Iran Protests: तेहरान की सड़कों पर खून और बारूद की गंध है, क्या ये ईरान की तानाशाही सरकार का आखिरी वक्त है? इस वीडियो में देखिये कैसे 42% महंगाई और गिरती करेंसी ने ईरान के आम आदमी को मौत के सामने खड़ा कर दिया है। ईरान आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ से वापसी का रास्ता धुंधला नज़र आ रहा है। तेहरान की सड़कों पर आधी रात को सन्नाटा नहीं, बल्कि विरोध की चीखें सुनाई दे रही हैं। दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और सरकार ने दुनिया से संपर्क काटने के लिए इंटरनेट और फोन लाइनें बंद कर दी हैं, लेकिन जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक बर्बादी भी है। ईरान में महंगाई 42% के पार जा चुकी है और वहां की करेंसी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। युवाओं के पास न नौकरी है और न ही बेहतर भविष्य की उम्मीद, यही कारण है कि अब लोग अपनी जान की बाज़ी लगाकर "तानाशाही मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे हैं। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसा में कम से कम 45 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हज़ारों को गिरफ्तार किया गया है। यह वीडियो ईरान के मौजूदा संकट, बढ़ती महंगाई और वहां की जनता के संघर्ष की पूरी कहानी बयां करता है। क्या यह विरोध ईरान में बड़े बदलाव की शुरुआत है? जानने के लिए अंत तक देखें। About the Story: Iran is currently facing massive anti-government protests across major cities including Tehran. Driven by 42% record-high inflation, economic collapse, and unemployment, the citizens are demanding an end to the regime. With over 45 reported deaths and a complete internet blackout, the humanitarian crisis in Iran has grabbed global attention.
00:00आधी रात हैं तेहरान की सड़कों पर अंधेरा नहीं बेबसी जल रही है
00:07कानों के शटर गिरे हुए हैं इंटरनेट बंध है फोन लाइने खामोश हैं लेकिन सड़कों पर एक आवाज लगातार गूंज रही है
00:21ताना शाही मुर्दाबाद
00:23ये कोई अचानक भढ़का हुआ गुस्सा नहीं है ये उस देश की चीक है जहाँ खाने को रोटी नहीं है काम को नौकरी नहीं है और जीने की उमीद लगातार महंगी होती जा रही है
00:39इरान आज सर्फ विरोध नहीं देख रहा इरान आज अपनी जंता को खो रहा है
00:49अब तक कम से कम 45 लोग मारे जा चुके हैं
00:53हजारों गुरफतार हैं लेकिन सवाल ये नहीं कि लोग क्यों मर रहे हैं
00:57सवाल ये है लोग जान की बाजी लगा कर सडकों पर क्यों उत्रे हुए हैं
01:02क्योंकि जब महंगाई 42 प्रतिशत पार कर जाए करंसी जमीन पर गिर जाए
01:07और नौजवानों के पास नौकरी की जगे सिर्फ गुस्सा बचे तो डर मर जाता है
01:11नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi
01:14पिछले दो हफ्तों से इरान की अर्थवेवस्ता लगतार ढह रही है
01:19रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर है
01:21दूद, ब्रेड, दवाईयां सब आम आदमी की पहुँच से बाहर हो चुकी है
01:2528 दिसंबर को तेहरान के बाजारों से जो आकरोश उठा
01:29वो सिर्फ कीमतों के खिलाफ नहीं था
01:31वो पूरे सिस्टम के खिलाफ था
01:33और फिर एक चिंगारी और गिरी
01:35अमेरिका में नरवासित कराउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से खुली अपील कर दी
01:40इसलामिक रिपब्लिक के खिलाफ सडकों पर उतरिये
01:43रात आट बजे के बाद तेहरान मशहद इस्वहान समेत
01:4750 से ज्यादा शहरों में लोग घरों से निकलाए
01:49नारे बदले हुए थे डर गायत था और पहली बार
01:53खुलेयाम वो आवाजे गुझ रही थी जिन पर कभी मौत की सजाताय होती थी
01:58इसलामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद ये आखिरी लड़ाई है पहल भी वापस आएंगे
02:03सरकार घबरा गई, इंटरनेट काट दिया गया, फोन लाईने बंद कर दी गई, पूरा देश डिजिटल ब्लैक आउट में चला गया
02:10लेकिन ये दाओं उल्टा पड़ गया, नेटवर्क बंद हुए लेकिन गुसा नहीं
02:14पुलिस स्टेशनों पर हमले हुए आग जनी हुई और गोलियों की आवाज इरान की रात का हिस्सा बन गई
02:21मानवाधिकार संगठनों के मताबिक अब तक 45 लोग मारे जा चुके हैं और 2260 से ज्यादा हिरासत में हैं
02:30और इसे बीच इरान की आंतरिक आग में अमेरिका ने माचस डाल दिया है
02:34टॉनल्ल ट्रम्प ने इरानी जनता के समर्थन में सीधी चेतावनी दी है
02:39अगर आवाज दवाई गई तो अमेरिका बहुत बड़ी कारवाई करेगा
02:43यही वो पल है जहां इरान का संकट अब सिर्फ इरान का नहीं रह जाता
02:47भूक, बेरोजगारी और महंगाई से शुरू हुआ ये आंदोलन अब सत्ता, विदेश नीती और युद्ध के मोहाने पर ख़रा है
02:55सवाल सिर्फ इरान का नहीं है
02:57क्या जब पेट खाली हो जाता है तो डर भी खत्म हो जाता है
03:00और क्या इरान की आग दुनिया को उस रास्ते पर ले जा रही है
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