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Transcript
00:00ुश्किल दिन भी आये लेकिन फर्क ना आया यारी में
00:04हमने पूरी जान लगाई उसकी ताबेदारी में
00:08मीठे मीठे होंट हिलाए कड़वी कड़वी बातें की
00:12कीकर और गुलाब लगाया उसने एक क्यारी में
00:16जाने अब वो किसके साथ निकलता होगा रातों में
00:20जाने कौन लगाता होगा दो गिंटे तैयारी में
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