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  • 15 hours ago
Weather Updates: भारत का बर्फिस्तान, -25 डिग्री वाली जगह से देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

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00:00अगर आप भी उत्तर भारत में रजाई के अंदर दुबक कर्चाय पर चर्चा कर रहे हैं ये कह रहे हैं कि इस साल ठंड बहुत ज्यादा है तो हमारी ये रिपोर्ट देखिए और समझिए कि माइनस 25 डिग्री में रहने का मतलब क्या होता है और हाँ ये कोई विदेशी इला
00:30कि दुनिया की सबसे दूसरी ठंडी बस्ती से रिपोर्टिंग साइबेरिया के बाद ड्रास सबसे ठंडा रहाइशी इलाका
00:47रात का तापमान माइनस 25 डिग्री तक चला जाता है रास में दिन का तापमान माइनस 15 डिग्री रहता है
01:03पांच डिग्री में रजाई के अंदर दुबक कर अगर आप ये समझ रहे हैं कि ठंड से बाहर निकलना दूबर है तो जरा इन तस्वीरों को देखिए
01:16ये है दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी रहाईशी बस्ती नाम है द्रास
01:25पहली नजर में आप साइबेरिया समझ कर दोखा खा सकते हैं लेकिन यहां भी हालात साइबेरिया से कम नहीं है
01:32साइबेरिया दुनिया की पहली सबसे ठंडी बस्ती है तो लद्दाफ का द्रास दूसरी
01:45लद्दाफ में सर्दीक का मतलब सिर्फ नदी ना ले पानी का जमना नहीं होता है बलकि यू समझिये कि खून जमा देने वाली ठंड है देखिये कैसे नदी भी जम गई है
01:56मैं इस वक्त दुनिया के दूसरे सबसे ठंडे रहाशी इलाके द्रास में खड़ा हूँ
02:04इस वक्त यहां पर तापमान मैनस 18 डिगरी है जिसका अंदाज़ा आपको इस दर्या के बहाव से लग सकता है
02:13तेज बहाव है इसलिए थोड़ा पानी इसमें दिखता है लेकिन इस दर्या में गर्मियों के दौरान इतना तेज बहाव होता है
02:20कि इस दर्या की और कोई आने की हमत भी नहीं जुटा सकता
02:24लेकिन अब किनारों पर पूरी तरह से ये तेज बहावाली नदी भी जम चुकी है
02:31लदाख में सर्दियों के दौरान ऐसे तेज बहावाली दर्याओं पर चादर ट्रैकिंग होती है
02:38याने दरिया जम जाने के बाद उन पर जो मोठी बरफ की परत जम जाती है दिन रात
02:46उस पर चला भी जा सकता है और उस पर ट्रैकिंग भी की जाती है
02:50काफी लोक्प्रिया है इस पूरे छेतर में चाहें जन्सकार हो करगिल हो या फिर द्रास
02:57यहां पर यह चादर ट्रेकिंग आम लोगों खासतों से एडवेंचर टूरिजम की रुची रखने वालों में काफी लोग प्रे होता है
03:05यहां पर पूरा जनवरी का महीना जो है दिन रात तापमान शूनिस से नीचे रहता है
03:11रात का तापमान कल रात को माइनस 25 डिगरी तक लुड़का है लेकिन आने वाले दिनों में यह तापमान और भी नीचे जा सकता है
03:21लेकिन अगर यहां पर बात की जाए तो पूरी तरह से जन जीवन जो है वो ठप पड़ा है
03:26यहां के वहन हो यहां की गारियां हो सब बंद पड़ी है क्योंकि वो भी जम चुकी है
03:32द्रास को गेटवे ओफ लद्दा कहा जाता है
03:37चारो तरफ बर्फ से घिरे 16 से 21 हजार फीट उंचे पहाड
03:41बर्फीली हवाओं के सीधे संपर्प में रहने की वज़े से यहां ठंड किसी टॉर्चर से कम नहीं है
03:46ऑक्टुबर से ही बर्फीली हवाएं शुरू हो जाती हैं और मार्च अप्रेल तक यही हालात रहेंगे
03:56वेल्कम टू सेकंड कोल्डेस्ट हैबिटेट आन अर्थ द्रास
04:03यह मैंने ही कह रहा हूँ बलकि यह कज़बा द्रास आपको दुन्या की दूसरी सबसे ठंडी जगह
04:11यानि द्रास का स्वाब में स्वागत करता है
04:13यहाँ पर इस वक्त वर्तमान में तापमान माइनस नव डिग्री है
04:18क्योंकि दुपहर का टाइम है और सूरज डलने के साथ-साथ ही यह तापमान लुड़कर माइनस पचीज डिग्री राद की बीटर पहुँँ जाएगा
