सुप्रीम कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़े मामले पर अहम सुनवाई हुई। इस सुनवाई में ED की ओर से वरिष्ठ कानून अधिकारियों ने अपने तर्क रखे, जबकि ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में जोरदार दलीलें दीं।
00:00कोलकाता में आईपेक दफ्तर पर एडी के च्छापे के मामले ने अब पूरे देश में चर्चा हो गई और चर्चा सिर्फ चर्चा में नहीं रही है मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुच गया है
00:10आज भी उसकी सुनबाई चल रही है हमारे साथ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एड़ोकेट विशाल सिंग जी है और साथ में सुमित कुमार जहाजी है हम दोनों से समझना चाहेंगे कि आकर कोर्ट में क्या हुआ किस तरह की दलीले रखी एडी की तरफ से किस तरीके की दलीले र
00:40अलग प्रदेशों में जाएंगे और यह अगर प्रैक्टिस जो मम्ताम अनरजी ने की है वहां से सामान उठाने वाली यह फाइल लगाने वाली यह होती है और एडी की तरफ से अपियर हो रहे है एडिशनल सॉलिसीटर जनरल राजु साहब जो अपियर हुए थे उमर खाल
01:10घुर हो रहे हैं अभी जो दलीले अभी तक ही एक वजे तक वह यह हुए है कि एडी का कहना है उनके वकील का कहना है कि ममतान शेक्थर के तौर पर काम किया है और अपने प्रदेश के जो कॉप्स है सूपर में hospital जी ने क्या खाएं केसा पर और किसी हूँ
01:32कि दो साल पहले आईपक के उपर आपने केस वाइल कर दिया था दो साल से आपने रेड नहीं मारा जब चुनावाई तब आपने रेड मारा यह उनका दलील दा लेकिन इस पर कोड कर विंस होती नहीं दिख रही है कि सभी जितने भी बॉड़ी है इडी हो गया सिभी आई हो ग
02:02राज की मुख्यमंत्री जाकर उन प्राइवेट लोगों के साथ डीजी पी आईजी और डीजी पी के साथ मिलकर उनके चीजों को छीनेगा तो यह कहीं से सही नहीं है अभी बहस जालू है हो सकता है कि आज इस पर कुछ अच्छा निंड़ा है और मेरा मानना है इस केस में क
02:32प्राइब को आगे नहीं आना चाहिए था क्योंकि कहीं न कहीं इसमें को भी पता है लोगों को भी पता है कि चोर की डाड़ी में तिनका है आपको को प्रक्राइब
02:55को सारी चीज का चेहरा होता है वह तो वहां से लगता है कि अभी अभी लट्ट किसका फ़ल्द भारी देख के रहा हूं कि जो प्रसांट और उनके साथ जो रहें तरफ से
03:18सब्सक्राइब करें नहीं करने करें और कपिल सीबल साब अभी को रूख है वह चुकि लंच एक बज़ के एक मिनट पर लंच अभी वह अभी नहीं
03:46सब्सक्राइब करने कानूनी आधार ना बता करके उसे पॉलिटिकल एजंडा आपके सब्सक्राइब
04:16मेरा जवाब अपने ही अपने ही दिया है कि उसको कानूनी ना हो करके पॉलिटिकल एजंडा की तरफ उनकी तरफ से मुल्ट किया जा रहे चीज़ों को कपिल सीबल सर उनसे बहुत बहुत करें लहजे में सवाल पूछा जा रहा है और कुछ कोशन पर प्रेस कर रहे हैं उस प
04:46पॉलिटिकल एजंडे का लॉजिक जो कपिल सिबल रख रहे हैं वो काम करता दिख रहा है अजे सीनियर एडवोकेट नहीं मुझे नहीं लगता है और इसमें अभिसेक मनु सिंग्वी लगनेट सीनियर एडवोकेट भी वेश्ट बंगल की तरफ से अपियर हो रहे हैं उनक
05:16इसमें अभिसेक मनु सिंग्वी साब अभिसेक मनु सिंग्वी सीनियर एडवोकेट अपियर हो रहे हैं उनका यह कहना था कि आर्टिकल थर्टीटू अफ इंडिया विच गारंटीज दे रीट राइट ऑफ दो इंडिया उसमें यह एडिक अप्लिकेशन जिसमें फेर इं�
05:46तक जो राइट्स गारंटीज दिये गए इंडियन कॉंस्ट्यूशन पार्ट थ्री में वो सभी लोगों के लिए हैं और कहीं भी फेर इन्वेस्टिकेशन फेर ट्राल अंडर आर्टिकल 21 आप इंडिया अगर नहीं हो रहा है तो उसके लिए अज़े कॉंस्टूशनल रा�
06:16कि जो कलकता हाइट की टिपड़ी है वो कहीना ही सुप्रिम कोट के लिए और जिस तरीके से की गई है वह भी एक मायने रखती है दूसरी जासाब वहां पे कोट ने कलकता हाइट के अंदर जो कुछ हुआ है जो कुछ रुकाप्ते डाली गए सुनभाई की तरह उस पर आप
06:46करना रखी कोई भी कोट के अंदर बहुत हो हला होगा तो चीजह नहीं हो पाएंगे तो वहां के जो हैं महिला ज़सी तो वह उन्हांने डिस्मिस करती है मुंताबरी पेटिशन को अब आईडी जो है थर्टी तुम पहले आ चुकी इस तरह का सुप्रिम कोट कैसे देखता ह
07:16चैलेंज कीजिए सुप्रीम कोट में चैलेंज कीजिए अपील करिए रिव्यू करिए क्यों रगाई उस जजज के खिलाब जिन्होंने कोई आदेश दे दिया उसके खिलाब आप इंपेच्मेंट ला रहा है कि यह आदेश कैसे दे दिये दूसरी बार ऐसा हुआ कि उनके क
07:46यहां यहां तो कुछ नहीं हो सकता यहां जो आएंगे उनके उपर यूए पीए की धारा लगाकर जेल भी डाल सकती है क्योंकि कोट का प्रोसीडिंग रोकना इंटरफेरेंस करना इस आलसो क्राइं तो बिलकुल जो कुछ आप मैं उसको दोराओंगा नहीं आपके आपने �
08:16में अभी तक जो वकील है ममताव इनर जी के बकॉल हमारे वकील साहवान वह कोई कानूनी पहलू से बहां पर तरक नहीं रख पाएं वह इसे अदाज्यतिक प्रोपोगंडा कह रहे हैं और दो एक और बाते ऐसी कह रहा है जो बहां पर बहुत ज़्यादा लॉजिक नहीं है
08:46झालोटी कि एनलोटी कि पाल था ळा लच्याद �يजयतिक प्रोपोगंची उड्या है नोस खर По
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