00:00सर्ज अब आप संसत पहुँच गए हैं शुरुबात इसी से करते हैं एक वकील और आपका ये संसत का सफर अब शुरू हो गया है पहले तो इस सफर के बारे ने बताए कैसा लग रहा आपको दिल्ली और संसत भवन के वीदर कैसा कैसा फील करने हैं देखिए वकीलों में एक �
00:30किस प्रकार अपोजिशन क्या-क्या सवाल ख़़े कर सकते हैं रूलींग पार्टी क्या देते हैं और उसी मुताबिक जो मैंने सोचा था वही कुछ हद तक तो मैंने वही देखा हंगामा शोर शरावा काम देखा अपने हां काम तो देखा हमने तो बहुत काम किया लेकिन हा
01:00कि अच्छ मांग रहती है ठीके पहले तो ऑपरेशन सिंदूर की शुरवात करूंगा त्रकार का एक धोरन था कि ऑपरेशन सिंदूर में बात नहीं होनी चाहिए क्योंकि निग्डिक सुरक्षर उन्होंने मांग कि चलो ऑपरेशन सिंदूर पर बहस हो गई फिर उनका मामला �
01:30अलाके देखें एक बड़ी बात है कि होंगा,
01:32एसायर का जो सब्जेक्ट है, बहुत सेंसिट्यू सब्जेक्ट है,
01:36और जैसे ही एक विपक्षकाइग आरोप था,
01:40कि भई एसायर में क्यों नहीं सरकार क्यों डर रही है,
01:43और मुझे मन में लग रहा था,
01:45कि हाँ, इसमें बहस तो जरूर होनी चाहिए,
01:48क्यों नहीं बहस करना,
01:49देखें, आम आदमी जो कोई अपना मद बनाता है,
01:53और आप जैसे लोग सवाल करते हैं,
01:55आप लोग कहते हैं कि इस यसायर पी चर्चा क्यों नहीं हो रही है,
01:57क्या ड़ लग रहा है क्या आपको,
02:00मैंने ये भी सोचा था,
02:01कि इसे दहस होना ही चाहिए,
02:03और बहस हो गई,
02:05मैं इसलिए हमारे सरकार का तो अभिनंदन जरूर करूँगा,
02:09कि एक राष्टपती का नॉमिनेटेड,
02:11मनोचिंदी एक सभासद होने के कारण,
02:14सरकार ने जो एक broad-mindedness दिखाया था,
02:18कि इसमें बहस होना चाहिए,
02:19बहस दो दीन, तीन, चली,
02:21मैंने भी बहस में participate किया था,
02:24तो मुझे लगता है कि कुछ मामले इसे हैं,
02:28कि जो आरोपी ने उठाए,
02:30आभी,
02:31विपक्षे ने उठाए,
02:33विपक्षे ने उठाए,
02:37तो विपक्षे चाहता था,
02:39कि इसमें बहस नहीं होएंगी,
02:40हम हंगामा करेंगे,
02:41विपक्ष को आरोपी बनाई दिया था,
02:43नहीं, मैंने नहीं बनाए,
02:44अभी मैं कोड़ में से एक दलिल पेश करके आ रहा हूँ,
02:47तो विपक्ष तक तो होता है,
02:49इतना तो मैं बड़ा कुछ शिराज नहीं थी,
02:51नेता नहीं है, वैसा,
02:53अब सर, हम आपके जरीए जरा पीछे जाकना चाहेंगे,
02:56आपके आपने जो वकालत की है,
02:58आपने ऐसे-ऐसे केसिस पिक किये,
03:00या ये केसिस आप तक कैसे पहुँचे,
03:05जिनने कोई शायद चूने से डरे,
03:07या उनकोई मालूम हो कि अगर इन केसिस को में लड़ता हो,
03:10तो इसका एक दूसरा कितना खतरनाक पहलो भी है,
03:14ऐसा बंबई को भी लगा था,
03:15मैं तो जलगाओं यहां से साड़े चार सो किलोमेटर,
03:20वहां प्रेक्टिस करता था,
03:21और जैसे पहले ही 93 के बंबई के बंबलास में मुझे बुलाया गया,
03:26तो मुझे भी ताज्यूब हुआ कि मैं ही क्यूं इस केस में,
03:31क्या, बाकी के लोग डर गे,
03:32क्यों नहीं बाकी के लोग आ रहे,
03:35एक मन में भावना थी,
03:36मुझे बंबई का तो कोई मालूब नहीं था,
03:39और फिर भी मुंबई में आके,
03:41हमने उजवल लिकम क्या चीज है,
03:44यह दिखाए लिया,
03:45आपको डर नहीं लगाता हूँ,
03:46देखे, मेरा हमेशा में के तो मेरा जर्म हनुमान जहिंती का है,
