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  • 1 week ago
Gaza's Board Of Peace: कई लोग इसे सिर्फ गाजा संकट की पहल नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विकल्प जैसा मान रहे हैं। ट्रंप ने खुद इस बोर्ड को अब तक का सबसे मजबूत बोर्ड बताया है, जो शांति और उन्नति पर काम करेगा। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या अमेरिका गाजा के नाम पर एक नई वैश्विक व्यवस्था तैयार कर रहा है।



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~HT.178~

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00:00ट्रम्प का नया पीस कलब जहां सदस्चता का रेट 9,000 करोड रुपए है
00:10अमेर्की राष्टपती डोनाल ट्रम्प ने हाली में एक नय बोर्ड आफ पीस की बात कही है
00:15जिसमें उन्होंने करीब 60 देशों के नेताओं को शामिल होने का निमंतरन दिया है
00:19इसमें भारत, पाकिस्तान, इटली, तुर्की जैसे देशों के नाम सामिल है
00:24लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह बोर्ड फ्री नहीं है
00:28रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर कोई देश इस बोर्ड में इस्थाई सदस्त यानि की पर्मानेंट मेंबर बनना चाहता है
00:34तो उसे लगभग एक अरब डॉलर यानि की 9000 करोर रुपए देने होंगे
00:39इस खबर के बाद अंतराश्ट्रिय राजनीती में एक नई बहस शुरू हो गई है
00:43कई लोग इसे सिर्फ गाजा संकट की पहल नहीं बलकि सन्युक्त राश शुरक्षा परिसाद यानि UNSC के बिकल्प जैसा मान रहे हैं
00:51ट्रंप ने खुद इस बोर्ड को अब तक का सबसे मजबूत बोर्ड बताया है जो शांती और उन्नती पर काम करेगा
00:57लेकिन सवाल यह उट रहा है कि क्या अमेरिका गाजा के नाम पर एक नई वैश्विक रोस्था तैयार कर रहा है
01:03ड्राफ्ट चार्टर के अनुसाद ट्रंप इस बोर्ड के पहले अध्यक्ष होंगे
01:06वह तैय करेंगे कि कौन कौन से देश सदस्ते बनेंगे
01:10हर देश को एक बोर्ड मिलेगा और फैसले बहमत से होंगे
01:14लेकिन अन्तिम फैसला ट्रंप की मंजूरी के बिना नहीं होगा
01:17सदस्तिता की ओधे भी तीन साल तैय की गई है
01:19जिससे बाद में ट्रंप बढ़ा सकते हैं
01:22लेकिन एक बड़ा नियम है
01:23अगर कोई देश पहले साल में एक अरब डॉलर से ज़्यादा नगज युगदान देता है
01:28तो उसे तीन साल की सीमा नहीं लगेगी
01:30और वह इस्थाई सदस्त यानि की पर्मानेंट मिंबर बन जाएगा
01:34इस फंड का इस्तिमाल बोर्ट के खर्चों के लिए कहा गया है
01:37लेकिन इसमें यह साफ नहीं है कि पैसा कहां और कैसे खर्चोंगे
01:41बोर्ट के काम करने का तरीका भी अभी पूरी तरह इस पश्ट नहीं है
01:45अब तक दो अलग बोर्डों की बात सामने आई है
01:47एक founding executive board जिसमें साथ सदस्ते हैं
01:50और दूसरा गाजा executive board जो सीधे गाजा में काम करेगा
01:54हलाकि White House ने Bloomberg की रिपोर्ट को गुमराह करने वाला बताया है
01:58और कहा कि कोई नियूंतम फिस नहीं है
02:00उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उन देशों को अस्थाई सदस्तेता का ओफर देता है
02:04यह शांती, सुरक्षा और सम्रिधी के लिए प्रतिवध्य है
02:07हलाकि experts और आलोचक मानते हैं कि यह board US-centric होगा
02:12और आर्थिक युगदान देने वाले देशों को ज़्यादा ताकत मिलेगी
02:15जो UN के बराबरी वाले सिध्धान से अलग है
02:18ऐसे में यह सवाल बनता है कि क्या यह वास्तों में शांती का मंच है
02:22या सन्युक्त राष्ट का एक नए अबिकल्ब
02:24आपको क्या लगता है कमेंट सक्षन में जरूर बताएं
02:27और देश और दुनिया से जुरे तमाम अपडेट
02:29और शेयर मार्केट से जुरी तमाम जानकारी के लिए
02:31आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ
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