अमेरिका ने 50% से बढ़कर भारत पर 500% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों में नई चिंगारी पैदा हो गई है। ट्रंप की यह कड़ी चाल भारत की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति पर बड़ा दबाव डाल रही है। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्थिति में क्या कदम उठाएंगे? क्या भारत डिप्लोमेसी के जरिए जवाब देगा या कड़ा पलटवार करेगा? इस वीडियो में जानिए ट्रंप के टैरिफ की पूरी स्थिति, भारत पर इसके संभावित आर्थिक असर और मोदी सरकार की रणनीति पर एक्सपर्ट का विश्लेषण।
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~HT.410~ED.276~
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00:00बड़ा आर्थिक जटका टरंप भारत पर लगाएंगे 500 फिजदी टैरिफ जी हाँ नई दिली और वाशिंग्टन डी सी में कुछ इस तरह की चर्चाएं इस वक्त खूब हो रही है और इन चर्चाओं की वज़ा बना है अमेरिकी संसद में पेश होने वाला एक बिल जिसे ट
00:30देश हैं भारत चीन ब्राजील और भी कई सारे देश तो अगर भारत पर 500 फिजदी टैरिफ लगेगा तो भारती सरकार नरनमोदी सरकार क्या करेगी क्या हम ऐसे ही टरंप की मनमर जी सहते जाएंगे या कुछ काउंटर टैरिफ लगाएंगे या अपनी तरप से कोई जवा
01:00कर रहे हैं वो विदेश मामलों के जानकार हैं इसके साथ ही दो खास महमान और हमारे साथ जूड़ रहे हैं उनका भी परचे आप से करवा देता हूं हमारे साथ एक के सिवाजी जूड़ रहे हैं और इसके साथ ही हमारे साथ यूके देवनाद जी जूड़ रहे हैं वो भी
01:30पोजिशन में ही रहेंगे हमेशा यही करते रहेंगे या फिर कोई कड़ा कदम उठाएंगे देखिए भारत के उपर अगर ट्रंप 50% टरिफ लगाते हैं तो जाहिर है कम से कम डिप्लोमाटिक चैनल पर अगर सामने से नहीं तो पीछे बैक डूर से तो हमें अमरीका से पू�
02:00पी युरानियम वो भी एक एनर्जी का ही सोर्स है अमरीका कुद्बी युरानियम का सबसे ज़्यादा आयात करता है रशिया से तो शायद हम एक सवाल बैक डूर से तो पूछी सकते हैं क्या हम ऐसा सवाल पूछके अमरीका को नाराज करेंगे
02:17आस वाल पुछने का तरीका जो है वो ठोड़ा डिप्लॉमेटिक होना होगा ये नहीं है कि हम अमरीका को चैलेंज करेंगे इसा वाल पुछ कर हम अमरीका को ऐसा सवाल पुछ कर ये कहेंगे कि आप किरप multiplamyat दुनिया के सारे दिशें उस ही पर एक जैसा नियम लगाई एक ज
02:47पारी बात भी हुई थी कि ट्रॉम्प का जो रवईया है इन दिनों भारत को लेकर काफी बदला हुआ है वो एक के बाद एक तरीके से कहीं न कहीं वो इंसल्ट फील कराने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत को महसूस हो कि हम आपको दबा कर रखना चाहते हैं ऐसे में क्या डिप
03:17खासों से एनर्जी के मामले पर हमेशा येन के प्रकारेंड एनर्जी रिक्वार्मेंट मीट करता है ऐसा भी समय था कि जब अमेरिका एक तरफ डेमोक्रेटिक देशों से कच्चा तेल आयात करता था और उसी वक्त वो किसी तानाशहा या डिक्टेटरशिप देश से भी य
03:47नहीं जालू हो गई है तो अमेरिका में कच्चा तेल की जो मारा मारी थी वो थोड़ी कम हो गई है लेकिन लेकिन ये याद रखना पड़ेगा कि अमेरिका इस तरह के दवाब भारत के उपर या चीन के उपर क्यों डाल रहा है अमेरिका भारत यह सतरह का दवाब डाल रहा
04:17भार है वो कैसे हम तोड़ सकते हैं क्योंकि रूस के साथ हमारा एक आजादी के बाद से एक खास रिष्टा रहा है अमरीका को शायद बताने की जरूत है कि पचास साथ सतर के दशक में जब पाकिस्तान ने सीटो जोइन किया सेंटो ने जोइन किया हम नौन अलाइन मुव्मे
04:47वही एक्वेशन कमोबेश आज भी चालू रहता है वैसे मैं एक सेंटेंस बोर के खतम करूंगा कि हमें फिलाल ट्रम्प के इस तरकश का जो तीर है इसका जवाब देना चाहिए क्योंकि ऐसा नहों कि कल हम रूस से हतियार मंगाना शुरू करते हैं कि कल हम रूस से टैंक, �
05:17करीद रही हो, काट सा लगा देंगे, क्योंकि तो, सर मैं थोड़ा सा आपको इंटरप्ट करना चाह रहा हूँ, महफिश आओंगा, सिवात सर से एक मेरा सवाल है कि सर जो ट्रम्प कर रहे हैं, वो यूक्रेन के नाम पर कर रहे हैं, कि यूक्रेन में जो मशिनिरी लगी हु
