00:00लगबग 9 साल बाद चुदाव हो रहा है और महराश टके 29 नगर निगम ऐसे हैं जिसमें पूर्णे और पिंपिंजिन्स वर्ड सबसे एहम पूर्ण है
00:06क्योंकि इस बार जो राज्य की सरकार में अजित पौर की एनसीपी बैठी है वो भाजपा के खिलाफ यहां लड़ रहे हैं
00:14दोनों का मुकाबला दिखाई दे रहा है कि बराबर का हो रहा है चंद्रकान पाठील अभी जिन्होंने वोट किया हमारे साथ है
00:19दादा शुरू में तो लग रहा था कि सब कुछ फ्रेंडली फाइट होगी यह कहां तक आँ पहुंची बात
00:24यह तो हमारी और से हमने जो नियम तय हुआ था कि लड़ेंगे एक दुस्रे के खिलाप लेकि एक दुस्रे के खिलाप नहीं बोलेंगे विकास पर बोलेंगे
00:49पालन किया लेकिन यह जो नियम तय हुआ इसका पालन अजित पावर नहीं किया और यदि यह रुका नहीं तो इसकी इसकी हम भी रियक्शन दे सकते हैं
01:02एहम बुड़ बात यह है कि एकना चिंदे के साथ आप जाओगे ऐसा समझ में आ रहा था फिर वो भी नहीं हो पाया तो यह यूति का कहा मतलब यह गड़ बंदन कि कहा चीजे गड़ बढ़ हो गई
01:12इसे कि लगबग दो चुनाओं यह जो चार साल पहले वाले ती वह और यह दोनों एककट आने के कारण
01:23इंट्रेस्टेड पीपल इंट्रेस्टे कारेकरण इंट्रेस्टे नेता की डबल संग्या होगी तो ऐसी सिती में यूति करना तो और भी अपने सिट कम करना होता है
01:34तो इसलिए यूती के बज़ाय अपने अपने बल्बूतिय पर लड़े बात में आवश्रता पड़ी तो सरकार में करता यह नीती ताई हुई तो यह भी हुआ कि कोई एक दूसरे को पर गादी गरोश नहीं करेगा
01:50अजीद दादा ने हुआ था लेकिन ऐसा थो नहीं कि एकनाजी के बारे में नहीं था और उसको अमारे समस्कूति के तहत अपनी जो उत्तर देना है वह दे दी है अक्सर अक्सर ऐसा दिखाई देता है कि भाजपा चुनावी पार्टी है चुनाव के लिए वो पूरे सब को ज
02:20बड़ा देता हैं अम इतने ताकदवर होए है कि इसके आउशकता है नहीं वो आते तो मुंबई में जो 90 और 40 130 वाला मामला है वो और भी आगे जाता है अजीत दादा के साथ एक्जैक्ली मसला क्या है क्या है क्योंकि अब दो राष्टवाई तो साथ में आ गई फिर वो तो �
02:50यह है कि शरतपवार की राष्टवादी को वाजबा के लोग उनके ओपर करप्शन के आरोप करते हैं साथ में लेंगे बोलते हैं वो भी यह कहते हैं लेकिन अजीत पौर एक तरफ आपके साथ है दूसरे तरफ वो शरतपवार के भी साथ है
03:01ऐसा है कि लोग इतने हुशा रहे हैं घर घर में यही चर्चा चल रही है सत्ता के सारे लाव उठा रहे हो और देविंद्र जी इसे व्यक्ति पर और देविंद्र जी के सरकार पर अरे जी सरकार में बाजू में बैटे हो ना तो यह तो लोगों को पूरा ध्यान में आया है
03:31दादा को ही मिल रहे हैं और आपके लोगों को कम मिल रहे हैं उनको मिल रहे हैं तो उन्होंने दोहरी नीती नहीं अपनानी चाहिए
03:43पूरे का चुनाव जैसे से आगे बढ़ता चला गया भाजबा को शुरू में लग रहा था कि ये बहुत ये आसान होगी केक वाख होगा लेकिन उसके बाद अजीत पवार ने जिस्तर की कि राज़नीती यहां अपनाई उसके बाद एक बात तैह हो गई कि ये राज़में तो
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