00:00एक बार की बात है, एक गाओं राजापुर में एक गरीब औरत सुधा रहती थी, सुधा के दो बच्चे थे, सोनू और मोनू. सुधा के पती रामलाल बहुत बीमार रहा करते थे, एक रात गाओं में बड़ी सोरों से बारिश हो रही थी.
00:22Rām Lál की तबियत खराब हो जाती है
00:25Rām Lál की खराब हालत देखकर सुधा बोलती है
00:28सुरो जी, आपकी तबियत तो बहुत ही खराब लग रही है
00:32मैं अभी डॉक्टर को बुला कर लाती हूँ
00:35सुधा की बात सुनकर Rām Lál बोलता है
00:38अरे, अरे सुधा, तू मेरी चिंता मत कर
00:48मैं ठीक हूँ, बच्चों का खाना बरा दे
00:52बिचारे शाम से भूखे हैं, मैं ठीक हूँ
00:58Rām Lál की बात सुनकर सुधा बच्चों के लिए रोटी बनाने लग जाती है
01:03लेकिन Rām Lál की तबियत खराब होने लगती है
01:06सोनू और मोनू, जो की Rām Lál के पास ही बैठे होते हैं
01:10चिलाते हुए सुधा से कहते हैं
01:12अरे मा, देखो, पिता जी की तबियत और भी खराब हो रही है
01:17और उनकी आखे भी नहीं खुल रही
01:20मोनू की आवाज सुनकर सुधा Rām Lál के पास आती है
01:24और उसकी बिगड़ती हालत देखकर डॉक्टर के पास जाने लगती है
01:27तब ही उसे Rām Lál का दोस्त शामू मिलता है
01:31शामू सुधा की ऐसी हालत देखकर बोलता है
01:34अरे सुधा भाभी, क्या हुआ?
01:36ऐसी बारिश में कहा भागी जा रही हो?
01:40लेकिन सुधा कुछ नहीं बोलती और आगे बढ़ जाती है
01:43सुधा डॉक्टर के घर पर जाकर जोर-जोर से दर्वाजा पीटने लगती है
01:48दर्वाजे के आवाज सुनकर सोता हुआ डॉक्टर सुधीर नींद से जाग जाता है
01:53कौन है जो इतनी रात को बेवकूफों की तरह से दर्वाजा पीट रहा है?
01:59इन गाओं के लोगों को बिलकुल अकल नहीं है
02:02हरी सुधीर तुम भी कोई बीमार होगा?
02:06चलो चल कर देखते हैं
02:08ऐसा कहकर सुधीर और उसकी पतनी दर्वाजा खोलते हैं
02:11सामने सुधा खड़ी होती है
02:13डॉक्टर को देखकर सुधा कहती है
02:15डॉक्टर साहब मेरे साथ चलिए
02:18मेरे पती की तबियत बहुत ही ज़्यादा खराब है
02:21आप चलिए नहीं तो वो मर जाएंगे
02:24सुधा की बात सुनकर सुधीर कुस्से से कहता है
02:28तुम सारे गाउं वाले पागल हो क्या? जब मर्जी मूँ ठाकर चले आते हो, डॉक्टर की कोई अपनी जद्दगी नहीं है क्या? चली जाओ यहां से, सुबहे देखने हैं.
02:39ऐसा कहकर, डॉक्टर सुधीर अपने घर का दर्वाजा बंद कर देता है, सुधीर की बात सुनकर, उसकी पतनी काजल बोलती है, सुधीर, ये तुम्हें क्या हो गया है? तुम्हें उस दुखियारी औरत के साथ जाना चाहिए, ये तुम्हारा धर्म और काम है.
