00:00केंद्रे अग्रीमंची अमिशा गुजरात के दोरे पर हैं गांदे नगर में उनका एक अलग अंदास देखने को मिला
00:16मकर संक्रांती के अफसर पर आमिशा नहीं अपने परिवार और स्थानिय लोगों के साथ पतंग बाजी का अनन लिया
00:22आमिशा के साथ पतंग उडाते समय कारेकरताओं में जबरदस्त उत्सह नजर आया और पूरा का पूरा माहौल उत्रायन के रंगों में रंग गया था
00:40पूरे गुजरात में पतंग बाजी हो रही है लोग परिवारों के साथ मिलकर पतंग बाजी का आनन ले रहे हैं
00:45आजमान में हर तरफ पतंगों की बहार है, किसी का रंग शानदार है, तो किसी का डिजाइन दंदार है
01:15बिजेपी कारे करता और स्थानिये लोग मौजूद हैं, उनका भी अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं, हर साल ग्रेमंत्री आमित शाह की अपने ही लोकसभाग शेत्र यानी गांधी नगर के अलग अलग शेत्रों में बिजेपी के कारे करता हूँ
01:27और स्थानिय लोगों के साथ मकर सकरांती मनाती हुई तस्वीरे सामने आ रही है
01:31वैसी तस्वीर इस साल भी सामने आई है जब केंद्रिय ग्रह मंत्री आमित शाह आहमदाबाद के नारणपूरा में मौझूद रहे हैं
01:37और मकरा सकरांती का ये जो पर्व है वो बीजेपी कार्यकरताओं के साथ पतंग उडा कर मनाया है
01:43फिलाल एक पतंग तो जरूर से ग्रह मंतरी ने उडाई है बीजेपी कार्यकरताओं के साथ
01:47लेकिन कुछ और भी पतंग ग्रह मंत्री हर साल की तरह इसी छट से फिलाल उड़ाएं
01:53केंद्री ग्रह मंत्री अमिशाह भी उत्तरायाल के मौके पर अपने ग्रह राज्य गुजरात पहुचे
01:58यहां उन्होंने अपने परिवार और कारेकरता को साज जमकर पतंग बाजी की
02:02आज के दिन का तीसरा कारेकरता मेहनदाबाद के नारनपूरा में आप तस्वीरे देख पा रहे हैं
02:07ग्रह मंत्री अमिशाह नारनपूरा के अरजुन ग्रीन्स में फिलाल मौजूद है
02:11अरजुन ग्रीन्स की ये चछत है जहां पे बीजेपी के कारेकरता और जो स्थानिये लोग है उनकी मौजूद की सामने जो चछत दिखाई पढ़ रहा है जहां पे ग्रीमंत्री अमिशाह की मौजूद की चछत पर है
02:24खास करके जब भी उत्रायन की बात आती है अब आप जो तस्वीरों में भी देख पा रहे हैं एक दूसरी एक पतंग उड़ाने के लिए ग्रीमंत्री अमिशाह आगे की तरफ बढ़ रहे हैं और तस्वीरों में आप देख पा रहे हैं ग्रीमंत्री अमिशाह हर साल इसी प
02:54पूत्रायन पर पतंगवाजी करते हुए अमिशा जबज़त उस्ता ही दिखे उन्होंने काफी देर तक पतंगवाजी की कई पतंगे काटी तो उनकी पतंग भी कटी इस दोरान आसपास की घरों की छतों पर मौजूद इस्थाने लोगों का उस्ता भी देखते ही बन रहा था
03:24शाह हर साल इस पर्व की शुरुवात जगनात मंदिर में विशेश पूजा दर्शन के साथ ही करते हैं
03:54जगनात मंदिर में डर्शन के साथ तो जिस तरह आज उन्हें जगनात मंदिर में दर्शन की है हर साल की तरह और अब गव पूजा की है परिवार के साथ बैठकर यहां पर गवपूजन किया गया है