05:47हर देश को अपना नेशनल इंटरेस्ट दिखता है, अगर आप ये देखें कि जो भारत और या चीन या ब्राजिल जो तेल लेता है चीन से, अभी तक उस पर काट सा नहीं लगा हूँ है, काउंटरिंग अमेरिका सर्डवाश्री थू सेंक्शन आक्ट, इन चीजों को समझ
06:17लगाई नहीं सकता था अमेरिका, और क्योंके योरप जो था उसके उपर डिपेंडन था, उसको टाइम लगेगा, अभी धीरे धीरे वहां से निकल लाया कि जितने भी आपकी पाइपलाइन थी डिरेक्ट वो भी अब इन इफेक्टिव हो गए हैं, आप ज्यादा तर गैस
06:47नैशनल इंटरेस्ट देख रहें, बिल्कु ठीक है रहे हैं, मगर उसको ये समझे हैं, कैसे हमने वक्त का फादा उठाया है, हम एक परसंट लेते थे, और चीन पंदरा परसंट लेता था, और तरकी को चार पान परसंट लेता था, तो जब दो जार बाइस के बाद ये ल�
07:17कोड़ करता है, अब उसको पता है कि हतियार तो वो बेत नहीं पाएगा, क्यों वो खुद लड़ाई में वोल है, उसको अपना लड़ाई के लिए हतियार तीन तीन गुड़ा ज़्यादा बनाने है, तीन शिफ्ट में काम है, तो वो अपना एकॉनमी अगर उसकी गिड़ �
07:47परसंट होगे, चीन पन्दरा परसंट से सोला परसंट ही हुआ, चीन तो पहले भी खरीता था बहुत ज़्यादा ओयल वहाँ से, और तर्की चार से साथ परसंट होगे, और हम इसलिए खरीता है को कि वो फिफ्टी परसंट डिसकांटि डे रहा था, रुपी रूबल से दे
08:17ले रहा था, तो अभी तक वो इंडिरेक्ट प्रेशर डालता जा रहा था, और रही, इंडिरेक्ट प्रेशर कैसे, वो टैरिफ उसने फिफ्टी परसंट लग कर दिया, वो भी एक चैलेंज है कोट में, अब बात ये है कि लड़ाई, रश्या, यूक्रेन की अगर वो रु
08:47तो अब वो कह रहे हैं, पांसो जो परसंट जो टारिफ लगाएंगे, उसका इंपेक्ट क्या होगा, ये देखना चीए, उसका इंपेक्ट भारत में कोश नहीं होगा, वो क्यों नहीं होगा, पचास परसंट जो टारिफ लगाया है, यही भारत के लिए बहुत रुक्सान,
09:17परसंट टैरिफ लगा दिया तो हमारा जो फटी जो हमारे टेक्सटाइल है जूम है जैविल्री है उसके बाद आपका टेक्स यह लैदर गूर्द है ओटो पार्स है यह अब नॉन
09:29कंपिटिज्व होगे क्योंकि पॉचास परसंट एक्स्ट्रा दे के तो कोई भी नहीं खरjदेगा पैसा तो हम दे नहीं रहे पैसा तो वैसे मोल से जो हम ओब..., और इस
09:50है इसी लिए हम अभी तक खरिदे गए इसके बावजूद हमारे उपर पचास परसंट टारिफ लग गया अगर वो पचास परसंट से पांसो परसंट करेंगे तो ग्राउंड पर सिच्वेशन तो चेंज होने वाली नहीं ना पचास परसंट पर कोई खरीदेगा ना पांसो प
10:20साथ एक परकार से समझोता करना है उसके अंदर गोल पोस्ट चेंग करता जा रहा रूज तो वो एक है अमेरिका की ज्यूस पर प्रेशर भारत पे प्रेशर पड़ेगा कितना पड़ेगा वो समय बताएगा मगर हमारे को एक्सपोर्ट में खास वरक नहीं हमारा एक्सपोर
10:50वो लेता क्रिटिकल मिनल्स क्रिटिकल मिनल्स जो है आपके नुकलर इंस्टोलेंट्शनल में चाहिए आपकी एवी में चाहिए 85% वर्ल्ड का जो एक परकार से क्रिटिकल मिनल्स है वो चीन करता है तो अमेरिका उस पर डिपेंडेंट है अगर उसके ओपर ज्यादा लगा
11:20पूरे वर्ड में हैं, हमें सोमhथ के चलना पड़ेगा हम क्या चाखते हैं, क्या हम अमेरिका को
11:29एक सवाल मेरा पंकत सर्थ से वह हैं एक नहीं मेरे दो सवाल हैं पंकत ससर्थ आप से he'll
11:34पहला ये कि क्या वाकिए में ये वोटिंग हो सकती है इस बिल को लाकर पास कराया जा सकता है कितनी संभावना है इसकी अब पहले इसका जवाब दीजे फिर दूसरा सवाल आपसे पूछूँगा
11:46अब ही ज़रूर अपने इनिशल फॉर्म में है लेकिन जिस तरह कर इसको समर्थर मिल रहा है और जो एक बॉड़ी लैंग्डिज है कहीं ने कहीं भारत को दरकिनार करना या फिर इंडियन इंट्रेस्ट को किसी ने कित तरह से छोट पहुंचाना अभी एक तरीके से मुझे ल
12:16इसमें रुश्या का एक और टैंकर पकड़ा जाता है उसमें तेल था या नहीं था इससे कुछ खास लेना देना नहीं है लेकिन रूस को इससे काफी पहुंचे हैं काफी जानने की कोशिश कर रहा हूं कि ट्रंप ने जब से भारत विरोधी पॉलिसी अपनाई है जब से व
