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  • 2 days ago

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00:00शहर की साजिशों और चालबाजियों से तंग आकर आरोंग ने बिना पीछे देखे सब कुछ छोड़ दिया और इस वीरान जंगल में आ गया जंगल में धीरे धीरे घूमते हुए उसकी नजर एक छिपी हुई गुफा पर पड़ी जिग्यासा से भरा हुआ वह पास जाकर द
00:30की जगह और बड़ी हो सके अच्छी बात यह थी कि यहां का माहौल नम था और मिट्टी काफी डीली थी जिससे खुदाई का काम बहुत आसान हो गया इस वजह से काम काफी तेजी से आगे बढ़ा खुदाई के दौरान बीच में उभरी हुई मिट्टी को देखकर उसकी र
01:00पत्थर और मिट्टी इकठा की और दीवारें बनानी शुरू की रोश्नी और आने जाने की सुविधा के लिए खिड़की की जगह पहले से तै की गई आरोंग ने मोटी और मजबूत लकडी चुनी ऐसी लकडी ठिकाउ होती है और खिड़की दर्वाजे के लिए सही रहती
01:30उसने हलकी लेकिन मजबूत लकडी चुनी उसे सही आकार में काटा और हर जोड को अच्छी तरह चिकना किया फिर लकडियों को जोड कर जमीन पर फर्श बिचाई तैयार लकडियों को बिस्तर के ऊपर लगाया जिससे एक समतल और आरामदायक पलंग बन गया रहने की सु�
02:00उसने उस मिट्टी से सीढी नुमा खेत बना दिया लेकिन वारिश में मिट्टी फिसल सकती थी जो खतरनाक था इसलिए उसने सूखी लकडी काटी और उन्हें बराबर आकार में तैयार किया लकडी के टुकडों को खेत के किनारों में गाड़ दिया ताकि मिट्टी मजब�
02:30. . . . .
03:00foreign
03:30After he was able to get his own calm and his body, he was able to get his own sleep.
03:34Every morning he was able to get his own sleep.
03:37In the jungle, he was able to get his own peace, peace and peace.
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