04:12और ये हर साल जो है वो हमेशा अपने परिवार के साथ गौपूजा करते हैं दान और गौपूजा का एक विशेश महत्वा इस पर्वा के दिर रहता है और उसके बाद वो कार्यकरताओं के साथ जो है वो पतंग बाजी करते हैं अपनी संसदियक शेत्रा की अलग-अलग वि�
04:42के बीच नजर आते हैं गाजिनगर से अतुल तिवारी और बज्जेश दोशी के साथ आज तक ब्यूरो
04:47देश बर में मकर संक्रांदी का पर्व धूमधाम से बनाया जा रहा है मकर संक्रांदी गुजरात में पहुंचकर उत्तरायन हो जाता है उत्तरायन पर पूजापाट के अलावा पतंगें उडाने की खास परंपरा रही है गुजरात में आम हो या खास हर कोई उत्तरायन के म
05:17पतंग बाजी के उत्तव पर शहर शहर घरों की छतों पर लोगों की भीड उमडी रही
05:30हर किसी ने पतंग उलाकर इस पर्व को धूमधाम से सेलिब्रेट किया
05:35गुजरात में पतंग बाजी की विशेश परंपरा है
05:47गुजरात के मुख्यमंत्री भुपेंद्र पटेल ने गांधी नगर के सेंट्रल विश्टा में पतंग महुत्सवाप का उध्भाटन किया
05:55फिर मुख्यमंत्री ने खुद भी पतंग बाजी का अनन लिया
05:59सियम भुफेंद्र पटेल ने पतंग उड़ाने के बाद लोगों को लड़ू और चिक्की बाटते होए उत्रायन परविकी शुब कामनाएं दिए
06:14पतंग उत्तव की ऐसी ही तस्वीर गुजराप के मशूर आमबाजी मंदिर से आई है
06:19अमबाजी मंदिर को भक्तुने रंग विरंगे पतंगों से चाया है
06:28पूरे मंदिर में पतंग ही पतंग दिखाई दे रही है
06:31कागर्स की पतंग, मैटल की पतंग, तमाम तरह की पतंगों से मंदिर की छटा अलग ही दिखाई पर रही है
06:38मकर संक्रांती पर अम्बा जी मंदिर हर साल ऐसे ही रंग विरंगी पतंगों से जगमग नजर आता है
06:46मां अम्बे के भक्त मंदिर को जए अम्बे लिखी पतंगों से सजाते हैं और माता की भक्ती करते हैं
06:53कि अपना तेवार जो हिंदूर राष्ट में है उसका बड़ा महत्वा है इसलिए हम यहाँ साथ से आठ साल से यहाँ संगार
07:14मंदिर परिसर में रंग रंगी पतंगों से सजावत का काम खेड ब्रह्मा से भक्तों ने किया है
07:35दरसल खेड ब्रह्मा गाओं के भक्तों हर साल मकर संक्रांती के तेवहर पर अलग अलग तरह की पतंगे लेकर अंबा जी आते हैं और मंदिर को जैय अंबे लिखी पतंगों से सजाते हैं
07:47जो माता जी के मंदिर के अंदर पतंग का संगार करने के लिए हम यहां से रंग बिरंग की पतंग सपा के जैयंबे की लिखी हुई पतंग
07:56हम यहां माता जी के पूरे गरब में अपने पूरे शीव जी के मंदिर के अंदर गणपती दैदा के मंदिर के सब संगार करते हैं
08:07और यह अपना मकरश सक्रान्ती जो है अपना तेवार उसको हम हिंदू उसके द्रम के अंदर बहुत बड़ा मानते हैं
08:17इसी हिसाब से हम यहां माता जी को पतंग के संगार से बहुत ब़ड़ा भगिवत समझते हम।
08:24उसके औरर प्रिंटिड करवा करे के जयम में लिखा कि हम यहां पतंग का संगार करते है।
08:28देश्वर में मकर संक्रान्ती के अध्बुद रग देखने को मिल रही है।
08:33गुजरात में मकर संक्रान्ती का पर्व उत्रायन के तौर पर मनाया जाता है।
08:37इस पावन मौके पर मंदीरों में भगवान को तिलड्डू का भोग अर्पित किया जाता है।