04:28लेकिन तब भी अगर कुछ टहल पहल आपको इस वक्त बाजार में दिखने ही यह ग्रास के बाजार में
04:33यह सिर्फ कुछ गंटों के लिए है यानि दिन में दो तीन गंटी जब दुकाने खुलती है
04:40जब लोग जो है जरूरी साजसामा लेने के लिए अब गरों से बाहर निकलते हैं
04:47वहन चलते हैं क्योंकि अभी उतनी बरबारी नहीं हुई है
04:51यह हाइवे जो करगिल जाती है यह भी खुली है और बच्चे जो है इसी समय स्कूल जाते हैं और ट्यूशन पढ़के आते हैं
04:59या कीजिए साल 1999 का कारगिल युद्ध यही थी वो पहाडिया जहां पाकिस्तान ने घुसपैठियों की शकल में कबजा किया था
05:11द्राफ की टाइगर हिल कारगिल जीत का एहम पढ़ाओ था भारते सेना ने दुश्मन को इन पहाडियों से हटा कर टाइगर हिल पर वापस तिरंगा लह रहाय था
05:23सोचिए जिन हालात में यहां रहना मुश्किल है उन हालात में उस वक्त सेना ने युद्ध कैसे किया होगा
05:31इस जगह की पहचान न सिर्फ दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह के तोर पर है बलकि इसकी पहचान 1999 में करगिल युद्ध के दोरान पड़ी थी
05:43तब जो यह आप दिखा रहे हैं कैमरे में हम आपको दिखाएंगे टाइगर हिल की वज़े से सबसे ऊची चोटी जो द्रास में है वो टाइगर हिल है और उस टाइगर हिल पर साल के इसी मौसम में यानि जनवरी के महीने में ही पाकिस्तानी गुस पैठी है तब गुसाये �
06:13माइनस 15 डिगरी दिन में और 25 डिगरी रात में यहाँ तक कि वहाँ पर माइनस 30-40 डिगरी तक ताप मान जाता है रात को तब भी वहाँ पर सेना की ताइनाती देश की हिफाज़त के लिए जो है मौजूद है।
06:43तक बर्फ होती है।
07:13अब जीवन में एक जमाना था जब द्रास के लोग सर्द्यू में गरू से बाहरी में निकाते हैं।
07:17आज आज आज आज आज आज बहुत फैसलिटी है।
07:21बर्फ बारी भले ही कम हो रही हो।
07:25लेकिन ठंड में कोई बदलाव नहीं है।
07:27तक बर्फ बारी भले ही कम हो रही हो।
07:49लेकिन ठंड में कोई बदलाव नहीं है।
07:51ठंड की वज़े से तापमान माइनस में है।
07:54इसी वज़े से ओज गिरती है तो कड़ी धूप में भी गलती नहीं है।
07:58और घरों से बाहर ऐसा लगता है जैसे बर्फ के चाकू और सुए हो।
08:03जहां पर ये पानी जो भी डपकता है तो उसके बाद वह भी पूरी तरह बर्फ में बदल जाता है …
08:16और उसमें ये जो छड़ी एक तरह की बड़ी हुई है परफ की चड़ी बड़ी हुई है वह भी थोड़ा सा पानी टपकता है,
08:21सनलाइट की वज़े से वो साथ ही साथ जो है इसी तरह छतूं के पास जम जाता है लेकिन उसके बावजूद भी अब पिछले कई सालों के मुकाबले में यहां पर जो है जन जीवन में बदलावाया है अब लोग जो है गरूं से बाहर निकलते हैं सरदियों में वरना पहले ज
08:51बावजूद इसके रोज बर्रा के काम रुकते नहीं और ऐसा ही एक काम है पढ़ाई भले ही तापमान माइनस सोलह से माइनस पचीस डिगरी हो लेकिन पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए
09:04हम इस वकत दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी बस्ती हम कहें सैबेरिय के बाद द्रास इस वकत यहां पर वर्तमान में तापमान माइनस सोलह डिगरी है जबकि रात में यह माइनस पचीस डिगरी जाएगा लेकिन उसके बावजूद भी यहां बच्चे जो हैं क्यूशन के �
09:34द्रास का सिगस्टी टेमपेचर है नहीं पूरा माइनस या प्लस सिगस्टी माइनस माइनस कितना है माइनस सिगस्टीन रात में कितना टेमपरेचर जाता है रात में 21 या 22 जाता होगा माइनस माइनस तो इस टेमपरेचर में कैसे आप अपने आपको कैसे चलपाते हो क्या क
10:04इतनी ठंड का मतलब है नदी नाले सब जम जाना और यहाँ छोटी नदिया या नाले कहने के लिए नहीं जमते बल्कि ऐसे जमते हैं कि आप उनके उपर आराम से टहल सकते हैं वाक कर सकते हैं
