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ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच बड़ा सवाल उठ रहा है, आखिर मस्जिदों को जला कौन रहा है? ईरानी सरकार का दावा है कि यह आंदोलन सिर्फ आंतरिक असंतोष नहीं, बल्कि इसके पीछे बाहरी ताकतों की साजिश है. अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे ईरान में दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर उठे सवालों ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय बहस बना दिया है. इस वीडियो में जानिए ईरान के ताजा हालात, खामेनेई की सख्त कार्रवाई और यह पूरा विवाद किस दिशा में बढ़ रहा है.
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00:00वैबब जी अभी फिलाल में इरान में हो रहा है, इसका 12 दिन के जंग से और भाहल में बारा दिन जंग हुआ तो 12 दिन तक इसरायल की एर फोस हindest हर रोज 100 कभी 200 फाइटर में एरान पर बम गिराती रही।
00:16U.S. Air Force ने भी 12 दिन में अपने B-2 Bombers का इस्तिमाल करके हमला किया, लेकिन उस वक्त इरान में कोई अंदरूनी जलसे या परदर्शन नहीं हो रहे थे सरकार के खिलाफ, इस बार मामला थोड़ा अलग है, बड़ी तादाद में सरकार के खिलाफ परदर्शन हो रहे हैं, और ह�
00:46सरकारी इमारतों को आग लगा दी आ रही है, इस बार एक नया एंगल जो सामने आया है, आभी हम डिसकस कर रहे थे, कि मस्जिदों में आग लगा दी है, तो मैं अपने experience में देख रहा था कि Muslim countries में चाहे कितने भी दंगे फसाद हो जाएं आम तोर पर, चाहे शिया हो, सुन
01:16अंदर घुस गए हैं, हो सकता है, वो CIA के एजेंट हो, या मुसाद के एजेंट हो, जिनको इरान के लोकल कल्चर के बारे में मालूम नहीं है, क्योंकि देखिए, 56 या 57 Muslim देश है, इन सब देशों में चाहें अंदरूनी कला पॉलिटिकल वजा से कितनी भी हो, कई जगा रा
01:46तो हो सकता है कि इस दंगों में बाहर से elements, CIA के एजेंट या मुसाद के एजेंट घुस गए हैं, जिनको लोकल कल्चर का मालूम नहीं है, एक और चीज़ है, देखिए, सबसे बड़ा important factor यह है कि इरान की आर्मी 6 लाक स्ट्रॉंग है, loyal है, आयत अला खुमानी के लिए, उस
02:16हैं, उनको आयार जी के जवान हो, जेसी हो, चाय अफसरान हो, उनको आयत अला खुमानी की personal वफादरी पर ही आयार जी में शामिल किया जाता है, और प्रमोट किया जाता है, यह ऐसे लोग हैं जिनको तोड़ना बहुत मुश्किल है, इरान में जो मेरे मित्र हैं, वो बता �
02:46तो ऐसे ही खांदानों से, ऐसे ही परिवारों से लिए जाते हैं, जो कि अपने गाउं में आयत अला खुमानी के परती अपनी निश्ठा के लिए, अपनी लोयल्टी के लिए जाने जाते हैं, तो आयार जी जो है, वो तूटेगी नहीं, उसमें जैसे हम कहते हैं, हिंदुस
03:16आयतलाव खुमानी का साथ छोड़के दुश्मनों से मिल जाएगी ऐसे होने के आसार नहीं है। और जब तक डेल लाख आयर जी मजबूती के साथ आयतलाव खुमानी के साथ खड़ी है तब तक आयतलाव खुमानी को कोई खत्रा नहीं है, वो अपनी जगाप बने रहेंगे�
03:46कुछ बताईए अभी कश्मीर में क्या चलना है
03:49देखे कश्मीर में एक अच्छी खासी पॉपलेशन है
03:54जो सुप्रीम लीडर को बड़ी रेवरेंस के साथ
03:58बड़े प्यार के साथ उनकी ओर देखती है
04:01कश्मीर जुमू कश्मीर हो या कारगिल हो
04:04जहां भी एक श्या समधाय के लोग आपको मिलेंगे
04:08वो उनका प्रेम काफी ज्यादा है इरान को लेकर
04:13एक कारण ये भी है कि खामिनाई दरम गुरू माने जाते हैं श्या सेक्ट में
04:19और उनकी कही हुई हर कोई बात कश्मीर के श्या हो करगिल के श्या हो
04:25कहीं के भी श्या हो उनके लिए फाइनल होती है
04:28और वो बाव लेकर कश्मीर के दिलों कश्मीरियों के दिलों में भी खास दोर पर श्या कमिनिटी जो है
04:34उनके दिलों में काफी महबत है खामिनाई को लेकर और उनके नाम को लेकर
04:40यहां पर लोग सड़कों पे आ रहे हैं, कहीं प्रदर्शन हो रहे हैं
04:45और शायद जो आले वाले शुकरवार को फ्राइडे प्रेयर्स के बाद हम देखेंगे
04:50कि कहीं न कहीं अमेरिका विरोधी, इसराइल विरोधी प्रदर्शन भी हो सकते हैं
04:55और ताकि एरान को, खामिनाई को ये संदेज दिया जाए कि कश्मीर के लोग आपके साथ हैं
05:03और ये पहली बार नहीं हो रहा है, ये 1979 की इस्लामिक रेवलूशन जब आयतुला खुमैनी आए थे सकता में
05:13तब से चला आ रहा है, एक लोयल्टी का फैक्टर जो है, शिया मुस्लिम्स का जो भी जमू कश्मीर में हैं, लदाक में हैं, उन्होंने हमेशा अपने आपको कहीं न कहीं रिलिजिसली आइडेंटिफाई किया है इरान के साथ, इरान की कलर्जी के साथ, और कलर्जी में आय
05:43आप किसी भी शिया घर में जाएए, आपको खामिनाई के पोस्टर दिखेंगे, एरान के फ्लैग्स दिखेंगे, वो प्राउड फील करते हैं कि वे आर पार्ट आफ खामिनाई के एरान का हम एक बाग हैं, रिलिजिसली, नोट बॉंडरी वोइज, ऐसे, मैं वो नहीं कहू
06:13खामिनाई जो बोलेंगे, कश्मीर के, लदाक के, कारगिल के शियाज, बिलकुल हाथ उठाकर उस बात को मान लेते हैं.
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