00:00परिवाहन के साधन जब कम हुआ करते थे तो पैदल चलना लोगों की मजबूरी थी और ये मजबूरियां धीरे-धीरे कारों ने, दुपईया वाहनों ने कम कर दी, साइक्लिंग कम हुई और सेहत खराब।
00:12तब डॉक्टरों को बताना पड़ा कि भाई पैदल चलेंगे, तो कुछ ठीक रहेगा, आपका ब्लेड पेशर ठीक रहेगा, शुगर लेवल ठीक रहेगा, मगा हमारे साथ एक ऐसी जोड़ी है, एक ऐसे यूगल है, जो बहुत बड़ा मैसेज हैं उन लोगों के लिए, जो �
00:42जिनके लिए चलना और दौनना आलस का मिशा है, जर्मी शुरू हुई आपकी है, रिसी जी, 2014 में मैंने आर्मी से रेटायरमेंट लिया था, और फिर उसके बाद हम दोनों को ऐसा लगा कि लाइफ में कुछ एकसाइटमेंट, कुछ अडवेंचर होना चाहिए, सिर्फ रे�
01:12तो हम दोनों रोगोंने एक 10 किलोमेटर की रेश पूने में वहाँ गये, उसमें हिस्सा लिया, ठीक ठार परफार्मेंस आई, वो रेश हमने जीती नहीं थी, लेकिन जोस बहुत आया, उसके बाद फिर दूसरी रेश में हिस्सा लिया, और दूसरी तीसरी रेश से ही हमने �
01:42ट्रेल रंस, जितने भी फार्माइट हो सकते थे, मांट्रें रेशिज, सब में हम लोगों ने हिस्सा लिया, और इसवर की किरपा से अच्छी परफार्मेंस दी है, क्या कहना चाहेंगे उन लोगों के लिए, जिनको ये लगता है कि उम्र पैदल चलने, दौडने में बाद
02:12जाती है, जैसे इसे उम्र बढ़ती जाती है, वो पुरानी बात नहीं रहती है, लेकिन अगर उसे छोड़ दिया जाए, तो जो गिरावट है, उसकी रफतार तेज हो जाती है, अगर सारीरिक जो आपकी तंदुरुस्ती है, जो आपकी ताकत है, जो आपके अंदर फ्लेक्
02:42भी स्पोर्स में हिस्सा लेने का है, यह आपकी जो गिरावट हो रही है, आपकी सहत में, उसकी दर को कम करती है, आप ज़्यादा दिन तक तंदुरुस्त रह सकते हैं, और करते रह सकते हैं, यह हो सकता है कि हम किसी यंग जो 21-22 साल का, 21-30 साल का आदमी है, उसके मुकाबल
03:12अच्छा जी, हाल ही में आई स्पोर्स कॉलेज में एक बहुत लंबी रेस आपने जीती, सांदार परफॉर्मेंस किया, कितने घंटे की थी और कितने किलोमीटर आप उसमें चली हैं, 21 दिसंबर को यह रेस थी, और 12 घंटे की यह रेस थी, इस रेस में मैंने 103 किलोमीटर स्
03:42सकते हैं, आप रेस ले सकते हैं, आदा घंटा, एक घंटा, जो भी आप लेना चाहें, आपकी बोडी जैसे आपको अलाव कर रही है, लेकिन अगर आप इतना रेस लेंगे, तो आपके पीछे वाला आप से आगी निकल जाएगा, तो आपकी परफॉर्मेंस जो है, वो थो�
04:12क्या कहना चाहें, देखे, ये तो आपके उपर डिपेंड करता है, आप क्या करना चाहते हैं, काम तो हर किसी के पास होता है, और काम तो हमेशा रहेगा, काम कभी खतब नहीं होता, लेकिन हमको अपने लिए टाइम निकालना बहुत जरूरी है, हम उसी घर के कामों में पू
04:42अपने आलस को दूर कैसे करना चाहिए, और कितनी शुरुवात करना चाहिए, मैक्सिमम क्या होना चाहिए, मौनिंग इवनिंग वाउट में?
04:48अभी आसा जी ने बताया, कि अगर आप कुछ काम करना चाहते हैं, तो वो आप कर लोगे, जैसे कि वो चीज आपको पसंद आनी चाहिए, और एक आपके अंदर बात होनी चाहिए, कि भई, यह मुझे जाना है, सुबरे उटके मौनिंग वाउट जाना है, सुबरे उटने क
05:18अगर आप उसमें सारे positives देख रहे हैं, और ना उठने के negatives देख रहे हैं, कि अगर मैं सोता रहूंगा, आले से रहेगा body के अंदर, मैं वाउट पे नहीं जा पाऊंगा, और दोनों को आप mentally compare करते हैं, तो आप जरूर उठेंगे, जो काम आप करना चाहते हैं, जैसे picture दे�
05:48अंदर ये भाव पाइदा करना है, कि ये अच्छा लगता है, मुझे करना है, मेरी सेजर ठीक रहेगी, तो और कर पाएंगे
05:54वीडियो जन्रीस विजय वर्मा के साथ मैं रिशी मिश्रा, ETV भारत लखना
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