12:46सांसदों ने ये कहा है कि आप जो कर रहे हैं भारत के खिलाफ ये ठीक नहीं है हमारे रिष्टे बिगड़ेंगे और इसका अफर एक लंबे टाइम तक पड़ेगा ऐसे में क्या अगर वो बिल लाते हैं तो क्या ये बिल पास हो सकता है जो ये बिल है
13:01तो इस पर भी काफी कटाच भी किया जा रहा है
13:30और साथ ही साथ ये हमें मनशा समझने की जरूत होगी कि ट्रम्प करना क्या चाह रहे हैं यहां पर किसी के कंदे पर बंदूप रखकर किसी को निशाना बनाया जा रहा है
13:39उसी लिहाँ से मैं कह रहा था कि जो ये ओयल टैंकर भी पकड़ा गया है ये रूस को जिस तरह से कट घरे में डाला गया है
13:46उससे कही न कहीं ये messaging है पूरे global world order को कि आप अगर अमेरकी मनशा के खिलाफ जाएंगा
13:54और ट्रम्प देखिया भी रहने वाले he is going to stay there
13:58गाहे बगाहे जैसे तैसे वो इस bill को या तो पास कराएंगे या इसके ripple effect को भी कहीं न कहीं हमारे against ही इस्तमाल किया जाएगा
14:06तो ये जो oil की जो पूरी की पूरी diplomacy चल रही है मैं कहूंगा diplomacy में नहीं है ये एक high handed approach है उसको लेकर अमेरका अब पीछे हटने वाला नहीं है
14:17they have already bitten more than they can chew और रूस को छेड़ना, bricks पर इस तरह से हमला करना, भारत पर बार-बार tariff की बात करना
14:26ये कहीं ने कहीं दिखाता है कि भारत को लेकर जो approach बन चुकी है अमेरिका की वो अभी बहुत favorable नहीं है
14:33अभी कुछ बैठे के भी होने वाले थी जिसको cancel भी कर दिया गया है, पांसो प्रतिशा टैरिफ की बात की जा रही है
14:39ये विंसिकल हो सकता है, लेकिन अभी मुझे लगता है कि भारत को तटस्त बने रहना चाहिए, अपने strengths पर खेलना चाहिए
14:49और इस debate में बहुत जादा शामीन होने की अभी जरूरत नहीं है
14:53पंकर जी मेरा भी एक सवाल है आपसे, जैसे कि भी सिवाद सर बता रहे थे कि अपनी जरूरत की हिसाब से हर देश खरिदारी करता है रूस से, यूरोप भी बहुत सारी चीज़े अपनी जरूरत की हिसाब से खरिदता रहता है
15:04लेकिन तो क्या अमेरिका ऐसा वो नैतिक सिती में है
15:09कि वो हमें कह सके कि नहीं आप मत खरीदो
15:11तो इसका वो दोहरा मांदन नहीं सामने आता
15:13बिल्कुल आता है देखें ये डिबेट और इसका एक काउंटर पॉइंट
15:17सबसे पहला काउंटर पॉइंट यही था
15:20और जब डॉनर्ड ट्रॉम है सत्ता में
15:22तो मुझे नगता है नैतिकता की बात हमें थोड़ी समहल करने चाहिए
15:25क्योंकि वो खुद भी एक बिजनसमेन है
15:28विश्व के सबसे पार्टफुल देश के वो नेता भी है
15:32लीडर है और भारत को अगर उनका कोर्स करेक्ट करना चाहते हैं
15:38तो बिल्कुल सही बात है कि कई यूरूपिय देश भी
15:41इन फैक्ट अमेरिका के भी कई ऐसे डील्स है रशा के साथ
15:45जो उनसे अभी तक डील करता आ रहा है
15:47तो इसमें कोई दोराए नहीं है कि अमेरिका को इसका कोई अधिकार नहीं है
15:52बड़ पॉइंट इस अगर ऐसा हो रहा है तो इंडिया के पास क्या ऑप्शन्स है
15:56इंडिया ने 2021 में जब ये उक्रेणी यूर्ट शुरू हुआ जो सप्लाई चेन इंबैलन्स हुआ
16:01उसके बाद से रूस से तियल लेने की उन्होंने शुरूआत की इतनी बड़ी पॉपुलेशन है
16:06एनरजी कंजम्शन हमारी हाई है हमें डेली नीट के लिए एनरजी की ज़रूत है
16:10तो उसको ध्यार में रहते हुए भारत ने एक कदम उठाया
16:13अमेरिका को ये चहिए था उस समय कि वो एक भले ही ट्रांस्पेरेंट तोर पर
16:20लेकिन वो भारत की नीट को समझता ये किसी तरह से सामरिक इस्तमाल के लिए ये चीज़ने नहीं थी
16:26और नहीं ये मनशाथी कि हम इसके द्वारा रूस की मदद करें ताकि वो उक्रेन से लाई कर सेके जिसकी मदद कर रहा है अमेरिका
16:33तो मुझे नहीं लगता है कि moral grounds का यहां कुछ खेल है
16:37simply एक targeted approach है अमेरिका का जो भारत को अभी जहलना पड़ रहा है
16:42मुझे लगता है डॉनलर्ड ट्रॉम्प को अगर कुछ फाइदा नजर आता है reciprocal तरीकों में
16:46तभी जाकर ये मामला थमेगा
16:48otherwise वो तो बड़ी खुश हो जाते हैं कभी कोई कहते हैं कि अमेरिक भारत दे तेल लेना बंद भी कर दिया है