08:42सूर के उत्रायन होने के साथ ही ये तेवहार नई उर्जा, नई शुरुवात और खोशाली का शंदेश लिखा राता है।
08:50अंबा जी से शक्ति सिंफ परमार के साथ आज तक भी ओरो।
08:54सूरत में तापती नदी के किनारे रामना घेला महादेव मंदिर अपनी एक अनुखी परमपरा के लिए मशूर है।
09:04मंदिर न सिर्फ अपनी प्राचीनता के लिए जाना जाता है, बलकि या भगवान शिव को जिन्दा केकड़े अर्पित करने की भी परमपरा है।
09:11इसके पीछे कई धर्मिक मानेता हैं जिनमें एक मानेता ये है कि मकर संप्रांती या पौश कृष्ण के दिन शिवलिंग पर केकड़े चड़ाने से भगवान शिव हो जाते हैं प्रसंद और उन्हें शारी रिककष्च से मुक्ति देते हैं।
09:25सूरत के उम्रा गाउं में शम्चान घाट रांगल में ही ये श्रीव मंदिर है।
09:41वैसे तो यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है।
09:44लेकिन मकर संक्रांदी पर हजारों के संख्या में भक्त उमणने लगते हैं।
09:47इस दिन मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारे लग जाती है।
09:51खास बात यह है कि भक्त अपने साथ जीवित कैंकले लेकर आते हैं।
09:54और यह कैंकले मंदिर के अंदर श्रीविलिंग पर चड़ाई जाते हैं।
09:57धार में माननेताओं के अनुसार इस मंदिर के साथना स्वयम भगवान नाम ने अपने वनवास के दोरान की थी।
10:04कहा जाता है कि जब भगवान नाम यहां तापती नदी के तड़ पर पूजा कर रहे थे।
10:08तब एक कैंकला समंदुर से निकलकर बार-बार उनके चलनों कुछपश कर रहा था।
10:12क्याता है।
10:14आश्यम राम चन्द्रव प्रवान ने तीर मार के सिव को उप्तन किया।
10:18और उस इक्तन किते हुवे, और नदी में से जो प्रवा आया, जो जीव जन्त आए।
10:24उ उसमे एक केक्रा था।
10:26ता जो प्रस्तन था।
10:28जिवीद कैकले चलाने के पीछे
10:56धार्मिक और पॉरानिक दोनों ही कारण बताई जाते हैं
11:00एक बड़ी माननेता ये भी है कि यहां जिन्दा केंगा चलाने से
11:03स्वाच्ते संबंदी समस्षाइं दूर हो जाती है
11:06यह बहुत खुदाना मंदिर है
11:10यह कान की रसी के लिए माननेता रखी जाते हैं
11:14बहुत मानता है
11:16उसका के लिए मानता रखते हैं
11:24एप ल़म्रा इदानी का मंदिरी
11:28और यह को कि बाद शुदाबशाआः जाते हैं
11:31जिस बच्चे को कान में कुछ सुनां ही नहीं देता
11:34रशी होती है
11:35उसके लिए यह बाद मानी जाते हुं
11:38मंदिर प्रशासन इस बात का पूरा ध्यान लगता है कि जीवों को कोई नुपसान ना पहुंचे
12:03इसने पूजा संबन होने के बाद सभी कैकड़ों को सुरक्षित रूपसा तापती नदी के जल में छोड़ दिया जाता है
12:09सूरत से संजे सिंग राठोर के साथ आज तक भी रो
12:13सदियों से मकर संकरान्थी के त्योहार देश के अलगलग राज्यों में अलगलग परमपराओं और नामों के साथ मनाया जाता है
12:22कहते हैं कि इसी दिन भगवान सूर्य देव दक्षिन से उत्तर की तरफ रुख करते हैं
12:28चलिए अब आपको बता देतें कि मकर संक्रान्ती का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है क्या?
