00:00प्राचीन भारते स्वन्सक्रती बिस्टे स्थामने आज ओनू करनी
00:18ताहितार आदर्स आमाते काच आदर्स तिनी जुबो भारते जुबोक दिर के टिके बलो चलेन आसो जागो उठो
00:27डेश के परिवर्थन खोड़ो, निजर के परिवर्थन कोड़ो
00:30से डाक आज़के आमाते प्र्थाम दलोंच आदर्स दिय नुतम भारत बाड़ार जे काणी अबढे
00:36भारत के जागानोंट ने चेश्टा कोड़ों सेटा बिवेकरण देर काच
00:40वीरेकणत सारा भार्त अच्छेश पदी प्रजम कर चिलेल और नहींख कर चिलेल्ए
00:47तार पोडे साहि भारत के बजार पोडे विस्चेश दरबाडेत तमेर दर चिले
00:52आज क्योँ भार्त वर सव विश्व की नेत्रिक्टों करते पारे
00:56अब दिने दिने देश सही दिके यह गोच्छे, सारा विष्चे ते भारते मान सम्मान बेड़ेचे, अमाते धर्म संस्कुतिर पती सद्धा बेड़ेचे, गतवोचर अपना देखेचे न महां कुम्मों होलो, पिरबेणी संगों में ते 65 कोटी मानुस रान गोलें, भारत रो
01:26अब दिने देखेचे, अमाते जाए चाहिछें, आशिडा केबल मात्र भारती यो संस्कुतिर भारती यो धर्मों इशीकाते बारे, ताइब विष्चे विविन नो देश तेके मानुस इकान आश्यान सांतीर जलना, पैक बोचर आगे, जे कोबीद महा मारी होलो, विष्च
01:56पुरोपुर्शा बोलाचेन, सुननने मानुस भाई, सवार उपरे, मानुस सत तहार उपरे नाई, से मानुस इर सेवा, मानुस के मानुस कर रकाज भारत जुग जुग दोले चे, अमधे साधुसोन नसीरा, देल्टी पोले, कमंडलों हाथे निए खड़म पाए, सारा दु
02:26सारा विष्चर मानुस के कॉष्टपिते होच्चे, जिनिस्पत्रे दाम बढ़ चे, जिवन हानी होच्चे, यह तके विष्चो के भाचाते होले विवेकारंदेर बानी, विवेकारंदेर देखानों पथे आँ हाट्त हवे, जेड़ा भारत बर्षे चिराक्षर्त पोध्त.
02:56भारत के दिये चे, विष्चे जेखाने भूमिक अंप, चुनामी, बढ़ना होच्चे, भारतेर डाक्टार, असुद, आमदेर उद्धारकारी दौल बहुचे आच, प्रधन मुंत्री जाच्चे, तही आचके भारत अबार विष्चो गुरुहार रास्ता एगिये चे, वि
03:26नेत्री तो यते बार्वों, विष्चे बड़बड़ देश गुली आचके पिशी जाच्चे, आर्थिक उन्नायन बंद हाएगाच्चे, मानुसे रोशूक बिशूक पाड़ छे, हिंसा बाड़ छे, लूट पाड़ बाड़ चे, अन्ना देश के कभजा कोर नावाचे बा
03:56विष्चे बाड़ देश के आमार खाबात दिच्ची, चालडाव दिच्ची, गौम दिच्ची, उसूप दिच्ची, चिकित्सा दिच्ची, विए आप वशाय तादेर पड़ाच्ची, आर्थिस समय तादे काच्चे दाणाच्ची, एई भारत जुग जुग धरे विष्�
04:26भारत जुग धिच्ची, वाइट हाउसे दिपावली होच्चे, एगलोंडेर पड़ान मंत्रेर बाड़िते वो दिपावली उत्सव होच्चे, विविन्न देशेर पार्लामेंटे ते बोईदिक मंत्र होच्चे, गायत्ति मंत्र पोटे पार्लामेंट सुरू होच्चे, त
04:56देश आपर उठे दाड़िये विश्चे समने माता दूलत बारे पुश्चे मंगे आमरा आची स्वामी विवेकान दो रामक्रिष्ण राम महोन विद्दा सागर स्वाव प्रशाद रोविन्दनाथ रिताई सुवाज भुसर मोतो महापुरूस चोईतन्नो महापुरूसर मोत
05:26है जोवोगरा चोले कहले बंगला के गडें दुलुबए खे ताई पुश्ची मंगलाई पनिवर्त अन्दर्कारा छे विवेकान दोन पुष्षित् परिवर्त अन्दर्कारा छे मनुसकोल जागीं तुले नुत्वन बंगला गड़ा जण्ंव जद्यर नुतन भारते बमी
05:56झाल झाल झाल
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