16:55एक सवल मेरा यहाँ पर सिवाज सर से है कि सर हमने ट्रॉम्प के दवाओ में आकर रूस से तेल खरीदना कम किया है
17:03जब शुरुआत में हम जितना खरीद रहे थे 42% उससे हम काफी नीचे आ गए हैं बहुत सारी डील्स हमने रोक दी हैं रूस के साथ में
17:11अब ट्रॉम्प और ज्यादा माहौल बना रहे हैं और ज्यादा दबाव भारत के उपर डाल रहे हैं
17:16तो क्या ऐसे में हम ट्रॉम्प का एगो साधने के चक्कर में रूस को खो देंगे
17:22या इसका आल्टरनेट क्या है भारत के पास इस वक्त में
17:29आपको वक्त के तगाजे के साथ चलना है आपको अमेरिका की भी जूरत है रूस की भी जूरत है आप ऐसे नहीं कह सकते हां अमेरिका को छोड़ते के रूस के साथ ही रहेंगे क्योंकि आप यह समझें कि भाई आपका सब्पर्स ट्रेड कि देश के साथ है आपका एक सो बतीस
17:59करीम करीब 120 डॉल वो हमारा को एक्सपॉर्ट करता है ऐं आप लेते है रूस से 72 ध्री बिलिए 125 बिलिए डॉलर वो हमको एक्सपॉर्ट करता है तो आपके लिए बहुत बड़ी sécurδ judge अफका एकst अमेरिका में जा रहा था है ये सचाहिया है
18:06डॉलर वो हमको एक्सपोर्ट करता है तो आपके लिए एक बहुत बड़ी मार्किट थी
18:10चोदा परसंट आपका एक्सपोर्ट अमेरिका में जा रहा था हाँ यह सचाई है
18:14आपके पास आपको इनर्जी के लिए बहुत डिसकाउंटिर रेट पे रूस
18:18आपको ओयल दे रहा था आपने इसना फादा उठा है नेक्सरा इंट्रेस्ट बोलता है
18:23कि आपको करना चाहिए यह ठीक है अगर बहुत ही अच्छा ओयल था तो आप लड़ाई से पहले एक परसंट ही ले रहे थे
18:29क्यों हमने लिया क्योंकि अभी बहुत ज़्यादा डिसकाउंट लिता अब बात यह है अमेरिका क्या चाहता है यह आपको समझ ना पड़ेगा हमें बॉटम लाइन है हमें अमेरिका की भी जूरत है रूस की भी जूरत है हम अमेरिका के साथ अगर अच्छे रिलेशन नहीं
18:59ना स्टार्ट करें जादा ये भारत जानता है कि इसको करना पड़ेगा क्योंकि हमें उनके साथ दोस्ती करने हमने फ्री ट्रेड एग्रिमेंट साइन करना है वो कौन कौन से अथियार आने वाले हैं अभी सर लेकिन लेकिन इतनी दूर से अगर हम तेल खरीदेंगे तो क्या �
19:29रेज किया इसमें है पर हमने कुछ ऑईल लेना स्टार्ट कर दिया है और वो ऑईल जो है उसका इंशूरंस मगरा फ्री है बात में दम है मैं कुछ तीन चीज़े और बता रहा हूं आप कि इसको समझे हम जो हथियार जैवलिन एंटी टैंक MS60R सीकिंग और उसके बाद MQ9 �
19:59क्योंकि अगर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन नहीं होगा तो यह भारत के लिए अच्छा नहीं है आपने एक वड़ा अच्छा क्वेश्चन पूछा था भारत और अमेरिका एक स्ट्रेजिक पार्टर हमने चार बेसिक एग्रीमेंट साइन किये हैं तीन बेसिक एग्र
20:29तर रियल टाइम इंटेलिजन्स भी दे सकता है हम दूसरे पोर्ट का इस्तमाल भी कर सकते हैं यह जो सैटलाइट से रियल टाइम इंटेलिजन्स हमी अमेरिका ही दे रख तो हम नहीं चाहेंगे कि अमेरिका की साथ रिलेशन खराब हो मगर हम यह भी नहीं चाहेंगे कि र�
20:59को धान से ले के चलें कि हम एसा कुछ नहीं करें जिसमे अमरिका बहुत ज्यादा आप से नराज हो और आशा भी कुछ
21:07नहीं करें कि जिसे हम रूस से ऊउल लेना बिल्कुल बंग जासे हैं जी जी
21:11जी जी सर में थोड़ा सा इंटरप्ट करना चाहूंगा लाली साहिनी जी हमारे साथ जुड़ गए है एकॉनमिस्ट है सर बहुत-बहुत स्वागत है आपका वाल इंडिया के साथ
21:20नमस्कार वैबव जी जी आ रही है सर पहला सवाल आपसे ये है कि अगर ये पांसो प्रतिशात टैरिफ का बिल अगर पास हो जाता है तो भारतिय बाजारों पर इसका क्या असर होगा
21:33वैबव जी सरसे पहली बात तो ये है कि ट्रम्प साब को समझना मुश्किली नहीं नामुम्किन है क्योंकि ये वो जो कर रहे हैं उसमें वो अपना भी नुक्सान कर सकते हैं क्योंकि वो खुद भी रॉशिया से यूरेनियूम लेते हैं
21:51सर ये ये ये ये ये ये डिफेंस वाला पार्ट जो है डिफेंस एक्सपर्ट हमें बता चुके हैं मैं ये जानना चाहरा हूँ कि भारत में क्या-क्या महंगा हो सकता है शेहर मार्केट का क्या हाल होगा क्या-क्या महंगा होगा क्या-क्या सस्ता होगा या क्या क्या चीज़