02:54काजल की बात सुनकर सुधीर हसने लगता है और बोलता है
02:59हरे काजल इस गाउं के लोग बहुत ही कंजूस हैं
03:06और पैसे देने में रोने लगते हैं
03:08इसलिए जितना पैसा उतना काम समझी चलो
03:13अब अपना दिमाग मत लगाओ और मुझे मेरा काम करने दो
03:16सुधा वहां से निकल कर अपने घर की तरफ जा रही होती है
03:20तभी बारिश की वज़ह से उसका पैर फिसल जाता है और वो गिर पड़ती है
03:25उसका सिर एक बड़े पत्थर से टकरा जाता है चिसकी वज़ह से उसकी मौत हो जाती है
03:31ुदर सुधा, मरने के बाद चुडैल बन जाती है
03:55लेकिन उसे कोई देख नहीं पाता
03:58वो चुडैल बने हुए अपने घर के अंदर पहुचती है
04:01जहां सोनू और मोनू जोर-जोर से रो रहे होते है
04:05मोनू और सोनू के रोने की आवाजे सुनकर शामू भी वहां आ जाता है
04:10थोड़ी देर में सुभा हो जाती है
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04:26got back
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04:37रामलाल दोनों का अंतिम संसकार कर देते हैं, सोनू और मोनू को शामू अपने घर ले जाता है, शामू की पत्नी पारवती दोनों बच्चों को देख कर बोलती है, अरे बिलकुल राम और लक्षमर लग रही है, तुम दोनों चिंता मत करो, सुधा बेहन के बाद तुम मुझ
05:07सुधा के साथ चले गए होते, तो वो आज जिन्दा होती, लेकिन नहीं, तुम्हें तो पैसा प्यारा है, चाहे वो कैसे भी आए, काजल की बात सुनकर सुधीर हसने लगता है, और बोलता है,
05:19काजल, तुम कितना सोचती हो, अरे, जो जिन्दगी हम जीते हैं, उसमें पैसा लगता है, समझी, मैंने बहुत महनत की है, यहां तक पहुँचने में, इसलिए मैं सिर्फ पैसा देखता हूँ, पैसा,
05:40सुधीर की बात सुनकर काजल गुसे से कहती है, तुम कितने घटिया इंसान हो, डॉक्टर की डिगरी पैसा कमाने के लिए नहीं होती है, बलकि लोगों की मदद और भलाई के लिए होती है, लेकिन शायद तुम नहीं समझो के, इसलिए मैं तुम्हारा ये घर छोड़कर ज
06:10सुधा, तुम तो मर चुकी हो, कौन हो तुम्हारा लेकिन सुधा, बिना कुछ बोले, वहां से गायब हो जाती है, अगली सुभा सुधीर ये बात अपने एक नौकर शम्भू को बताता है, जिसे सुनकर शम्भू बोलता है
06:28मालिक, हमें लगता है ये सुधा मरने के बाद चुड़यल बन गई है और आपको मारना चाहती है, मैं तो कहता हूँ आप किसी तांत्रिक से मदद ले ले
06:38तुम भी शम्भू, हम डाक्टर हैं, इन भूत प्रेतों पर विश्वास नहीं करते हैं, कुछ नहीं होगा, ये मेरे मन का वहम होगा
06:50फिर सुधीर वहां से अपने काम पर चला जाता है, उसी रात जब सुधीर सो रहा होता है, तब ही उसे खोई जोर से जमीन पर पटक देता है, सुधीर की नींद खुल जाती है और वो उठ जाता है, लेकिन उसी समय वहां चुड़यल आ जाती है और हस्ते हुए बोलती है
07:37पैसे के लालच में तुम मेरे साथ नहीं आए, चिसकी वजह से मेरी और मेरे पती तोनों की मौत हो गई, मेरा पूरा परिवार बिखर गया, मैं तुझे नहीं चोड़ूंगी।
07:55और फिर वहां से चली जाती है, उसके जाने के बाद शम्भू आता है और सुधीर से बोलता है, अरे पाप रे, क्या हुआ आपको, मुझे पहले क्यों नहीं बुलाया, अरे शम्भू, अभी कुछ मत पूछ, मुझे डॉक्टर के पास ले चल, मुझे बहुत तेस दर्ध हो र
08:25शम्भू तांत्रिक को लेने चला जाता है, और थोड़ी देर बाद, तांत्रिक को लेकर, घर वापस आ जाता है, तांत्रिक को देखकर, सुधीर खुश हो जाता है,
08:35मेरे रहते वो चुड़ैल तेरा, कुछ नहीं बिगार सकती, ऐसी चुड़ैले तो मैं पान की दरह खा जाता हूँ, रात होती ही, चुड़ैल वहां आ जाती है, तू यहां से चला जातांत्रिक, नहीं तो पिकार में मारा जाएगा, मैं यहां केवल इस डॉक्टर के लिए �
09:05लेकिन तांत्रिक चुड़ैल की बात नहीं सुनता, और अपने जादू से चुड़ैल को बांध देता है, चुड़ैल को बंधा हुआ देखकर सुधीर वहां से भाग जाता है, सुधीर को भागता हुआ देखकर चुड़ैल गुसे में आ जाती है, और तांत्रिक के बंधन
09:35Where are you, Doctor?
09:37My doctor is still here.
09:41In the meantime, there are SONU and MONU.
09:44They are also here.
09:46Maa, Maa, leave it!
09:48If they are dead, they will be able to heal.
09:53SONU's story is here.
09:56You both have my eyes closed.
10:00But it has never been wrong.
10:04So, I will come back.
10:06So, she says,
10:09and SONU and MONU will be able to heal.
10:13So, she says,
10:15and SONU and MONU will be able to heal.
10:18So, she says,
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