03:51तो डर इस बात का है,
03:53और जो डराने वाले कर रहते हैं,
03:56उनको मैं डराता हूँ,
03:58और बड़े आदब से,
03:59रिस्पेक्टफुली डराता हूँ,
04:00अइसा नहीं यह कि मैं तुमको सजा करने वाला हूँ,
04:03कि गिय करने वाला हूँ,
04:04पर हमेशा कोई भी मुल्जिम हो,
04:06उससे हमेशा दिल खोलकर बात करता हूँ,
04:10और उसका मतलिब यही रहता है,
04:11कि मैं समझ सकता हूँ,
04:12कि उनके इंटर्नल माइन में क्या चल रहा है,
04:15बहुत हो कर सजा अपने दिल आई,
04:17अपराधियों के साथ,
04:19उन आतंकियों के साथ,
04:20आपके सौबवेके होती ही होगे,
04:22किस तरह का माइंड सेट था उनका,
04:25किन आरूप,
04:251993 से पहले शुरुवात करते हैं,
04:27कि नाइन्टी नाइन्टी थी ब्लास कर तो हमारे यहां ही हमने हमने हमारे देश की लोग थे,
04:34उनको मिजगाइड किया गया, फसाया गया,
04:37बावना में आके,
04:39चलो, एक ऐसा दुश्टुट करके बैठे, उनकी उनकी सजा मिल गए,
04:43लेकर उनको भी रिपेंटन्स तो हुआ बाद में, नहीं है, ऐसा नहीं है,
04:47मलाल था हमने है, हाँ, पशा तो हुआ, क्योंकि जो हमने काम किया,
04:52जो बारा जगह, पहली बार हमारे देश में,
04:57RDS का इस्तेमाल किया गया है,
04:58अगरी, दूसरी बात तो यह है कि टाइम पेंसिल डिटोनेटर,
05:03याने बारा जगह जो बांबलास हुए थे,
05:07अट वर न शेम ताइम यह बांबलास हो गए,
05:10यह पुरे देश को मालूम हुआ कि यह क्या है,
05:12बंबई शहर में एक ही साड़े बारा, एक देड़ बजे का टाइम था,
05:18अट वन टाइम, ट्वेल बांबलास्ट है डॉकर्ड,
05:21और कई लोगों की जान चली गए,
05:25तो मेरा मानना जो है,
05:28कि हमारे लोगों को पाकिस्तान के तरफ से,
05:32मिस गाइड किया गया,
05:33जो पाकिस्तान आज कर रहा है,
05:36वो मैं 93 से देख रहा हूँ,
05:38क्या उससे में धंकिया मिल दो जी थी आपको,
05:40देखिए मैं इस बात का कहता नहीं हूँ,
05:42क्योंकि,
05:43क्यों आप तो सब कुछ कहने हैं के लिए जाने जाते हैं,
05:45इससे क्या होगा,
05:46आपको अच्छा लगेगा,
05:52जब इतरे के बाटना होते हैं,
05:54तो सब जानना चाहें कि क्या हुआ,
05:55आपने एक बेख्टी के रूप में क्या-क्या फेस क्या हुसे में,
05:57तो अगर तुम कोई क्रिमिनल,
06:02नोटेड क्रिमिनल,
06:03हार्डन क्रिमिनल के खिलाब ट्राइल चला होगे,
06:07तो आपके तरबो थुड़ी ऐसे देखने वाले हैं,
06:09प्यार से,
06:10वो तो उनकी कोशिश रहेगी,
06:12और एक में तो,
06:13अभी अभी एक, दो-तीन साल पहले यह कहूँगा,
06:17देखें,
06:18अभी घड़ाने के बिजले,
06:19मेरे लड़कें को डर आए था,
06:21उसको फोन किया था,
06:22क्या बात करें,
06:22तो क्या हुआ,
06:24उसको डर गया, पहले तो कि इसा फोन आ गया,
06:27बाहर का उट स्टेशन का फोन है,
06:29उसने मजे फोन किया,
06:31मैं यहां बंबई में नहीं था,
06:48इसका फोन था यह डिटेक्टे और मैंने सोचा कि इस ने क्यों फोन किया इसका क्या संब्द हुआ उसके खिलाब तो मैं ट्राइल नहीं चला रहा था लेकिन यहां का एक बिल्डर
07:00जिसको मैंने सजा करवाई थी और वो बिल्डर उसका काफी नजदिक का आदमी था और वो बिल्डर ने मेरे लड़के का नाम टाइम्स ओफ इंडिया में पढ़ा और उसने कहा कि यह अनिकित निकम उजवल निकम का लड़का है
07:17अब यहों जेल में बंदने हला कि हूँ दूने का