22:21अब प्रॉब्लम ये है कि इसमें सबसे बड़ा जो इंपेक्त होगा वो हमारा तो होगा युनाइटेस का भी होगा हमारा तो एक ट्रेडिंग
22:32प्रावलम इसमें यह होगी कि इसमें हमारी डालर की प्राइस वरसे रुपी भी एफेक्ट होती है
22:43और सबसे बड़ी चीज है हमारी एनरजी रिक्वार्मन्ट अब डानल्ड ट्रम्प साब को यह चीज समझ नहीं आ पाती है
22:50समझने की वो समझना नहीं चाहते है वो अर्दू का एक बहुत बड़ी है शेयर है कि ना समझ लोगी बड़े स्यान है तिर्क अपने मतलब की बात माने है
22:58तो उन्होंने क्या किए कि उन्होंने सारी दुनिया को हिला डाला क्योंकि वो सियासतदान नहीं है
23:03और उसे उन्होंने अपने एलाइस को भी हिला डाला
23:07कभी वो कहते हैं कि हम रश्या को बुलाते हैं और रेड कापेट ट्रीटमेंट देते हैं
23:12उन्हें अपने प्लेंस के साथ स्कॉर्ट भी करवाते हैं फिर वो जलेंस्की को भी बुलाते हैं उसे इसकी बेकदरी भी करते हैं और फिर उसको दुबारा से बुला लेते हैं तो इसको भी कहना है बहुत मुश्किल है कि इसको अभी हाउस में जाके पास भी होना है डॉनल्
23:42अपने दर्शकों को बता देते हैं अभी अमेरिकी संसद में इस बिल को लेकर क्या इस्तती हो सकती है
23:59देखिए यह जो बिल है वो दो दल मिलकर इसको लेकर आ रहे हैं और अमेरिका के जो सबसे बड़े दल है
24:08रिपब्लिकर पार्टी और देमोक्रिटिक पार्टी उनके संसदों को दोरा लाया गया बिल है
24:12और कहा जा रहा है कि करीब 80% संसदों का इसको समर्थन है यानि ये बिल पास होने की संभावना इसकी कुछ जादन अजर आ रही है सिधार जी
24:20जी साइनी सर के पास जाओं उसके पहले मैं ग्रूप कैप्टन देवनाथ साब के पास जाना जाओंगा सर
24:26जैसे ही ये खबर आई और जैसे ही आया कि कॉंग्रेस या कई सारे संसदों ने इस पर असहमती जता ही है
24:34ये भी का जा रहा है कि एक इंपीश्मेंट का भी सामना डोनाल्ड ट्रम्प कर सकते हाने वाले दिनों में क्या इसकी संभावना है ये या फिर ये खाली हवा हवाई बात हैं
24:43देखिए पांसो परतिशा जो टैरिफ की बात हो रही है इस बिल को शायद पास होने में कोई ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी
24:53सेनेट में सौ में से एक्यासी मेंबर्स इसका सपोर्ट कर रहे हैं इस तरह से हाउस आफ रिप्रेजिटिटिटिव में एक सो एक्यावन से ज़्यादा रिप्रेजिटिटिटिटिव इसका सपोर्ट कर रहे हैं बात ये है कि इसके पास होने के बाद क्या होगा जाहिर बात
25:23अमरीका को जो फिलहाल 50% टेरिफ के साथ समझे 150 रुपए में एक्सपोर्ट कर रहे थे तो अब भविश्य में आस्ते आसा महोल आ सकता है कि 100 रुपए का जो एक्सपोर्ट है वो 150 रुपए में 400 रुपए में हमाई एक्सपोर्ट करना पड़ेगा अमरीका को
25:41तो दवाईयां हैं जेम्स एंट जोलरीज हैं इंजिनरिंग का समान है टेक्स्टाइल सबसे ज़्यादा है पेट्रोलियम प्रड़ेट भी है और टेलीकॉम इंस्टूमेंट्स भी है तो इससे नुकसान क्या भारत के एक्सपोर्ट को होगा जाहिर बात है कि भारत का एक्सप
26:11है तो इससे एक तो हमारे उद्दमियों को थोड़ा नुकसान हो सकता है तो हमें बहुत जल्दी हमारे एक्सपोर्ट के लिए ऑल्टरनेट मार्केट ढूंडने पड़ेंगे ठीक है हमारा अगर वह अमरीका नहीं जा रहा है तो लेटेन अमरीका के दिशों में जाएगा अ
26:41प्रायात हो रही है उस पे भी एक इसी तरह से 50 परतिशत या 100 परतिशत टैरिफ लगाएं अगर अमरीका से भारत में कोई समान आ रहा है तो बहुत ही डिक्कत पड़ जाएगी अब भारत जो है अमरीका से खास तरह के स्पेशलिस्ट मिनरल फ्यूल मंगाता है मिशिनरी इ
27:11सपेर पार्ट अमरीका से मंगाते हैं एर काफ के सब्यादा हम अमरीका से मगाते हैं करनेगे हैं तो होगा है अगर भेरत में इंप्रोर्ट होने वाली चीज़ों
27:22पर अमरीका से टीरेफ लगना शुरू करम कर देएँ
27:25से काउंटर कि हम भी 50% टरीम लगाएंगे तो भरत के उद्दिमियों को थोड़ा दिक्कत का सामना करना पड़ेगा तो फिलाल तरीका क्या है तरीका ये है कि बातचीत और बातचीत और ज्यादा बातचीत हम अगर उनके उपर दवाव डालने की कोशिश करेंगे तो बैक फा