12:48शुबता का संदेश लेकर मकर संक्रान्ती आई है
12:52माग के लिफाफे में वसंत की चिठी लाई है
12:57मकर संक्रान्ती पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है
13:14सनातन परंपरा में सुर्य को अनन्तूर्जा का स्रोध और साक्षा देव माना जाता है
13:20रसे तो साल में बार है बार भगवान सुर्य अपनी राशी परिवर्तन करते हैं
13:25जिसे संक्रान्ती कहा जाता है
13:27लेकिन जब भगवान सूर्य शनीदेव की राशी मकर में प्रवेश करते हैं, तब उसे मकर संक्रांती कहते हैं और आज वही शुब दिन है
13:36मकर संक्रांती के दिन सूर्य के गोचर से जहां खरमास खत्म हो जाता है, वही वसंत रितु के आगमन का संकेत भी मिलता है
13:45ये पर व्रितु परिवर्तन की शुरुवात का प्रतीक भी माना जाता है, इस दिन से ही सूर्य का उत्तरायन आरंभ होता है, जिसकी वजह से दिन बड़ा और राद छूटी होनी शुरू हो जाती है
13:56यही वज़े हैं कि इस त्योहार को अंधिकार से रोश्नी की और ले जाने का प्रतीक भी माना जाता है
14:08दरसल मकड संक्रांती के दिन पतंग उड़ाने का खास महत्व होता है, इस दिन पतंग उड़ाना आनंद, विजय और उन्नती का प्रतीक माना जाता है
14:16इस दिन बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी पतंग बाजी करते हैं
14:20तभी तो संक्रान्ती के दिन शहर शहर धर्टी से लेकर आस्मान तक रंग बिरंगी पतंगों से सजे नजर आते हैं
14:28उतरायन पर्व के मौके पर देश भर में काइट फेस्टिवल्स का आयोजन होता है
14:41एहमदाबाद और हैद्राबाद जैसे शहरों में इन दिनों काइट फेस्टिवल्स का आयोजन हो रहा है
14:47इस मौके पर गुजरात के अलग-अलग शहरों में हो रहे काइट फेस्टिवल्स में हिस्सा लेने के लिए सिर्फ देशी पतंग बाज ही नहीं बलकि बड़ी संख्या में विदेशी भी पतंग बाजी में होना राजमा रहे हैं
14:58इस दोरान आसमान रंग बिरंगी डिजाइन दार पतंगों से अटा नजर आ रहा है तो वहीं पतंग महुस्सफ शू होने के साथ ही पतंगों की डिमान भी बढ़ गई है बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी जम कर पतंग खरीद रहे हैं और उड़ा भी रहे हैं रंग बिर
15:28दुनिया भर में मकर संक्रानती का ये त्योहार आध्यात्मिक विकास की ओर बढ़ने के प्रतीक की तरह होता है इस दिन से मौसम तो बदलता ही है साथ ही उत्तरायन होता सूर्य अंधकार से दूर होकर प्रिकाश की ओर ले जाने वाले पूर्णे कर्म करने की प्रेणा देत
15:58देश के साथ की सुक शान्ती और समरिद्धी का आशिरवाद हर किसी को मिले
16:03एहमदाबाद सिब्रजेश दोशी के साथ बूरो रिपोर्ट
16:08केंद्रे ग्रिमंत्री अमिश्ण आनन्जिले के 46 उनिवरस्टी के 15 दीक्षान समारो में
16:20मुख्यतिती के रूप में शामिल हुए उनिवरस्टी में पारंपर एक रूप से उनका भव्य स्वागत किया गया
16:25समारोह के दोरान अमिश्रा ने मेदावी चात्रों को समानित किया
16:28चात्रों को गुल मेडल दिये गए और वही 38 चात्रों को पीछडी की डिग्री भी प्रदान की गई
16:34गुरी मंत्री ने युवाओं को मेडल पहना कर उनको उज्जुल भविश्य के लिए शुबकाम नहीं दी
16:38साती साथ युवाओं को प्रोथसाहित करते हैं उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर भारत को एक महान भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है
16:47आज तक गुजरात में आज के लिए बस इतना ही लेकिन देश दुनिया की तमाम बड़ी और अहम खबरों के लिए अब देखते रहें आज तक
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