10:27पंदरा सोला डिग्री इस वकर टमप्रेचर यहां पर उसका आपको अंदाज़ा इस बात से होगा यह यहां का नाला है
10:35यह जो है यहां का जो पाने की नदी है किस तरह से पूरी जम गई है और यह इस पर आप चल भी सकती इस नदी पे देखिए आप आप इस नदी पे यहां यह अंदाजा देगा आपको कि यहां पर टंपरेचर जो है क्यों मैंनस सोला डिक्री है
10:51और जैसे यह बचा कह रहा था कि जो ही आप पानी अगर फैंक देंगे या गिराएंगे गर्म पानी भी कुछ मिंटों में वो बरह बन जाता है और यही इस इलाके की खासित भी है और इसी इलाके के लिए यह दुनिया का दूसरा सबसे ठंडा इलाका कहलाता है
11:08भले ही द्रास की जनसंख्या सिर्फ बाइस हजार हो लेकिन हिंदुस्तान के इस खूबसूरत हिस्से को इन लोगों के जजबे ने जिन्दा रखा हुआ है
11:18सर्दी शुरू होने से पहले ही लोग यहाँ खाने पीने और इंधन का स्टॉक कर लेते हैं
11:24तभी तो वो इतनी लंबी और खतरनाक सर्दी को काट पाते हैं
11:29द्रास से अश्रववानी के साथ आज तक ब्योरो
11:34देखे ये भी द्रास के इस ठंडे मौसम की ही खूबसूरती है कि यहाँ इसी मौसम में आइस हौकी होती है
11:45आइस हौकी यानि बर्व के मैदान में स्केट पहन कर खेले जाना वहला खेल
11:50जिस मैदान पर आइस हौकी खेली जाती है उसे आइस हौकी रिंग कहा जाता है
11:54और आपको जानकर हैरानी होगी कि सर्दियों में ये आइस हौकी रिंग यहाँ प्राकृतिक होता है
12:00और इसे एकरत्रिम रूप से बनाने की जरुवत नहीं होती
12:30लगदाख छेतर जो है वो आईस हाकी के लिए जाना जाता है
12:35जो महलाओं की आईस हाकी टीम देश की है
12:39उसके सबी लगबख खिलाडी जो है वो लगदाख से ही आते है
12:43और ऐसा ही कुछ हाल पुर्शू के हाकी टीम में भी है जो आईस हाकी है
12:48जो के बरफ पर खेली जाती है उसमें खास तोर से अगर इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस इस
13:18मेने अपना डेब्यू इंटर नेशनल में किया था हूं 2022 में हुआ था हम थाइलेंड में तो हुआ फिर सेलेंट के लिए उसके बाद मेरा यू तीम में पराइम मिनिस्टर कहते हैं कि 1936-33 के दहिंच में उस साल बाद
13:45जो है देश में आलमपिक्स होंगे
13:47तो आप अपनी टीम को
13:49आलमपिक्स में कहां देखते हैं
13:51क्या अगर आपको फैसलिडीज मिलेंगी
13:53आपको हर तरह की वो
13:55सुईदाएं मिलेंगी जो अंतर राश्टे
13:57आइस हाकी प्लेयर्स को मिलते हैं
13:59तो आप कुछ देश के लिए कर सकते हैं
14:01जी सर मैं यह कहूँगा
14:03कि हमारे जो यहां पे जो लदाख में
14:05सर बहूत टैलन्ट है
14:06प्लेयर्स में जो बच्चों में टैलन्ट
14:08बहुत टैलन्ट की कमी नहीं है सर
14:10लेकिन कमी जो सपोर्ट का है
14:12जो हमें जो infrastructure है, coach facilities हैं, जो player को जो facilities मिलनी चाहिए वो proper हमें नहीं मिलती है
14:33हमारे लदाख में ले और करगिल दो डिस्रिक है जिसको लदाख जिससे बनता है आज के दिन में
14:39तो हमारे द्रास में खास कर अभी तो आप जानते हैं कि यहां पे winter, harsh winter चल रहा है
14:48आज के दिन में मेरे खाल में माइनस रात को माइनस 24 के आसपास या 25 अभी भी माइनस 10, 10-12 है
14:56तो इस सलसले में सबसे पहले तो मैं इंडियन आर्मी का बहुत मश्कूर हूँ कि इन्हों ने winter कार्णवल यहां पे इंडियन आर्मी ने और्गनाइज किया है
15:07हमारा यहूं फथा आपको लेके यहूं फथा जो हमारे करगिल को मरसनिरी से हमारे दुष्मनों से आजाद करवाया था
15:161948 में जब यहां से जोजला से हमारे ब्रेव हार्ण आर्मी महां से आके
15:24तो उसी को ये हम नौंबर में यूजूली मनाते हैं
15:28तो उसी एक सिल्षले की कड़ी के तोर पर ये हमारे विंटर कार्नवल यहां पर रखा हुआ है
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