00:00Property के मामले में रतलाम नगर निगम के दिन कुछ अच्छे नहीं चल रहे हैं
00:05रतलाम नगर निगम ने अब तक जितनी भी आवासी और कमर्शियल प्रॉपर्टी बनाई थी
00:11उन्हें वह 30 सालों में भी बेच नहीं पाया है
00:15और यहीं वज़ा है कि इसके बाद अब नगर निगम धोल और मुनादी लगवा कर अपनी प्रॉपर्टियों को खरीद लेने की गुहार आम लोगों से लगा रहा है
00:25जब जेन तिलाल जेन महापोर बने परिशद आई उसके बाद शेहर के अंदर डेवलोप्मेंट चालू हुआ
00:51और उसी डेवलोप्मेंट के रूप में शुबास कॉंप्लेक्स और सिविक सेंटर दोनों का निर्मान हुआ
00:59जब तक निर्मान हुआ तब तक जेन तिलाल जेन का कारिकाल खतम हो गये था उसके बाद लगातार पांच परिशद आई पर पांचों परिशद ने कभी गंबिरता से विचार नहीं किया गया कि इसको किसे निपताय जाए इस काम को किसे करा जाए
01:15हर परिशद आती गई इसे लटकाती गई पर लगातार 25 सालों से जिस कॉस्ट में बना था उसका जो ब्याज लग लगके जिस जगे वो पहुझ गई है तो अब उस भाव में आम जनकी पकड़ से वो प्रॉपर्टी दूर हो गई है
01:28पर यह जो तरीका वो अपना रहे है वो बिल्कुल सही नहीं है एक मजाक बनाने का तरीका है कि आप रोट पे ढोल पीट रहो नगर निगम की प्रॉपर्टी को का भी ढोल वजा के बेचोगे
01:38रतलाम नगर निगम ने 1994 में सिविक सेंटर और कमर्शल प्रॉपर्टी सुभास शॉपिंग कॉंपलेक्स का निर्मान करवाया था जिसको वो नहीं बेच पाया
01:48उसके बाद में अफोर्डेबल हाउसेज की भी तीन प्रोजेक्ट नगर निगम ने तयार किये लेकिन वहाँ पर भी उनके फ्लेट के कोई खरिदार नहीं है और यही वज़ा है कि अब नगर निगम को इन प्रॉपर्टी को बेचने और किराय पर ले लेने के लिए मुना�
Be the first to comment