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  • 13 hours ago
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर से एक बार फिर से बाघ को शिफ्ट किया गया है और इस बार बाघ को कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व भेजा गया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम सुबह करीब सात बजे खण्डार रेंज के लाहपुर वन क्षेत्र में पहुंची और इसके बाद वन विभाग की टीम ने बाघ की ट्रेकिंग शुरू की । इसके बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को आठ बजे ट्रेस किया और फिर इसके बाद बाघ को ट्रेकुंलाइज किया गया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सकों की टीम ने बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया और करीब नौ बजे के आसपास वन विभाग की ओर से बाघ को सड़क मार्ग से कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया गया। वन विभाग का यह है उद्देश्य वन अधिकारियों ने बताया कि नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथोरियटी(एनटीसीए) की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के तहत बाघ की रणथम्भौर से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफि्टंग का उद्देश्य प्रदेश में बाघों में जीन पूल में बदलाव लाना और जैव विविधता को बरकरार रखना है। यह है टी -2408 का इतिहास वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघ टी -2408 रणथम्भौर की खण्डार रेंज में 2022 में हुआ था। यह बाघ बाघिन टी-93 की संतान है और इसकी उम्र करीब साढ़े तीन साल के आसपास है। ये रहे मौजूद ऑपरेशन के दौरान रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ एसपी सिंह, उपवन संरक्षक मानस सिंह, संजीव शर्मा, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. सीपी मीणा और एनटीसीए के प्रतिनिधि मौजूद थे। गौरतलब है कि एनटीसीए की ओर से रणथम्भौर से एक बाघ को कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की अनुमति पूर्व में ही जारी की जा चुकी थी। इनका कहना है... एनटीसीए के निर्देश में रणथम्भौर के लाहपुर वन क्षेत्र से बाघ टी-2408 को ट्रेकुंजाइज कर शुक्रवार सुबह मुकुंदरा शिफ्ट किया गया है। बाघ पूरी तरह से स्वस्थ्य है। मानस सिंह, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर। राज्य में बाघ संरक्षण एवं प्रबंधन के तहत एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रणथंभौर टाइगर रिज़र्व Ranthambhore Tiger Reserve से नर बाघ टी-2408 का सफलतापूर्वक स्थानांतरण मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व Mukundra Hills Tiger Reserve के लिए किया | यह कार्रवाई आज प्रातः रणथंभौर टाइगर रिज़र्व के लाहपुर क्षेत्र में की गई, जहाँ बाघ टी-2408 को सुरक्षित रूप से ट्रैंक्विलाइज़ (बेहोश) किया गया। समस्त प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) एवं पशु कल्याण के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए संपन्न की गई। स्थानांतरण का उद्देश्य रणथंभौर पर बाघों के बढ़ते दबाव को कम करना, नए क्षेत्र में बाघ आबादी को सुदृढ़ करना तथा आनुवंशिक विविधता बनाए रखना है। बाघ के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जा रही है और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में छोड़ने के उपरांत भी उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। वन विभाग, पशु चिकित्सकों, ट्रैंक्विलाइज़ेशन टीम तथा लॉजिस्टिक स्टाफ के समन्वित प्रयासों से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया।ी

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