07:26सर आपने बहुत सर अपराथियों को जेल के पीछे पहुचा है अबुसलेब भी उनमें से एक था उसके साथ भी आपकी कॉन्वजिशन काफी चर्चा में रहती है मैं जाना चाहूँगा कि उस समय की कॉन्वजिशन क्या होती थी क्या हुआ था और इतना सब आपने किया व
07:56जो टेररिस रहो या कोई गुनगार रहो तो चबी एक अलग प्रकार की रहती है यह अबुसलेम को लाने के पहले है अबुसलेम हमने देखा है पिक्चर में एक लंबी दाड़ी दिमाख सर पे टूपी दाउद इब्रहें की असली पिक्चर अभी देखी आपने नहीं दे�
08:26नहीं मालू नहीं जिस प्रकार की छभी मैंने अबुसलेम की देखी दिए जब उसको पुर्तुगाल से लगया है तो मैं देखा कि एक हैंसम लड़का और एक हैंसम लड़का इस प्रकार के शातिर गुना करता है और इतना ही नहीं तो एक बॉलीवड की हिरोईन उससे शा�
08:56कि हमारे पुलीस तो लोग हमें हिस्टी देते हैं कि इस गुनेगार की क्या हिस्टी है किस प्रकार का है कहां का है क्या नहीं है तो उसके पढ़ने के बाद मुझे मालूमत हुआ कि उसके पीता जी भी वखिलते हैं लेकिन मैं उसे बात करता था करता था देगे मेरा मानना ह
09:26अच्छा रहता था तो यह ऐसा दिन तेरे पसाते हैं उसमें क्या आपको अच्छा लगा एक डेली एक्जरसाइज करता है और बड़े आदब से रहता है पढ़ा लिखा था पढ़ा लिखा नहीं था लेकिन आदब से रहता था लेकिन आपने उसको सजा देलाए उसने आपको
09:56अभया मैं तुझे बात अच्छे करूंगा सबसे करूंगा लेकिन सजा के बारे में तुझे सजा तो जरूर होने वाले है क्योंकि तुने प्रदीब जेंग का मर्डर किया है अपने हायर असलेंट के साथ से
10:08तो हम देखेंगे कि तुझे सजा के इसी होगी लेकिन जब बात करता था जब मैंने उसके जब उसकी सबूत पेश कोर्ट में किये और सबूत के आधार पर में दलील पेश कर रहा था कि अभू सालेम इस नटूरियस मर्चंट अप डेथ उसको बहुत बुरा लगा मैंने पी�
10:38आधित रहेगा तो अच्छे रहेगा लोग अच्छे बलेंगे तो फिर कुछ दिनों के बाद एक दो साल के बाद मैं बीमार था तो उसने कोर्ट में से मुझे आरजी लेटर भीजा उसने मेरी तारीब की और कहां कि साब आपकी तब्याद अच्छी होनी चाहिए अगर को�
11:08तो उसमें कोई अच्छा ही रहती है यह अच्छा ही यह अच्छा ही फिर बुरे तरफ से कम भी होता है तो तो प्र पखालत कर रहे थे इन तेई सालों में ऐसा सुनने में कि आप मुझे घरी नहीं लिया आप होटल में रहा करते थे क्या है अब बिलकल सच है मैं 93 में में मे
11:38कि हमें मुम्मे में रहना है तो मुम्मे में रहना है तो घर धुनना है अब घर ले लिया अब घर ले लिया अब एक सांसद भी आप है और पीछे मुड़ कर देखें देखते हैं आप तो क्या पाते है अब जब आप सुछतें कि इतने मुश्किल मुश्किल केसिस मैंने हैं
12:08और मैं खुद को खुद नशीव मानता हूं, भगवान के शुक्रिया अदा करता हूं, क्योंकि देखिए, जलगा हूं तो कोई इसा बड़ा शहर नहीं है, मेट्रोड सीटीज नहीं है, फिर भी यहां आने के बात, मैं मेरी आइडेंटिटी कभी भी
12:23अधिए, प्राइडेंटी के शुक्रिया नहीं देता हूं, मैं खासदार करके देता हूं, तिर्फ उजबलने करूं, क्या आपने अपने परिवार को वकालत के दौरान अपने आप से दूर इसलिए रखा या आप खुद मुंबई में इसलिए रहे कि परिवार तक आच ना प
12:53और ना इन्टी थी से ना टूथाओजन थर्टी तर्टी स्टिल आइंप रैक्टिसिंग अफ कोस्ट उस वक्त होटेल में ही रहता था इसलिए कि मैं सेटरेटे संडे चला जाता था जल जाओं और हमारा यहां रहने का मकसद भी नहीं था ना कुछ