27:55पर प्रिस्वारता करते हैं उस दौरान कहा था कि अब भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंद और उन्चाही पर पहुचेंगे और शायद उन्होंने कुछ एक आपड़ा भी दिया था 500 बिलियन डॉलर ये कुछ ऐसा कि वहां तक पहुच सकता है उनका क्या होगा क्योंकि
28:25लेकिन वो सब कोश्चन हमारी सफल नहीं हो पा रही देखिए ये जो अभी जो ट्रंप का दवाव है 50 परतिश्य टरीफ या 500 परतिश्य टरीफ ये हमेशा हमेशा के लिए तो होगा नहीं जाहिर बात है कि इस तरह का दवाव अमरिका की तरफ से तब तक ज्यादा आएगा
28:55अमरिका कहता कि उसी के पैसे से रूस लड़ाई कर रहा है असल में हुआ क्या है मतलब हमें अमरिका को समझाना पड़ेगा यह समझाना पड़ेगा कि भारत तो कच्छे तेल की पेमेंट रुपी टर्म्स में कर रहा है वो रुपया रुपया रुपया रुपया रुपया �
29:25नहीं तो हमारा जो रुपया है वो रशियन बैंक में पढ़ा है वो हम इंडिया का जो रुपया रशिया के बैंक में पढ़ा हुआ है यह तेल के बदोलब उसको तो चीन भी नहीं ले रहा है तो रूस क्या करता है उस रुपय को वापस भारत को दे कर रूस को दूसरी जरू
29:55सर पाथ सो बिलियन डॉलर का वादा तो हम कराए थे जब प्रधान मत्री जी का लास्ट दौरा था अमेरिका का उसमें
30:04क्या ये वादा करके हम बुरी तरह फस गए हैं क्योंकि अब उस वादे को पूरा करने का दबाओ भारत की उपर बारनाया जा रहा है
30:10अगर ये वादा पूरा होता है तो भारत को क्या नुक्सान या क्या फाइदा हो सकता है
30:14दबशकार वैबव आपको मेरे से पैनलिस को और निउस इंडिया 24-7 के सभी दर्शकों को
30:23मैंने कल सुबह एक हवन प्लाइन किया है वैबभ और हवन का नाम रखा है में सेंस प्रिवेल और ट्रम पांच ब्रामणों को बुलाया है बैठके हवन करेंगे
30:32कुछ-कुछ उनकी सदबुद्धी आए और जो भी निरने वो ले रहे हैं ग्रीन लैंड का हो क्यूबा का हो कॉलंबिया का हो ठीक है मेकसिका का हो 500% टैरिस का हो 66 और गिनाइजेशन में से अपना नाम एकदम से निकाल लेने का हो जो जो निरने वो ले रहे हैं कि काश उस
31:02आपकी बात के आगे और जोड़ देता हूं कि हम 40 देशों से हमारे एक्सपोर्टर्स ने संपर्क स्तापित किया है और साउथ इस्ट एशिया है मिडल इस्ट है अफ्रिका है लाटिन अमेरिका है और यूरेशिया है इन देशों से हमें अल्रडी ओर्रस मिलने शुरू हो ग
31:32रहे हैं डॉलर का बेडा गरग होना लगबग तैय है क्योंकि अमेरिका को वह आइसोलेट कर रहे हैं अमेरिका को वह बिल्कुल अलग थलग कर रहे हैं मल्टी लेटरिजम छोड़िये बाइलेटरिजम छोड़िये वह मोनोलेटरिजम के मैं जो कहूंगा वो होगा मैं जो क
32:02है कि लोगों का ध्यान उदर आ जाए क्योंकि अगर उन्होंने यहां तक कह दिया
32:06है कि अगर मैं अगर इस समय में बिट टम इलेक्शन हार गया तो मुझे
32:09इंपीच कर दिया जाएगा मैं Constitution बदल के रख दूँगा ना जाने क्या-क्या
32:13उनके पिटारे से निकल के आ रहे मैंने न वैभव एक अर्थशास्री हूँ मैंने एक TMI बनाई है
32:19आपको एरानी होगी क्या होती है उसका नाम है Trump Mood Index क्योंकि ECG से भी जाना वो उपर नीचे उपर नीचे चलती है
32:25यह नई Index मैंने बनाई है इसकी बकाइदा हम लोग plotting करते है रोज कि आज यह ECG कहां पर चल रहा है
32:31तो इनकी मुझे लग रहा है बेतर रहेगा हम इनकी बात करना बन कर दे भारत को कोई चिंटा नहीं है भारत भारत आगे बढ़ रहा है हमारी 7.4% की advance estimates आए है
32:41हमारा export almost जियोकातियों है थोड़ा बहुत फरक पड़ा है
32:45over a period of time वो भी हड़ जागा भारत सरकार ने exporters के लिए credit निकाल दिया है
32:50भारत सरकार ने exporters को और orders लेने के लिए एक पूरा package बनाया है
32:54रम साफ 500% चोर 5000% ले जाए एक गाव में कहावत होती है वैबम
32:59अगली बार 5000 लगा दो कोई फरक नहीं पड़ने वाला है भारत अपनी चला उनका दिल जल रहा है
33:08कि यह सपेरों का देश कैसे 7.4% पे ग्रो कर रहा है उनकी अपना अपना देश जो है न वो
33:15recession में है inflation सब गलत numbers बताए जा रहे है मीडिया को
