ऊर्जा व सुरक्षा समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।
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