13:06सर्ण आपकी काम की बतलत आप एक मात रहसे भारती है प्रैक्टिशन जो वकील वकालत करते हुए जोनको पदमश्री से दोजार सोलह में सम्वानित किया गया जी वो वो अनुभव थोड़ा से बताएं
13:20इस अगें वरी सर्प्राइजिंग आई विर से क्योंकि मैंने कभी उम्मीद भी नहीं थी कि मुझे पदमश्री से नवाजा जाएगा प्राइग्ट पदमश्री और मैं जलगाओं कर पीपल वे रही हैपी इवन आप्टर नॉमिनेटिंग अज मेंबर अपर पारलिमेंट �
13:50अगर अपना काम अच्छी तरह से करो प्रामानिक से करो तो मुझे लगता है कि भगवान सब कुछ देता है भगवान को बहुत याद करते हैं अब जब अपनी वकालत करने के लिए जाते हैं अब सुना कि आप सबसे पहले श्लोक पड़ते हैं ऐसा क्यों श्लोक मैं उसके �
14:20अच्छी बंधियांता कर्या ओना कर्या भवान रासब बहुंब है जुनिए है क्या खत्त्रांपो यहाँ तरह से किनिएस क्वान सम्या है ने समझेहां भ्लइ खञोंडले भखने क़्यवान रासब रोहां नेनकी न प्रकार प्रसिदधाः पुरुषयोत् भवेत इस् ampl य
14:50प्रकार प्रसिद्ध के लिए करता हूँ, इस प्रकार हमाने दोस्त का ये दलील हुआ था, इसके अबने, हम आम तोर पता है कि कोट में बड़ी सीरियस बहस होती है, बहुत तार्किक बहस होती है, पॉइंट पॉइंट बात रखे होती है, लिकिन आप ऐसे लगता है, बड़
15:20अगर आप monotonous tone में बात करोगे, तो judge boards, audience board, और हमारी जब केस चलती है, जब महीं केसे जो चलाता हूँ, वो बहुत पॉब्लिक सेंसेशनल मैंटर्स रहते हैं, जहां भी जाता हूँ, वहां पॉब्लिक audience रहते है कि केस मुनने में क्या है, और लोगों के दिमाख में जो ब
15:50यहां मैं दलील में बहुत विश्वास रखता हूँ, किस प्रकार के आप दलील करते हूँ, सरा आपकी personality ऐसी है, जो अचंभीत करती है, कि आप बहुत serious काम करते हैं, बहुत serious profession, और आपका जो विवहार है, उसमें बहुत जॉली पन है, तो यह कैसे होता है, serious काम लेकिन वि
16:20मेरा witness एक ordinary रहता है, illiterate रहता है, गवादा, वो murder trial में आई witness रहता है, तो उसको यह तरह से तुमने बताना चाहिए, कि how you will be grilled in the cross examination, यह कोई लोग कहते हैं कि पढ़ाना गलत है, हम पढ़ा दे नहीं है, हम उसको basic structure देते हैं कि भाई, तुमारा बयान जो इस आधार पे है,
16:50महस हमापत हो गया है, राजनीती रास आ रही है आपको, क्या कह रहा है, राजनीती रास आ रही है, अच्छा लग रहा है आपको, राजनीती रास, राजनीती पसंद आ रही है आपको, अभी बहुत सवाल यह आपने पूछा, यह मैं तो कभी राजनीती में उल्जा नहीं ह
17:21काम होता है और मुझे अच्छा नहीं लगता कि एक में कुबा अलग-अलग आप लेकिन परसंद में यह मानता हूं कि हमारा देश देखता है पुरी जंदा देखती है कि हमारा संसत क्या काम करता है कोई
17:38तो मैं राजनीटी को एक अभी तो मैं स्टडी के तुर में देख रहा हूँ अभी तो मुझे चारपास में नहीं हुए आप विद्यारती हैं
17:51विद्यारती हो लेकिन मैं एक विशिष नहीं करूंगा कि राजनेता पर हूँ चले उज्वल निकम जी आपने आज तक को समय दिया आप मुबई मंधन का हिस्ता बने थैंक्यू सो मच बहुत शुक्रिया और सर हम आगे बढ़ें से पहले की पचास साल पूरे हो गया इंडिय
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