33:19inflation के numbers गलत है महां से वाल स्ट्रीट को artificially को हमें कोई आर्टिक
33:25नुकसान नहीं होगा जैसा कि आप कह रहे हैं टैरिफ के बढ़ने से होगा
33:29temporarily होगा मैं इंकार नहीं करता हूँ ऐसी बात नहीं है अगर हमारे 40-50 बिलियन डॉलर के
33:34exports impact होते हैं बिल्कुल होगा पर temporary होगा अमेरिका को इससे कहीं जादा
33:39नुकसान होगा आप देखते जाएए इप्तिदाए इश्क है रोता है क्या आगे आगे देखिए होता है क्या वैबव
33:46चले चले लाली जी के पास चलते हैं लाली जी आपका क्या मानना है और एक सवाल जो बार बार उठ रहा है कि एक बार दो दो हाथ करी लेते हैं टेरिफ टेरिफ वाला मामला ही है हम भी अपनी अकड थोड़ा दिखा लेते हैं तो उससे हमारा कोई नुकसान होगा
33:59देखिए वेबव जी आपस में हिंदुस्तानी भाई हैं हम कह सकते हैं पर किस चीज़ पर अकड़ दिखाएंगे
34:08देखिए एक बात को समझेए कि वो तीस इत्रियन डालर की महिशद है
34:14और इतना आसान नहीं है क्योंकि मैं दस साल अमरीका में रहा और मैंने काम भी किया है
34:21ठीक है हम ढूंड लेंगे मार्केट पार नी रास पार दूंड लेता है हमारे पास भी जमीर है वो ठीक है
34:27पर जो अमेरिका के पास एक सिस्टेम और और और्गनाइज बाइंग पावर है वो दुनिया में कहीं नहीं है
34:34क्योंकि अमेरिका एक बाइंग पावर किसी के पास नहीं है दुनिया में
34:51इतना फूल्टास खेल रहे हैं तो मैं चाहूंगा लगे हाद फूर्थ बिगेस्ट एकॉनमी की सच्चाई भी बता दीजिए
35:01कि जिसको लेकर काई दावा किया जाता है इसका सच क्या है क्या वाकई में हम फूर्थ बिगेस्ट एकॉनमी है या फिर ये एक आभा मंडल तयार किया जा रहा है
35:11देखिए फॉर्थ बिगेस तो है पर आप देखिए अमरीका है तीस विलियन चैना है तीस विलियन उसके बाद जर्मिनिय हम चार आप गैप देखिए आप दो दो कर तो लेंगे पर ये तो वह इसाब है कि आप थोड़ा से मैं गलत एक्जांपल देने वाला हूं कि सड़क प
35:41हैं उन्होंने सोचा था जैसे कोली साब ने बोला कि सपेरों वाला देश है लेड़ते लुखते आ जागा उन्होंने देखा ये लेड़ना तो छोड़ा ये तो पहस्यों पहुंच गए ये अपनी और पैट बना रहे हैं दुनिया में चीन के साथ या रशिया के साथ तो व
36:11पास विरसे आएंगे सर हम चलते हैं अभी कोली साब के पास उसके बास सिवासर के पास भी चलेंगे कोली साब ये दो दो हात वाली बात हो रही थी अगर हमारे इंदर इतनी सक्षमता नहीं है तो फिर हम कब तक सहते जाएंगी क्योंकि ट्रम्प बात भले ही हो कुए उनको
36:41सबस्क्राइब नहीं है अभी तक अधिक सबस्क्रतिक अपना कारिकाल पूरा ही करता राष्ट्पति
37:09कोली साब बात यह है कि तीन साल का कारेकाल तो भी बचा हुआ है टरंप का तब तक हम ऐसे वह आखे दिखा रहे हैं हमें लेकिन हम अपनी आखे नीचे कले रहें नहीं साब ऐसा क्यों कर रहे हैं घटा जी ना 5 परसंट घटा रहे हैं हमें भी आखे दिखानी पड़ेंगी अ
37:39हमने दर्वाजे खुले रखे हुए हैं गलती वो कर रहे हैं गलती हम नहीं कर रहे हैं तो जब कोई लड़ाई होती है ना वहाँ उस लड़ाई को खतम करने का तरीका क्या होता है एक व्यक्ति चुप हो जा उसको पता है दूसरा गलती कर रहा है उनको आप उनके सपने में
38:09पहले डिसाइड कर लो कौन किस से खुश है किस से नहीं खुश है इस टाइप की confusing statements देके कुछ नहीं उनका बिलकुल सही word हताश बिलकुल सही शब्स इस्तमाल किया है उनको समझ नहीं आ रहा कि अब क्या किया जा है और उनको सीधा election वैवभ दिखाई दे रहे है जिसमें उन
38:39है कि वह सिर्फ मोधी को यह महान नहीं कहते हैं वह से हेलबात भाद सरीफ को माहान कह देते हैं मनीर को भी महान कह देते हैं
38:45ने ने ने एक मिनट ये जो ये जो महान कहने की टोन होती है ना जब जब उन्होंने प्रधान मंतरी मोदी की तारीफ करी है अब आप ध्यान दीजेगा मेरे पास सारा रेकॉर्ड है उसी वक्त कुछ ना कुछ टैरिफ की या कुछ नो कुछ भारत के किलाब इमिग्रेशन की �
39:15मंतरी मोदी is a great man, he's a great leader ये उनका तरीका है के पहले तारीफ करिए उसके बाद पीछे एक पॉईजन की पिल लगा लीजिए ये उनका शुगर कोटेड टारीफ जिसको कहते है और पॉईजन कहते है ये वो तरीका है शाबाज शरीप वो तो वो तो बिर्यानी खाके गए है
39:45बोखला हो चुका है, साड़े 80 trillion dollar का उसके उपर कर्ज है, 30 trillion dollar की economy के उपर अगर साड़े 80 trillion dollar का कर्ज दो मैं उसको कोई बहुत जादा organized buying power भी नहीं मानता हूँ, inflation बुरी हालत है, cost of living बुरी हालत है, investment आने रही है वो investment आ रही है जो gun on the head रख रखटे आ रही है उसके अला�
40:15जो केवल और केवल उधार पे चल रही है लाली जी से मैं शमा मानता हूं ये बात कहते हुए कोली साब एक आखरी सवाल आपसे और है उसके बाद हम सीवा सर के पास चलेंगे काफी देर से उनतिजार कर रहे हैं बाइडन थे तब तक तो सब कुछ चीक था सर लेकिन जनौरी �
40:45पर इतनी नहीं थी अब जब से यहां आए हैं एक मागा का एजेंडा लेकर आए हैं मुझे तो यहां तक पता लगा है कि एक रिपब्लिकन मैनूल बना हुआ था यह नहीं कोई और भी राश्पती आता तो शायद ऐसा ही करता इतना नहीं करता पर कुछ कुछ ऐसा ही करता �
41:15ग्लोबल ब्रैंड्स की बज़े से मेटा है गूगल है अमेजोन है पेपसी है कोका कोला मेकडॉनल्स है आज ये अलू टमाटर की जगा आपको पूरी दुनिया में मिलते हैं इन ब्रैंड्स की बज़े से बना उसी दुनिया की बज़े से अमेरिका अमेरिका बना उसी दु
41:45के साथ तो कई बार उनकी परस्नलाइज करने हैं वो सब भी काम नहीं आरी हमारे लिए उनका रिष्टा केवल चापलूसी से है उनका रिष्टा केवल यस मैंशिप से है उनका रिष्टा केवल और केवल अपने आप से है और ट्राजैक्शनल है पैसा है तो रिष्टा है पैस
42:15अगर वो इसको मार्केट नहीं देख रहे हैं तो पच्टाइए और ट्रम सापके 3 साल और हैं अभी यह तो 3 साल तो कैलेंडर के इसाब से पर उससे पहले अगर कुछ हो जाता है
42:28impeachment बगएरा हो जाता है निकाल दिया जाता है कुछ भी हो जाता है
42:31हाँ उम्र की एक वस्ता में भी पहुच चुके हैं चलिए सिवासर के पास चलते हैं
42:36सर आपको क्या लगता है कि हमें बस ऐसे देखते रहना चाहिए
42:40और नितिक तोर पर चुपचाप काम करते रहना चाहिए हमें अब थोड़ा
42:43aggressive होने की जरूरत है इन सब मामलों को लेकर खास कर टरंप की बयान बाजी को लेकर
42:47वेभव हमें ये देखना है कि अभी तक बार बार आप कहरें कि हम चुप हैं
42:53हम चुप थोड़ी हैं हमने क्या रूस से और लेना खतम किया क्या अरे इतने प्रेस्टर के बाद तो कोई भी घुटने देख देता हमने तो बैयारी से 32 परसेंट वगरा लेते
43:03रहे हैं मेरा मतलब ये इस चीज को तो आप समझे कि प्राइमिस्टर मोदी और ये गौर्वर्मेंट प्रेस्टर में तो नहीं आई अमेरिका के आज तक हम और खरीद रहे हैं कभी 30 कभी 32 कभी 34 हमारे जुरुत का अनुसार तो ये कहना तो मुझे गल्त है कि कहीं न कहीं हम
43:33पचास ज्यादा बार हम उस पर भी उनको रोप नहीं पा रहे हैं आपकी कोई भूंका नहीं थी
43:37देखो आप विभव हर देश अपना इंटरस्ट देखता है वो तो बार बार आठ देशों का कह सके हैं कि बें युद रुका है वो तो अजर्बजान अर्मेनिया का भी कंभोड या थाइलैंड का भी और इसके बाद आप कोंगो का रुवांड़ा का भी और इसराइल का और
44:07भारत के डीजी मोंगे साथ तब ये लड़ाए रुकी इसके अंदर थर्ड पार्टी मीडियेशन ही बारत ने अठाइस बार उसने तो सो बार बोला हमने ये बोल दिया इस बात को हमें आगे नहीं नहीं दाना ची मैं ये कहता हूँ रोड मैप कहा है आप वेब अब इसको म
44:37आएल लो हम ले सकते हैं लेंगे पर हमारे पार वेपन उक्यूप्पंट जो हैं वो ले रहे हैं मैंने जैसे बताः आपको जैवलेन ये टी टेंकर मिसाल की बात हो रही है इसके बाद एमेच सिक्ष्टी आर की ओर ये सीकिंग की उसके बाद आपके एमेच ये जो आपके �
45:07देवनाद साब ने बोलाता है यह पेट्रो डॉलर का नहीं गेम है पेट्रो डेलर अमेरिका चाहता है कि हर कोई जो भी पेट्रोल खरीदे वो डॉलर में खरीदे
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